श्रीमद् भागवत कथा का चतुर्थ दिवस……यदि संसार में मां न होती,तो न रघुनाथ होते और न ही कान्हा,पृथ्वी पर जितने भी जीव हैं,सबकी जननी मां है-गोविंदजाने,आलकी की पालकी-जय हो कन्हैयालाल की,के जयकारों से गुंजा कथा पांडाल,धूमधाम से मनाया गया कृष्ण जन्मोत्सव
आष्टा। नगर में चल रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पंडाल में पहुंचे। पूरा वातावरण “आलकी की पालकी जय…