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आष्टा। गणतंत्र दिवस 26 जनवरी के अवसर पर मुख्य समारोह स्थल डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ग्राउंड पर होने वाले रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रशासन द्वारा निर्णायक टीम में दो विभागों की दो जिम्मेदार पदों पर आसीन महिला अधिकारियों को नियुक्त किया गया था और इस संबंध में उन्हें विधिवत सूचना पत्र के माध्यम से एवं मोबाइल के माध्यम से जानकारी दी गई थी ।

लेकिन दोनों महिला अधिकारीयो ने राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस को काफी हल्के में लिया और दोनों महिला अधिकारी जिन्हें कार्यक्रम स्थल पर प्रातः 8.30 बजे उपस्तिथ होने के निर्देश दिये थे लेकिन दोनों महिला अधिकारी निर्धारित समय से 2 घंटे बाद कार्यक्रम स्थल पर पहुंची।

जिसके कारण प्रशासन को दो नायब तहसीलदारों को उनके स्थान पर निर्णायक बनाना पड़ा था। सही निर्णय सांस्कृतिक कार्यक्रम का नहीं होने के कारण कार्यक्रम में भाग लेने वाले एक प्रमुख विद्यालय के संस्था प्रमुख ने इस संबंध में मंच पर

ही एसडीएम एवं जनपद के सीईओ के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराई जो अखबारों और सोशल मीडिया की सुर्खियां बन गई थी । वही मंच पर उपस्थित अतिथियों सहित जनता का मत भी उक्त विद्यालय के पक्ष में था।

इस मामले को संज्ञान में लेते हुए एसडीएम नितिन कुमार टाले ने निर्णायक के पद पर नियुक्ति की गई विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती सलोनी शर्मा एवं कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सुश्री मृगी अग्रवाल को कारण बताओ नोटिस जारी किए और उसमें यह भी उल्लेखित किया गया है कि आपके द्वारा राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस के अवसर पर

आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के निर्णायक दल के दायित्व का समय पर उपस्थित रहकर निर्वहन नहीं किया गया तथा कार्यक्रम स्थल पर प्रातः 8.30 बजे के स्थान पर 10:30 बजे पहुंची जिससे सांस्कृतिक कार्यक्रमों के पुरस्कार वितरण में विसंगति रही। जिससे विवाद की स्थिति निर्मित हुई ,ओर इससे शासन- प्रशासन की छवि धूमिल हुई है।

आपके द्वारा उक्त आदेश का जानबूझकर स्पष्ट उल्लंघन किया गया है तथा झंडावंदन कार्यक्रम में भी अनुपस्थित रहकर राष्ट्रीय प्रतीकों का अनादरण किया जाना पाया गया है।

आपका उपरोक्त कृत्य राष्ट्रीय पर्व एवं राष्ट्रीय प्रतीकों की अवमानना, कर्तव्य के प्रति लापरवाही स्वेच्छिता एवं वरिष्ठ अधिकारी के आदेश की अवहेलना तथा कदाचरण का द्योतक है। जो मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3,(1) (2) एवं (3) के उल्लंघन का दोष सिद्ध करता है।

“काशिप संगीत कला केंद्र की पूर्व छात्रा बेटी चैताली माथुर को मिला स्वर्ण पदक,सभी ने दी बधाई”

काशिप संगीत कला केंद्र की पूर्व छात्रा बेटी चैताली माथुर को स्वर्ण पदक मिलने पर केंद्र की ओर से सभी ने चैताली माथुर को बधाई दी है ।

काशिप संगीत कला केंद्र के रामश्री वादी ने बताया की हाल ही में बेटी चैताली माथुर ने खैरागढ़ यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री में यूनिवर्सिटी टॉप किया है। बेटी चैताली को छत्तीसगढ़ के राज्यपाल द्वारा स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ।

चैताली ने आष्टा को गौरव दिलाया हैं। काशिप संगीत कला केंद्र की ओर से चैताली माथुर को सभी ने बधाई दी हैं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की हैं। बेटी चैताली आष्टा निवासी महेश-नम्रता माथुर की बेटी है ।

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