ये घुंघरू जो बजते नही….ऊंट कब किस करवट बैठेगा,कह नही सकते,क्योकि ऊंट का कोई भरोसा नही होता है….लेकिन अब भी समय है,परिवार-समाज की ओर देखे-सब बैठे, विचार करे ओर निर्णय ले……
ऊंट कब किस करवट बैठेगा यह एक प्रचलित हिंदी कहावत है । इसमें “ऊँट” और “करवट” खास है । इसका मतलब यह है की ऊँट के बैठने का ढंग ऐसा…