आजादी के बाद से इस देश और प्रदेश में अधिकांश समय कांग्रेस ने राज किया लेकिन विकास के नाम पर कुछ नही किया,मीठे ओर लच्छेदार भाषणों, झूठी घोषणाओं से जनता को केवल कांग्रेस ने ठगा है,इस कांग्रेस को जितना अंदर से ओर बहार से में जनता हु,पहचानता हु उतना शायद ही कोई और जनता होगा ।

कांग्रेस झूठ की एक बड़ी दुकान है ।
उक्त उदगार विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने आज ग्राम चुपाडिया में 62 लाख 50 हजार की लागत से बनने वाले सामुदायिक मांगलिक भवन(25 लाख का) एवं पंचायत भवन(37.50 लाख का) के भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहे ।


विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने कहा की जब से देश और प्रदेश में भाजपा की सरकार सत्ता में आई डबल इंजन की सरकार द्वारा विकास का इतिहास लिखा है । विधायक ने आज अपने भाषण में चुपाडिया पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि मुकेश परमाल की तारीफ की की मुकेश हमेशा ग्राम में विकास के लिये लड़ता है और आज जो 62 लाख के जो विकास के कार्य हो रहे है इसका पूरा श्रेय मुकेश के संघर्ष को जाता है ।


विधायक ने कहा
आज विधानसभा क्षेत्र के ग्राम चुपाड़िया में मांगलिक भवन का भूमिपूजन किया। यह भवन बनने के बाद ग्रामवासियों के लिए सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजनों को करने के लिये बड़ी सुविधा प्रदान करेगा । इससे टेंट लगाने के खर्चे में ग्रामीणों को बचत होगी । विधायक ने इस अवसर पर केंद्र और राज्य सरकार की जनहितकारी योजनाओं से सभी को अवगत कराया ।


भूमिपूजन कार्यक्रम को भाजपा जिला उपाध्यक्ष धारासिंह पटेल,जिला पंचायत उपाध्यक्ष जीवनसिंह मंडलोई,जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि सोनू गुणवान,कोठरी मंडल अध्यक्ष देवजी पटेल,विष्णु परमार सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया ।

इस अवसर पर ग्राम पंचायत चुपाडिया की सरपंच सुनीता परमाल के प्रतिनिधि मुकेश परमाल ने ग्राम के विकास की कुछ मांगे भी विधायक के समझ रखी । ग्राम पहुचने पर ग्रामीणों ने विधायक गोपालसिंह इंजीनियर सहित सभी अतिथियों की भव्य अगवानी कर भव्य स्वागत सम्मान किया


विधायक गोपालसिंह इंजीनियर द्वार ग्राम पंचायत चुपाडिया को 62.50 लाख के विकास कार्यो की सौगात देने पर ग्रामीणों ने पंचायत की ओर से विधायक का तुलादान कर आभार व्यक्त किया । आयोजित कार्यक्रम में अनिल राजपूत,जगदीश चौहान,हरिसिंह,रामनाथसिंह,ओंकारसिंह,कंवरलाल,देवीसिंह जी सहित अन्य जनप्रतिनिधि,ग्रामीण जन आदि बड़ी संख्या में उपस्तिथ रहे

“वर्षो की समस्या एवं मांग का आष्टा नपा ने किया निराकरण,वार्ड 16 में ब्रह्मकुमारीज शांति सरोवर पहुंच मार्ग का हुआ भूमिपूजन”
नगरपालिका द्वारा जहां नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं का ध्यान रखकर निर्माण व विकास कार्य किया जा रहा है, वहीं धार्मिक स्थलों पर भी सुविधाएं मुहैया की जा रही है। इसी कड़ी में आज सेमनरी रोड़ स्थित ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की स्थानीय संस्था शांति सरोवर तक पहुंच मार्ग निर्माण कार्य का भूमिपूजन संपन्न हुआ।


सीसी रोड़ निर्माण कार्य का भूमिपूजन माउनटाबू ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की प्रमुख शारदा दीदी, विधायक गोपालसिंह इंजीनियर, नपाध्यक्ष श्रीमती हेमकुंवर मेवाड़ा, नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा, वार्ड पार्षद रवि शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, भाजपा नेतागणों द्वारा किया गया।

भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने कहा कि नगर सहित आष्टा अंचल में निर्माण कार्यो का सिलसिला लगातार जारी है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार जहां गरीब नागरिकों को बल देने के लिए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं बनाकर उन्हें लाभान्वित कर रही है, वहीं तीव्र गति से विकास कार्य भी करा रही है।


नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि लंबे अर्से से स्थानीय आश्रम की संचालिका कुसुम दीदी द्वारा सीसी मार्ग की मांग की जा रही थी, जिसे नपाध्यक्ष श्रीमती हेमकुंवर मेवाड़ा की दृढ़ इच्छाशक्ति व परिषद के सहयोग से आज पूर्ण हुई है। नगरपालिका द्वारा आम नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने के साथ-साथ धार्मिक स्थलों पर भी सुविधाएं जुटाने का काम किया जा रहा है।

इसी का परिणाम है कि नगर की धरोहर खेड़ापति मंदिर पर गत माह ही प्रकाश व्यवस्था के लिए हाई मास्ट लाईट स्थापित की गई, वहीं कमल तालाब व काला तालाब के जीर्णोद्धार का कार्य प्रगति पर है। वर्तमान में जीवन दायिनी मां पार्वती नदी के सौंदर्यीकरण हेतु घाट का व्यवस्थित निर्माण कार्य जारी है।

इस अवसर पर राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य संजीव सोनी पांचम,भाजपा वरिष्ठ नेता नगीनचंद्र जैन, प्रदीप धाड़ीवाल, भाजपा जिला महामंत्री तारा कटारिया, भाजपा जिला उपाध्यक्षद्वय धारासिंह पटेल, रूपेश राठौर, जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि सोनू गुणवान, नगर मंडल अध्यक्ष प्रतिनिधि विशाल चौरसिया, हिउस अध्यक्ष नारायण भूरू मुकाती,

नपाउपाध्यक्ष प्रतिनिधि भूरू खां, पार्षद तेजपाल मुकाती, डॉ. सलीम खान, अरशद अली, गिरजा कुशवाह,वरिष्ठ पत्रकार सुशील संचेती, मनोहर भोजवानी, सुरेश परमार, युमो नगर अध्यक्ष मनीष धारवां, नीलेश खंडेलवाल, बसंत पाठक, पवन वर्मा, जुगलकिशोर मालवीय, पूर्व नपाध्यक्षद्वय कैलाश परमार,


डॉ. मीना सिंगी, अनिल धनगर, भगवत मेवाड़ा, आनंद गोस्वामी, प्रदीप राठौर, शिवनारायण मेवाड़ा, दूलीचंद कुशवाह, श्रीमती चंदा वोहरा,श्रीमती भगवती सोनी, मंजू राठौर, श्रीमती संगीता शर्मा, श्रीमती संगीता सोनी, सहायक यंत्री आकाश गुयतर, उपयंत्री अनिल धुर्वे, सतीश मेवाड़ा सहित बड़ी संख्या में शांति सरोवर के सदस्यगण मौजूद थे। संचालन कुशलपाल लाला ने किया तथा आभार पार्षद रवि शर्मा ने व्यक्त किया।

“जिस घर में बेटी का वास है, समझो वहां ईश्वर का निवास है।
24 जनवरी 2025 को विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन”
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सीहोर के निर्देशानुसार एवं श्री विजय डांगी, जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष तहसील विधिक सेवा समिति, आष्टा जिला सीहोर में के मार्गदर्शन में श्रीमती ऋचा जैन, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, आष्टा जिला सीहोर के द्वारा 24 जनवरी 2025 को राष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य में ग्रीन फील्ड स्कूल, आष्टा में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें श्रीमती जैन ने कहा कि राष्ट्रीय बालिका दिवस हमें याद दिलाता है कि एक समाज तब तक विकसित नहीं हो सकता जब तक उसकी महिलाएं सशक्त न हों।

आज भी भारत के कई हिस्सों में कन्या भ्रूण हत्या और बाल विवाह जैसी कुप्रथाएं मौजूद हैं। बदलाव तब आएगा जब हम अपनी सोच बदलेंगे। एक शिक्षित बेटी पूरे परिवार और समाज को शिक्षित करती है। उक्त कार्यक्रम में डायरेक्टर श्री धर्मेन्द्र गौतम, प्राचार्य प्रियंका गौतम, उपप्राचार्य पूजा शर्मा, शिक्षक गण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहें।
“बेटियां हैं कुदरत का उपहार, जीने का दो इनको अधिकार”

“आत्मा को भूलकर पर में उलझा व्यक्ति अपनी दुर्गति की तैयारी करता है — मुनिश्री विश्वसूर्य सागर”
नगर के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन दिव्योदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र किला मंदिर पर विराजमान मुनिश्री विश्वसूर्य सागर मुनिराज ने दस दिवसीय ‘निजानंद ज्ञानामृत सम्यकज्ञान साधना शिक्षण शिविर’ के पांचवें दिन धर्मसभा को संबोधित करते हुए गहन आध्यात्मिक विचार रखे। मुनिश्री ने कहा कि व्यक्ति यह कहते हुए भ्रम में जी रहा है कि मैं करता हूं और मेरा अनादर हो रहा है। ऐसा कहकर वह अपनी आत्मा को ही खराब कर रहा है और अपनी दुर्गति की तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति इस पृथ्वी पर आया था, तब वह जन्म देने वाली माता को भी नहीं पहचानता था, लेकिन आज वह स्वयं को ही भूल गया है और पर-पदार्थों में उलझा हुआ है। स्थिति यह है कि मां को भी कहना पड़ रहा है कि बेटा, तुम हमारे हो।

मुनिश्री ने वर्तमान समाज पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज व्यक्ति मन और धन का कर्ता बनकर पूरी जिंदगी उसी में निकाल देता है। वह स्वयं की चिंता नहीं करता, बल्कि बच्चों, परिवार और पर के लिए ही जीवन खपा देता है। आत्मकल्याण की ओर उसका ध्यान नहीं है। उन्होंने कहा कि जब जीव नरक में था, तब वह प्रभु से प्रार्थना करता था कि एक बार मुझे यहां से निकाल दो, मनुष्य भव मिल जाए तो फिर कभी ऐसा नहीं करूंगा, लेकिन मनुष्य पर्याय मिलने के बाद भी उसने इसे पर-पदार्थों में ही नष्ट कर दिया। मुनिश्री ने कर्म सिद्धांत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आत्मा पर-पदार्थों की कर्ता नहीं है। चेतन और पुद्गल के भेद को समझना आवश्यक है। आपके भावों की परिणति के कारण ही आप मनुष्य भव में बैठे हैं। यह जीव शुद्ध भावों का कर्ता है। यदि व्यक्ति पर-द्रव्यों का कर्ता बनने लगे तो कर्म सिद्धांत का कोई महत्व नहीं रह जाएगा। यदि कर्म नहीं होते, तो संसार में सुख-दुख दिखाई ही नहीं देता।

उन्होंने कहा कि आज व्यक्ति कर्मों को भूलकर दूसरों का कर्ता बनने लगा है। यह पंचम काल है, अब व्यक्ति को सोचना चाहिए कि वह अपना भला कब करेगा। मनुष्य पर्याय ही ऐसी है, जिसमें आत्मा को परमात्मा बनाया जा सकता है, अन्य किसी पर्याय में नहीं। व्यक्ति आज संसार की व्यवस्थाएं बनाने में जुटा है, लेकिन स्वयं पर ध्यान नहीं दे रहा। जब शरीर काम करना बंद कर देगा, तब आत्म कल्याण की चिंता सताएगी।मुनिश्री ने कहा कि जिस व्यक्ति को कर्म सिद्धांत पर विश्वास है,वह अपने धर्म सिद्धांत से कभी विचलित नहीं होता। ज्ञानी व्यक्ति ही धर्म की बात सोचता है, अज्ञानी नहीं। धर्मात्मा व्यक्ति भूखा रह सकता है, लेकिन अधर्म का धन स्वीकार नहीं करता। कर्म किसी को नहीं छोड़ते, वे अपना प्रभाव अवश्य दिखाते हैं। अंत में उन्होंने कहा कि यदि अपनी आत्मा का भला और कल्याण चाहते हो, तो धर्म की छाया में आकर आत्मकल्याण का मार्ग अपनाओ, क्योंकि तीनों काल में इससे श्रेष्ठ कुछ भी नहीं है।

“आहार एवं व्यवहार की शुद्धता ब्रह्मकुमारी परिवार से सीखी है, कैलाश परमार पूर्व नपाध्यक्ष”
प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की राजयोगिनी शारदा दीदी का किलेरामा में आष्टा के प्रवेश द्वार पर पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष कैलाश परमार ने कुमकुम के टीके, पुष्प माला पहना कर शाल उड़ाकर चरणों में दंडवत नमन करते हुए स्वागत कर कहा कि कि हमने आहार एवं व्यवहार कि शुद्धता ब्रह्मकुमारी परिवार से सीखी है ।


इस अवसर पर राजयोगिनी दीदी ने अपने सम्बोधन में कहा कि सर्वोच्च शक्ति ईश्वर है जो सर्वोपरि और सर्वव्यापी है उस सर्वोच्च शक्ति से बढकर कोई नहीं है हम सब उसे ही परमात्मा कहते है उसका नाम ही शिव है जो कल्याणकारी है निराकार है वै ज्ञान शांति आनंद सुख और पवित्रता के सागर है

यह श्रष्टि चक्र अनादि एवं अविनाशी है वर्तमान समय कलयुग का अंत और सतयुग का आरम्भ है दीदी ने आगे कहा कि ब्रह्मा कुमारी परिवार कि शिक्षाएं एक जीवन शैली सिखाती है जो व्यक्ति के मन विवेक स्वभाव को बेहतर बनाती है जो व्यसनों को त्याग करवा कर समाज में उपयोगी बनाता है

व्यसनों के त्याग से व्यक्ति का जीवन धन्य हो जाता है। इस अवसर पर अंचल प्रमुख पंचशीला दीदी, आष्टा ब्रह्म कुमारी परिवार कि प्रमुख कुसुम दीदी, नीलिमा दीदी, रमेश पिपलोदिया, कन्हैयालाल परमार,शुभम शर्मा, मुकेश चावड़ा , सुरेन्द्र सिंह परमार एडवोकेट,वीरेंद्र सिंह परमार एडवोकेट, जसवीर सिंह , मनमोहन सिंह उपस्थित रहे ।
























