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77 वॉ गणतंत्र दिवस आज आष्टा विधानसभा क्षेत्र में उत्साह उमंग के साथ मनाया जायेगा । आष्टा विधायक गोपालसिंह इंजीनियर आज गणतंत्र दिवस पर प्रातः कोठरी में गणतंत्र दिवस पर विभिन्न संस्थाओं में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रमो में शामिल होंगे ।

कोठरी के बाद विधायक गोपालसिंह इंजीनियर आष्टा में आष्टा अपोलो हॉस्पिटल पर आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल हो कर ध्वजारोहण करेंगे यहा से वे विधायक कार्यालय पहुचेंगे एवं कार्यालय पर सभी भाजपा कार्यकर्ताओं की उपस्तिथि में ध्वजारोहण करेंगे ।

यहा के बाद विधायक जी कन्नौद रोड पर स्तिथ मालवीय समाज धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे एवं ध्वजारोहण करेंगे,यहा से वे
आष्टा के डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी ग्राउंड पर आयोजित मुख्य समारोह में शामिल होंगे ।
विधायक श्री गोपालसिंह इंजीनियर ने सभी नागरिको को 77 वे गणतंत्र दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी है ।

“आहार एवं व्यवहार की शुद्धता ब्रह्मकुमारी परिवार से सीखी है, कैलाश परमार पूर्व नपाध्यक्ष”

प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की राजयोगिनी शारदा दीदी का किलेरामा में आष्टा के प्रवेश द्वार पर पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष कैलाश परमार ने कुमकुम के टीके, पुष्प माला पहना कर शाल उड़ाकर चरणों में दंडवत नमन करते हुए स्वागत कर कहा कि कि हमने आहार एवं व्यवहार कि शुद्धता ब्रह्मकुमारी परिवार से सीखी है ।

इस अवसर पर राजयोगिनी दीदी ने अपने सम्बोधन में कहा कि सर्वोच्च शक्ति ईश्वर है जो सर्वोपरि और सर्वव्यापी है उस सर्वोच्च शक्ति से बढकर कोई नहीं है हम सब उसे ही परमात्मा कहते है उसका नाम ही शिव है

जो कल्याणकारी है निराकार है वै ज्ञान शांति आनंद सुख और पवित्रता के सागर है यह श्रष्टि चक्र अनादि एवं अविनाशी है वर्तमान समय कलयुग का अंत और सतयुग का आरम्भ है दीदी ने आगे कहा कि ब्रह्मा कुमारी परिवार कि शिक्षाएं एक जीवन शैली सिखाती है जो व्यक्ति के मन विवेक स्वभाव को बेहतर बनाती है

जो व्यसनों को त्याग करवा कर समाज में उपयोगी बनाता है व्यसनों के त्याग से व्यक्ति का जीवन धन्य हो जाता है। इस अवसर पर अंचल प्रमुख पंचशीला दीदी, आष्टा ब्रह्म कुमारी परिवार कि प्रमुख कुसुम दीदी,

नीलिमा दीदी, रमेश पिपलोदिया, कन्हैयालाल परमार,शुभम शर्मा, मुकेश चावड़ा , सुरेन्द्र सिंह परमार एडवोकेट,वीरेंद्र सिंह परमार एडवोकेट, जसवीर सिंह , मनमोहन सिंह उपस्थित रहे

“आत्मा केवल अपने कर्मों की कर्ता है और उन्हीं कर्मों का फल उसे स्वयं भोगना पड़ता है — मुनिश्री विश्वसूर्य सागर”

नगर के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन दिव्योदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र किला मंदिर में विराजमान मुनिश्री विश्वसूर्य सागर मुनिराज ने दस दिवसीय ‘निजानंद ज्ञानामृत सम्यकज्ञान साधना शिक्षण शिविर’ के छठे दिन धर्मसभा को संबोधित करते हुए कर्म सिद्धांत, कर्तृत्व भाव और अहंकार पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि व्यक्ति यह मान लेता है कि वह सब कुछ कर रहा है, जबकि वास्तव में आत्मा परिवार, पुत्र या सांसारिक संबंधों की कर्ता नहीं है। आत्मा केवल अपने कर्मों की कर्ता है और उन्हीं कर्मों का फल उसे स्वयं भोगना पड़ता है।


मुनिश्री ने कहा कि कर्म किसी दूसरे ने नहीं बांधे, बल्कि स्वयं जीव ने बांधे हैं, इसलिए कर्मों का उदय भी स्वयं को ही सहना होता है।हर द्रव्य स्वतंत्र है और हर द्रव्य का परमाणु उसी द्रव्य में कार्य करता है। यह मान लेना कि कोई दूसरा हमारे कर्मों का कारण है, अहंकारजन्य बुद्धि का परिणाम है।

कर्म सिद्धांत को समझे बिना व्यक्ति दोष दूसरों पर मढ़ता रहता है।मुनिश्री विश्वसूर्य सागर मुनिराज ने आगे कहा कि आज स्थिति यह है कि व्यक्ति संसार के कार्यों के लिए अज्ञानी नहीं है, लेकिन धर्म के नाम पर अज्ञानी बना हुआ है। संसार के काम करने और कर्म बांधने में स्वयं को ज्ञानी मानता है,

किंतु आत्मकल्याण के लिए उसका ज्ञान काम नहीं करता। आत्मोन्नति के लिए व्यक्ति को अपनी परिणति स्वयं बदलनी होगी,भगवान और मुनि किसी के कर्म नहीं बदल सकते। मुनिश्री ने स्पष्ट किया कि यदि संसार के कार्यों में भी कर्ता बन गए तो कर्म सिद्धांत ही समाप्त हो जाएगा।

आज समाज में पुत्र पिता की बात नहीं मानता—यह सब कर्मों का ही खेल है, जो स्पष्ट दिखाई देता है, फिर भी व्यक्ति उसे समझना नहीं चाहता।आज अहंकार और ‘मैं’ की बुद्धि बढ़ती जा रही है। जैसे ही व्यक्ति अहंकार छोड़ता है, उसके कष्ट स्वतः दूर होने लगते हैं, क्योंकि कष्टों का कर्ता कोई और नहीं, स्वयं व्यक्ति ही है।

उन्होंने आदिनाथ भगवान का उदाहरण देते हुए कहा कि मुनि अवस्था में उनके कर्मों का भी उदय हुआ था, जिसके कारण उन्हें छह महीने तक आहार के लिए भटकना पड़ा। इससे स्पष्ट है कि कर्मों का नियम सर्वमान्य है। व्यक्ति शुभ-अशुभ भावों के माध्यम से कर्मों का बंधन करता है। जैन दर्शन परिवार के संदर्भ में कर्म सिद्धांत को समझाने का आग्रह करता है—मुखिया का कर्तव्य है कि परिवार की व्यवस्था बनाए, क्योंकि पूर्व जन्मों के संबंधों के कारण ही कोई माता, कोई पुत्र, पुत्री या भाई के रूप में मिला है।मुनिश्री ने कहा कि आज मानव की प्रवृत्ति ममत्व, मोह और अहंकार से संचालित हो रही है।

कर्ता बुद्धि में जीना आत्मा की दुर्गति का कारण बनता है। जितना अधिक अहंकार बढ़ेगा, उतनी ही आत्मा की अधोगति होगी। उन्होंने राजा दशरथ और भगवान राम का उदाहरण देते हुए कहा कि राजतिलक की सारी तैयारियां एक क्षण में धराशायी हो गईं और अगले ही दिन वनगमन की तैयारी हो गई—यह सब कर्मों के विधान का ही परिणाम था।धर्मसभा में उपस्थित श्रद्धालुओं ने मुनिश्री के उपदेशों को गंभीरता से श्रवण किया और आत्मचिंतन की प्रेरणा प्राप्त की।

“मरणोपरांत देहदान करने पर स्वर्गीय मनोहर लाल माहेश्वरी को राजकीय सम्मान, ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ के साथ दी गई विदाई”

इंदिरा नगर, मंडी सीहोर निवासी श्री मनोहर लाल माहेश्वरी ( इंदौरी टेलर) के निधन के पश्चात उनके परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छानुसार देहदान की। मध्य प्रदेश शासन द्वारा दिनांक 1 जुलाई 2025 को जारी परिपत्र में दिए निर्देशानुसार देहदान अथवा हृदय/लीवर/गुर्दे का अंगदान करने वाले नागरिकों के पार्थिव शरीर को गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया जावे ।

इसी क्रम में आज स्वर्गीय श्री मनोहर लाल जी माहेश्वरी के योगदान के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा उन्हें राजकीय सम्मान ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विधायक सुदेश राय, जनप्रतिनिधि सीताराम यादव, आशीष गहलोत, मंडल अध्यक्ष सुदीप सम्राट, माहेश्वरी समाज के अध्यक्ष श्याम मेहता, सिविल सर्जन डॉ. यू.के. श्रीवास्तव सहित माहेश्वरी समाज के अनेक प्रबुद्ध नागरिक एवं उनके परिजन उपस्थित रहे।

“मन की बात कार्यक्रम बूथ क्रमांक 221 पर सुना गया”

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रेडियो कार्यक्रम मन की बात का 130 वां एपिसोड आष्टा नगर मंडल के बूथ क्रमांक 221 पर बूथ अध्यक्ष सुरेश परमार के नेतृत्व में वरिष्ठ भाजपा नेता मनोहर भोजवानी के निवास पर सुना गया । इस अवसर पर श्रीमती नीलिमा बैरागी, सुशील संचेती, सुरेश परमार, मनोहर भोजवानी, पार्षद प्रतिनिधि तेजपाल कल्लू मुकाती,अनिल धनगर एवं दुलीचंद कुशवाहा सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे

“कलेक्टर ने नागरिकों को दीं गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं”

कलेक्टर बालागुरू के. ने 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिले के समस्त नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी है। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस हमारे संविधान, लोकतंत्र और देश की एकता एवं अखंडता का प्रतीक है। यह दिन हमें स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और संविधान निर्माताओं के आदर्शों को स्मरण करने का अवसर देता है। कलेक्टर बालागुरू के. ने कहा कि संविधान ने हमें समानता, न्याय और अधिकार प्रदान किए हैं तथा इसके साथ ही अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा भी दी है।

उन्होंने जिलेवासियों से आह्वान किया कि सभी नागरिक आपसी सद्भाव, भाईचारे और सहयोग की भावना के साथ मिलकर जिले के विकास में सक्रिय सहभागिता निभाएं। कलेक्टर ने कहा कि जनसहयोग और आपसी भाईचारे की भावना के साथ सीहोर जिला निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहेगा और राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा

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