होलिका दहन के साथ ही आज से परंपरा अनुसार 5 दिवसीय होली उत्सव की शुरुआत हुई । रात्रि मर होलीका पूजन के बाद प्रातः होलिका दहन किया गया एवं धूलंडी का पर्व मनाया गया । धुलेंडी पर्व नगर में पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया ।

धुलेंडी पर नगर में परंपरागत हिंदू उत्सव समिति की गैर श्रीराम मंदिर से निकाली गई, जिसमें विधायक गोपालसिंह इंजीनियर शामिल हुए एवं शोक गैर के साथ विधायक गोपालसिंह इंजीनियर,हिन्दू उत्सव समिति के अध्यक्ष भुरू मुकाती सहित समस्त कार्यकर्ताओं के साथ आष्टा नगर में उन परिवारों के बीच पहुंचे जहां पर इस वर्ष गमी की होली थी ।

गमी वाले परिवारों में बीच पहुंचकर विधायक सहित सभी सदस्यो ने रंग गुलाल किया । विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने क्षेत्र के समस्त नागरिकों को होली की बधाई एवं शुभकामनाएं दी ।
“शुभ मुहूर्त में 100 से अधिक स्थानो पर आष्टा में हुआ होलीका दहन
प्रातः 9 बजे राम मंदिर से निकली शोक गैर, गंज में हुलियरो को खिलाये पोहे
194 परिवारों में पहुची शोक गैर”

आष्टा की परम्परा अनुसार नगर में आज प्रातः 5 बजे 100 से अधिक स्थानों पर होलिका दहन किया गया । प्रातः मोहल्ले के हिसाब से नागरिक होलिका स्थल पर पहुचे एवं होलिका का विधि विधान से पूजन कर जलती होली में गेहूं की बाली सेकी ।

धुलेंडी के साथ ही आज से रंगपंचमी तक नगर में हर्षोल्लास के साथ पांच दिवसीय होली पर्व शुरू हुआ । हिन्दू उत्सव समिति की प्रबंध समिति द्वारा लिये गये निर्णय अनुसार 3 मार्च को होलिका दहन पश्चात प्रातः 9 बजे शोक गैर निकाली गई,जिसमे 194 गमी वाले घरो पर गैर पहुची ओर गमी वाले परिवारों में पहुंचकर रंग गुलाल किया गया ।

शोक गैर में विधायक गोपालसिंह इंजीनियर भी शामिल हुए और गमी वाले परिवारों के बीच पहुचे । 4 मार्च बुधवार को बड़ा बाजार में, 5 मार्च को बुधवारा में, 6 मार्च को नजरगंज में, 7 मार्च को भाऊ बाबा मंदिर व कॉलोनी चौराहे पर तथा 8 मार्च रविवार को रंगपंचमी मनाई जावेगी। रंगपंचमी का जुलूस अस्पताल चौराहा परदेशीपुरा से प्रारम्भ होकर बुधवारा,गल चौराहा,मानसभवन, सुभाष चौक से नजरगंज, सिकंदर बाजार,बड़ा बाजार से होकर पुरानी सब्जी मंडी में समापन होगा।

हिन्दूत्सव समिति अध्यक्ष भुरू मुकाती ने सभी नागरिको से अपील की है,कि होली का त्यौहार हर्ष उल्लास व भाईचारे के साथ मनाये । नगर पालिका,बिधुत विभाग,पुलिस प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाए की है तथा नगरवासियों से अपील की है की कोई भी नशा करके वाहन न चलावें, फालतू की हुदडंगबाजी न करें। पुलिस पूरी तरह चौकस है तथा सभी गतिविधियों पर नजर रखे हुए है ।
“आष्टा नगर में होलिका दहन के पश्चात शोकाकुल परिवार में पहुंचा सकल हिंदू समाज, रंग-गुलाल कर दी सांत्वना”
नगर में होलिका दहन के उपरांत सकल हिंदू समाज अध्यक्ष नरेन्द्र कुशवाह,सभी पदाधिकारी एवं समाजजन शोकाकुल परिवार के यहां पहुंचे। परंपरा अनुसार गेर एवं रंग-गुलाल कर गमी का कार्यक्रम सम्पन्न किया गया।

ढोल-नगाड़ों एवं होली गीतों के साथ बड़ी संख्या में पुरुष वर्ग एवं मातृशक्ति उपस्थित रही। सभी ने मिलकर शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देते हुए होली पर्व की सामाजिक एकता एवं समरसता का संदेश दिया।
“मुनि श्री भूतबलि सागर जी महाराज का द्वितीय समाधि दिवस 5 मार्च को गुरु स्मरण दिवस के रूप में मनाया जायेगा
पंचपरमेष्ठी महामण्डल विधान पूजन व गुरु गुणानुवाद पूजन होगी सम्पन्न”
नगर के जन जन में धर्म की अलख जगाने वाले युवाओं को सदमार्ग दिखाने वाले समाधि सम्राट मुनि श्री भूतबलि सागर जी महाराज का द्वितीय समाधि दिवस हिंदी तिथि के अनुसार चैत्र कृष्ण दूज 5 मार्च गुरुवार को समाज द्वारा बड़े भक्ति भाव के साथ मनाया जाएगा ।
दिगम्बर जैन पंचायत समिति के शरद जैन ने बताया कि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य समाधि सम्राट पूज्य मुनि श्री भूतबलि सागर जी महाराज का द्वितिय समाधि दिवस पूज्य मुनि विश्वसुर्य सागर जी मुनि श्री साध्य सागर जी महाराज व बाल ब्रम्हचारिणी मंजुला दीदी के कुशल निर्देशन में गुरु भक्तों के द्वारा मुनि श्री की समाधि स्थल दिव्योदय जैन तीर्थ किला पर पूर्ण भक्ति भाव के साथ मनाया जाएगा । पूज्य मुनि श्री की हिंदी तिथि के अनुसार चैत्र कृष्ण दूज दिनांक 26 मार्च 2024 को आष्टा के दिव्योदय जैन तीर्थ किला पर समतापूर्वक समाधि मरण हुआ था ।

समाधि दिवस के आयोजन में देश भर से गुरुभक्तों के आने के समाचार प्राप्त हुए है मुख्य आयोजन के अंतर्गत 5 फरवरी दिन गुरुवार प्रातः 6:30 बजे से मंगलास्टक पाठ नित्य शान्तिधारा अभिषेक व श्री पंचपरमेष्ठी महामण्डल विधान पूजन व गुरु गुणानुवाद पूजन सम्पन्न होगी व पूज्य मुनि संघ व मंजुला दीदी के मंगल आशीष वचन प्राप्त होंगे
दिगम्बर जैन समाज के अध्यक्ष आनंद जैन व महामन्त्री कैलाश जैन मुनि सेवा समिति के प्रमुख सन्दीप जैन धीरज जैन अरिहन्त जैन विकाश जैन अक्षय जैन आदि ने आयोजन में सपरिवार सहभागिता कर पुण्य अर्जन करने की विनती समाज जनो से की है
“फाल्गुन अष्टांहिका महापर्व का समापन, नंदीश्वर दीप महामंडल विधान में श्रद्धालुओं ने चढ़ाए सामूहिक अर्ध्य
किला मंदिर सहित नगर के जैन मंदिरों में आठ दिन तक चली भक्तिमय आराधना”
श्री दिगम्बर जैन समाज द्वारा मनाया जा रहा फाल्गुन अष्टांहिका का आठ दिवसीय महापर्व मंगलवार को भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। नगर के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन दिव्योदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र किला मंदिर सहित अन्य जैन मंदिरों में नंदीश्वर दीप महामंडल विधान आयोजित किया गया। अंतिम दिवस पर मुनिश्री साध्य सागर महाराज ने विधान के अर्ध्य बोलकर श्रद्धालुओं से सामूहिक अर्ध्य अर्पित कराए। किला मंदिर परिसर में आकर्षक विधान मांडना सजाया गया था। अष्टांहिका पर्व के दौरान प्रतिदिन भगवान का अभिषेक, शांतिधारा एवं विशेष पूजन विधि-विधान से संपन्न हुई। बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे ।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री साध्य सागर महाराज ने कहा कि पार्श्वनाथ और आदिनाथ भगवान की अतिशयकारी जिन प्रतिमाओं के सानिध्य में अष्टांहिका का महापर्व मनाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। श्रद्धालु इसी भक्ति और ऊर्जा को बनाए रखते हुए प्रत्येक वर्ष अष्टांहिका पर विधान-पूजन करें। उन्होंने कहा कि नंदीश्वर द्वीप की अकृत्रिम प्रतिमाओं की पूजा-वंदना देवगण भी करते हैं। यह महान पूजा तीन प्रहर में संपन्न होती है। अष्टद्रव्य चढ़ाकर भगवान के गुणों को आत्मसात करने का यह पावन अवसर है। जो श्रावक अपने धन-वैभव का सदुपयोग मंदिर निर्माण, पूजा-अर्चना और सेवा कार्यों में करता है, उसका वैभव उत्तरोत्तर बढ़ता है।

शुद्ध उपयोग से होगा आत्मकल्याण
मुनिश्री साध्य सागर ने कहा कि आत्मा को कर्मबंधन से मुक्त करने के लिए शुद्ध उपयोग आवश्यक है। अष्टांहिका और दशलक्षण जैसे पर्व अशुभ परिणामों से हटाकर शुभ उपयोग की ओर प्रेरित करते हैं। भगवान अमर इसलिए बने क्योंकि उन्होंने आत्मा की शुद्धि का पुरुषार्थ किया। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि परमात्मा की आराधना, मंत्र जाप और जिनेंद्र भगवान के गुणों का चिंतन आत्मकल्याण का मार्ग है। भगवान की प्रतिमा हमें पहले स्वयं को देखने और आत्ममंथन करने की प्रेरणा देती है।
सिद्धक्षेत्रों की महिमा बताई
मुनिश्री ने पंचम काल में प्राप्त पावन सिद्धक्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि सम्मेद शिखर, गिरनार, पावापुरी, कुंडलपुर जैसे तीर्थक्षेत्र मानव जीवन के लिए महान आशीर्वाद हैं। इन तीर्थों की महिमा समझकर भक्ति भाव से आराधना करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तम क्षमा, सम्यक दर्शन और गुरु भक्ति जीवन को दिशा देते हैं। भगवान और गुरु का सानिध्य मिलना सौभाग्य की बात है।

भक्ति से परिपूर्ण रहा वातावरण
पूरे आठ दिनों तक मंदिरों में भजन, विधान, अभिषेक और शांतिधारा का क्रम चला। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से अर्ध्य चढ़ाकर महापर्व का समापन किया। समाजजनों ने मंगलभावना के साथ सभी के कल्याण की कामना की।
“आष्टा और सिद्दीकगंज पुलिस की सक्रियाता से चोरी के 02 आरोपी गिरफ्तार,38 लाख का मशरूका जप्त”
दिनांक 02 मार्च को फरियादी वैभव पात्रीकर पिता प्रदीप पात्रीकर निवासी हाल चौपाटी आष्टi द्वारा थाना सिद्दीकगंज में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि वह प्राइवेट कंपनी में काम करता है उसकी कंपनी के द्वारा झरखेड़ी रोड में पाइप का गोडाउन है । उक्त गोदाम से दिनांक 01-02 मार्च के रात्री में लगभग 210 नग डीआई पाइप कीमत करीब ₹ 18 लाख अज्ञात चोरों द्वारा चोरी कर लिए हैं।

उक्त रिपोर्ट पर अप.क्र.29/2026 धारा 303(2) बीएनएस कायम किया गया । प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनिता रावत के निर्देश एवं एसडीओपी दामोदर गुप्ता के मार्गदर्शन में थाना सिद्दीकगंज पुलिस द्वारा मुखबिर सूचना एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर त्वरित कार्यवाही करते हुए दो संदेहियों को रामपुरा बढ़ कन्नौद रोड से पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की ।

दोनों ने अपने अपने नाम मोहम्मद पिता इस्लाम खान, उम्र 46 वर्ष, निवासी बुबलेडी, थाना पिनहुआ, जिला नूंह (हरियाणा) एवं ताहीर पिता सुमेर खान, उम्र 45 वर्ष, निवासी बुबलेडी, थाना पिनहुआ, जिला नूंह (हरियाणा) होना बताया एवं अपने कब्जे से चोरी गए 210 … DI पाइप कंटेनर क्रमांक HR 38 X 8282 सहित कुल कीमती लगभग ₹ 38 लाख का जप्त किया गया । प्रकरण में अग्रीम कार्यवाही जारी है । उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी गिरीश दुबे थाना आष्टा, निरीक्षक राजू सिंह बघेल, उनि सूरज परिहार, सउनि अशोक दुबे, आरक्षक 763 काव सिंह रावत, आरक्षक सुरेन्द्र राणा, आरक्षक जीवन जामले, आरक्षक हरिश डोडियार, आरक्षक राजेश राजपूत एवं सैनिक महेश वर्मा का महत्वपूर्ण योगदान रहा ।
























