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जब में ग्राम में पढाई कर उच्च पढ़ाई के लिये भोपाल गये ,महानगर का स्तर,रहन सहन देखा तब मन मे विचार आया की हमारे लोग ग्रामो में किस तरह समस्याओं के बीच,साधनों की कमी के साथ जीवन यापन करते है,तब मन मे यह विचार आया कि जब एक दिन हम कुछ बने तो ग्रामो की कायाकल्प कर सुविधाओ में वृध्दि करूंगा,ग्रामो की स्तिथि में सुधार कर साधन संपन्न बनाने के प्रयास करूंगा । पढ़ाई के बाद कांग्रेस में रह कर राजनीति की लेकिन सफलता नही मिली । जब उधर से इधर आया मतलब कांग्रेस को अलविदा कर भाजपा में शामिल हुआ तब भाजपा के देवतुल्य सभी कार्यकर्ताओं ने मुझे स्वीकार किया

पार्टी ने चुनाव लड़ाया ओर कार्यकर्ताओ ने मेरा वर्षो का वनवास खत्म कराया । आप सब के आशीर्वाद से विधायक बना और अब जो सपना ग्रामो के विकास का देखा था वो आज पूरे करने के प्रयास कर रहा हु उक्त उद्गार विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने दोनिया पंचायत के ग्राम शोभाखेड़ी में 10 लाख की लागत से बने टीन शेड के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहे ।

10 लाख की विधायक निधि से ग्राम में सभी मांगलिक,सामाजिक,धार्मिक,सांस्कृतिक कार्यक्रम ग्रामीण एक छत के नीचे कर सके की सुविधा टीन शेड का लोकार्पण विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने ग्रामीण भाजपा मंडल अध्यक्ष हरिओम पिंटू परमार,मंडल उपाध्यक्ष हरेन्द्र ठाकुर,सरपंच जितेन्द्र सिंह ठाकुर शोभाखेड़ी,खुमानसिंह पडियार,अजाबसिंह ठाकुर,बूथ अध्यक्ष हरिओम,जितेंद्र पंवार,रमेश मास्टर साहब,देवीसिंह जी, सहित अन्य नागरिको की उपस्तिथि में किया ।


आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक इंजीनियर ने कहा की मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव जी के नेतृत्व में आष्टा को लगातार विकास की सौगातें मिल रही हैं। कुछ दिनों पूर्व मुख्यमंत्री जी ने करीब 200 करोड़ के विकास कार्यो के लोकार्पण एवं भूमिपूजन जिसमे यहां दो नवीन सांदीपनि विद्यालय आष्टा एवं जावर के, एसडीएम कार्यालय, महाविद्यालय छात्रावास, 54 सामुदायिक भवन और अनेक सड़कों का लोकार्पण भूमिपूजन किया था । विधायक ने कहा की मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में हम सभी ग्रामो का पंचायतों का
सबका साथ,सबका विकास,सबका विश्वास के तहत मप्र 2047 तक विकसित भारत एवं विकसित मप्र के लक्ष्य को लेकर लगातार आगे बढ़ रहे है और विकास के कार्य कर रहे है ।

है,लगभग ढाई वर्ष से अधिक के कार्यकाल में आष्टा विधानसभा क्षेत्र में 56 मांगलिक भवन 25/25 लाख के स्वीकृत कराये है । ग्रामो में टीन शेड के निर्माण कराये गये है ताकि ग्रामीण जन कार्यक्रम आयोजित कर सके । विधायक ने कहा की हर ग्राम में नागरिको को
साफ,स्वच्छ पानी मिले इसके लिये मेरे क्षेत्र में 14 सो करोड़ की जल जीवन मिशन के द्वारा हर घर को नल से जल योजना प्रगति पर है । इससे 283 ग्राम लाभांवित होंगे । विधायक इंजीनियर ने कहा की सिंचाई के क्षेत्र में वृध्दि को लेकर मेरे क्षेत्र को नर्मदा पार्वती लिंक योजना जो कि ढाई सौ करोड़ की है का कार्य अंतिम चरण में है इस ही वर्ष के अंत तक हर खेत तक नर्मदा का पानी पहुचे ये लक्ष्य है । इससे मेरे क्षेत्र में 75 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई का रकबा बढेगा,किसानों की आय में वृध्दि होगी,मेरा क्षेत्र हरा भरा होगा । इस योजना से लगभग 268 ग्राम लाभान्वित होंगे ।

हमारे नेता हरेन्द्र ठाकुर ने आज एक सड़क की मांग की है इसको भी पूरा करेंगे । सरपंच जितेन्द्र शोभाखेड़ी ने पेबर्स ब्लॉक की मांग की है उसके लिये 05 लाख की राशि की विधायक ने घोषणा की वही हनुमान मंदिर,रामदेव एवं सीतलामाता मन्दिर के लिये भी 50 हजार की राशि की घोषणा की । आज विधायक ने दोनिया पंचायत को आदर्श ग्राम पंचायत बनाने की घोषणा करते हुए कहा कि इस पंचायत में चार ग्राम लगते है,कोई चिंता ना करे चारो ग्रामो का विकास होगा ।

हमारी सरकार की सब पर समान दृष्टि है । विकास कार्यो,जनकल्याण एवं गरीब कल्याण की योजनाओं का सभी पात्र हितग्राहियों को लाभ मिलेगा इस पंचायत के सभी 450 पीएम आवास की सूची को भी स्वीकृति मिलने वाली है सबके नाम आवास में जुड़ेंगे । विधायक ने बताया की बीते दो वर्ष में विधायक निधि 05 करोड़ से पूरे विधानसभा क्षेत्र में नागरिको की मांग पर विकास के कार्य कराये गये है ।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मातृशक्ति उपस्तिथ रहे ।

“विधायक इंजीनियर ने 2 से 8 जून तक होने वाले रुद्राक्ष महोत्सव एवं कन्या विवाह कार्यक्रम स्थल पर पहुच कर तैयारियों की समिति के साथ समीक्षा कर निरीक्षण किया
2 से 8 जून तक होने वाले आयोजन में 101 कन्याओं का होगा निःशुल्क विवाह”

नगर के कन्नौद रोड स्थित मुकाती की बावड़ी परिसर में आगामी 2 जून से 8 जून 2026 तक आयोजित होने वाली श्री बागेश्वर धाम कथा,11 लाख रुद्राक्ष वितरण महोत्सव एवं 101 कन्याओं के निःशुल्क विवाह समारोह की तैयारियों की समीक्षा एवं समिति के साथ कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करने विधायक गोपालसिंह इंजीनियर कथा स्थल पहुचे ।

कथा स्थल पर क्षेत्रीय विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने कार्यक्रम अध्यक्ष संजीव सोनी पांचम,समिति के प्रमुख मानस भवन समिति अध्यक्ष सत्यनारायण कमरिया, हिंदू उत्सव समिति अध्यक्ष भूरू मुकाती, शीतला माता मंदिर समिति अध्यक्ष दिनेश सोनी, द्वारका दादा सोनी, प्रकाश कुशवाहा, नितेश महाकाल के साथ कथा स्थल
पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया एवं समिति के सदस्यो ने जो मांग की उसको लेकर अधिकारीयो को निर्देश दिये । समिति के प्रमुख संजीव सोनी पांचम ने 2 जून से 8 जून तक के सभी कार्यक्रमो की एवं संतो के आगमन की विस्तृत जानकारी दी ।

“सुख-दुख जीवन का चक्र हैं,ये आते-जाते रहेंगे,आप केवल सम हो जाओ और सब परमात्मा को समर्पित कर दो-कमल किशोर नागर
कथा के छठवें दिन संत कमल किशोर नागर ने दिए जीवन जीने के सूत्र”

स्थानीय नवीन मंडी प्रांगण में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिवस पर मालवा माटी के संत कमल किशोर नागर महाराज ने श्रद्धालुओं को जीवन के गूढ़ रहस्यों से अवगत कराते हुए सुख-दुख में समभाव बनाए रखने का संदेश दिया। कथा पंडाल में हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में संतश्री ने कहा कि जीवन में सुख और दुख दोनों ही एक चक्र की तरह हैं, जो समय-समय पर आते और चले जाते हैं। मनुष्य को इन परिस्थितियों से विचलित होने की बजाय स्वयं को परमात्मा के चरणों में समर्पित कर देना चाहिए। संतश्री ने कहा कि मनुष्य जब हर परिस्थिति को ईश्वर की इच्छा मानकर स्वीकार कर लेता है, तब उसके भीतर अद्भुत शांति का अनुभव होता है।

उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति सुख में अहंकार और दुख में निराशा छोड़ दे, तो उसका जीवन सहज और आनंदमय बन जाता है। संतश्री ने कहा—
परमात्मा से हमेशा ऐसी प्रार्थना करना कि प्रभु सुख इतना देना कि पाँव ना छूटे और दुख इतना देना कि गाँव ना छूटे।
गुरुजी ने समझाया कि अत्यधिक सुख मनुष्य को मार्ग से भटका देता है और अत्यधिक दुख उसे तोड़ देता है। इसलिए जीवन में संतुलन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि परमात्मा मनुष्य को वही परिस्थितियां देता है, जो उसके जीवन को सही दिशा देने में सहायक होती हैं।


संतश्री ने आगे कहा कि जीवन में दुख आने पर घबराना नहीं चाहिए और सुख आने पर स्वयं को सबसे बड़ा नहीं समझना चाहिए। यदि व्यक्ति हर परिस्थिति में समभाव रखे और सब कुछ प्रभु को समर्पित कर दे, तो कोई भी दुख उसे हिला नहीं सकता और कोई भी सुख उसे भटका नहीं सकता।
कथा के दौरान संतश्री के ओजस्वी वचनों को सुन श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। पूरे कथा पंडाल में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने जयकारों और भजन-कीर्तन के साथ कथा का आनंद लिया।

“जल गंगा संवर्धन के तहत देवांचल धाम देवबडला में नेवज नदी के उद्गम स्थल पर किया श्रमदान”

शासन के निर्देशानुसार जल गंगा संवर्धन अभियान-2026 अंतर्गत जनपद पंचायत आष्टा के ग्राम एवं ग्राम पंचायत-बिलपान स्थित देवबड़ला में माँ नेवज नदी के उदगम स्थल पर पवित्र प्रचीन कुण्ड की सफाई हेतु स्वच्छता श्रमदान एवं उसके सौंदर्यीकरण का कार्य प्रारम्भ किया गया । चूकि यहाँ पर प्राचीन शिव मंदिर होने से इस पवित्र स्थल को देवाँचल धाम के नाम से भी जाना जाता है,प्रत्येक अमावस्या को आस-पास के क्षेत्र से एवं बाहर से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन होता है,जो कि वर्ष भर बहने वाले पवित्र जल कुण्ड में स्नान करते हैं ।

उक्त कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि सोनू गुणवान द्वारा जल स्त्रोतों को साफ़ -सुथरा रखने एवं प्राचीन जल स्त्रोतों को धरोहर के रूप में संरक्षित करने के लिए ग्रामीणों से आव्हान किया गया,साथ ही “जल है तो कल है एवं जल ही जीवन है” की अवधरणा पर ग्रामीणों से चर्चा की गई । जनपद पंचायत-आष्टा के मुख़्य कार्यपालन अधिकारी अमित कुमार व्यास द्वारा जल स्त्रोतों जैसे प्राचीन बावड़ी,तालाब,कुए आदि अन्य जल संरचनाओं को सुरक्षित,स्वच्छ रखने एवं उनके सौंदर्यीकरण के लिए स्थानीय पंचायत के पदाधिकारियों एवं ग्रामीणों को प्रोत्साहित किया गया , जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि सोनू गुणवान द्वारा शिव धाम प्रांगण में पवित्र कुण्ड की फेंसिंग कार्य , सोलर लाइट एवं महिला श्रद्धालुओं के लिए चेंजिंग रूम की व्यवस्था हेतु घोषणा भी की गई साथ ही श्रद्धालुओं के लिए सभी प्रकार की आवश्यक व्यवस्थाओं को सुचारु बनाये रखने के लिए ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव को निर्देशित भी किया गया

उक्त स्वच्छता श्रमदान कार्यक्रम में जनपद पंचायत कार्यालय से सहायक यंत्री शुभम रहांगडाले,एपीओ नवीन देवलिया,ब्लॉक समन्वयक गौरव सिंह राठौड़ ,उपयंत्री अशोक पटेल,एडीईओ कमलेश अद्भुते ,जनपद सदस्य प्रतिनिधि सतीश सोनानिया ,खटसूरा सरपंच प्रतिनिधि सूरज सिंह,मेहतवाड़ा सरपंच प्रतिनिधि अर्जुन सिंह मालवीय ,ज्ञान सिंह नागदिया (पंच) ,हिमांशु राजावत (सचिव) ,अनार सिंह (ग्राम रोजगार सहायक ) एवं स्थानीय ग्रामीणजनो ने उपस्थित हो कर कार्यक्रम को सफल बनाया ,कार्यक्रम के अंत में आभार बिलपान सरपंच सजन सिंह दंगोलिया ने व्यक्त किया

“फिर एक जैन संत सड़क हादसे का शिकार, आष्टा जैन समाज में आक्रोश और पीड़ा”

जिनशासन के एक रत्न,बड़े महात्मा का कार्लधर्म रोड़ ऐक्सिडेंट से हुआ है, इससे पूरे जिनशासन व भुवनभानु समुदाय को बहुत भारी नुकसान है।
जैन समाज के लिए गुरुवार सुबह एक और अत्यंत दुखद एवं पीड़ादायक समाचार सामने आया। परम पूज्य आचार्यश्री अजीतशेखर सूरी जी म.सा.के शिष्यरत्न परम पूज्य पन्यास प्रवर श्री ओंकारशेखर विजय जी म.सा.का 28 मई को सुबह 5.30 बजे विहार के दौरान एक्सीडेंट में चोटीला गांव राजकोट, गुजरात के पास कालधर्म हुआ। यह समाचार सुनते ही आष्टा।जैन समाज में शोक की लहर छा गई।


जैन समाज के नरेंद्र गंगवाल ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि अजितशेखर सूरी जी महाराज साहब के शिष्यरत्न पंन्यास प्रवर श्री ओंकारशेखर विजयजी महाराज साहब का गुजरात के राजकोट के समीप चोटीला क्षेत्र में विहार के दौरान सड़क दुर्घटना में देवलोकगमन हो गया। घटना के बाद पूरे जैन समाज में शोक, पीड़ा और आक्रोश का वातावरण व्याप्त है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 28 मई की सुबह लगभग 5:30 बजे विहार के दौरान यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि किसी वाहन की चपेट में आने से गंभीर दुर्घटना हुई, जिसमें गुरुदेव ने अंतिम सांस ली। पन्यास श्री ओंकारशेखर विजयजी महाराज साहब प्रतिष्ठित भंवरजी चुन्नाजी परिवार के सांसारिक सुपुत्र शैलेष भाई थे। उनके देवलोकगमन की खबर मिलते ही श्रद्धालुओं एवं समाजजनों में शोक की लहर दौड़ गई। लगातार जैन संतों के साथ हो रहे सड़क हादसों ने एक बार फिर संतों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं। जैन संत अहिंसा, संयम और पैदल विहार की परंपरा का पालन करते हुए नगर-नगर भ्रमण करते हैं, लेकिन तेज रफ्तार वाहनों और लापरवाह यातायात के बीच उनका विहार लगातार जोखिम भरा बनता जा रहा है।

समाजजनों का कहना है कि पिछले कुछ समय में जैन संतों एवं साध्वियों के साथ सड़क दुर्घटनाओं की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस सुरक्षा व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही। संतों के विहार मार्गों पर सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी की मांग लंबे समय से उठती रही है। जैन समाज के वरिष्ठजनों ने कहा कि यह केवल एक समाज की पीड़ा नहीं, बल्कि देश की आध्यात्मिक परंपरा पर आघात है। संत समाज त्याग, तप और धर्म का संदेश लेकर पैदल विहार करता है, ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। घटना के बाद विभिन्न जैन संगठनों एवं श्रद्धालुओं ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। समाजजनों ने मांग की है कि संतों के विहार मार्गों पर विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल बनाए जाएं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।इनकी कमी तो कोई पूरा नही कर सकता पर निवेदन है प्रमाद को छोड़कर विहार सेवा में जुड़े, विहार सेवकों की खास आवश्यकता होती है विहार के समय।परमात्मा से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शाश्वत शांति प्रदान करें तथा समस्त श्रद्धालुओं को यह दुःख सहन करने की शक्ति दें।

“आष्टा विकासखंड में समीक्षा बैठक सम्पन्न, पुस्तक वितरण व नामांकन पर विशेष जोर”

बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान कार्यक्रम को गति देने के लिए आष्टा विकासखंड में ब्लॉक स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। विकासखंड स्रोत समन्वयक अजब सिंह राजपूत की अध्यक्षता में हुई बैठक में आगामी शैक्षणिक सत्र की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
मिशन अंकुर टीम की जिला प्रभारी सुमन स्वर्णकर द्वारा संचालित इस बैठक में विकासखंड के सभी 14 जनशिक्षा केंद्रों से 24 जनशिक्षक एवं 5 ब्लॉक अकादमिक समन्वयक शामिल हुए। बैठक में एफएलएन गतिविधियों की प्रगति, शैक्षणिक गुणवत्ता और पुस्तक वितरण की विस्तार से समीक्षा की गई।


पुस्तक प्रभारी मनोहर विश्वकर्मा ने बताया कि वर्तमान में आष्टा ब्लॉक में पुस्तक वितरण 34.9% और वर्कबुक वितरण एवं एंट्री 15.4% ही हो पाई है। इस पर चिंता जताते हुए बीआरसी राजपूत ने सभी जनशिक्षकों को जून के प्रथम सप्ताह तक शत-प्रतिशत पुस्तक वितरण एवं ऑनलाइन एंट्री का कार्य पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनशिक्षा केंद्र स्तर पर सामग्री का योजनाबद्ध समायोजन कर कमी-ज्यादती को दूर किया जाए ताकि सभी विद्यालयों में समय पर किताबें पहुंच सकें।

बैठक में नए सत्र में कक्षा पहली में अधिकतम नामांकन पर विशेष जोर दिया गया। बीआरसी ने निर्देश दिए कि शाला त्यागी एवं अनियमित बच्चों का सर्वे कर उन्हें फिर से शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। जनशिक्षकों को अभिभावकों से नियमित संपर्क कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति जागरूक करने को कहा गया।
डाइट सीहोर द्वारा अभिभावकों एवं बच्चों के लिए भेजी जा रही डिजिटल पठन-लेखन सामग्री को लेकर भी चर्चा हुई। सभी जनशिक्षकों को यह सामग्री अभिभावक समूहों में साझा करने और बच्चों की प्रगति पर फीडबैक लेने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रीष्मावकाश में भी सीखने की निरंतरता बनी रहे।


आगामी सत्र की तैयारियों के तहत संकुल स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इन बैठकों में विद्यालय प्रभारियों को स्कूलों की साफ-सफाई, बच्चों के बैठने की उचित व्यवस्था तथा कक्षाओं में रीडिंग एवं गणित कॉर्नर तैयार करने के निर्देश दिए जाएंगे।
बैठक के समापन पर बीआरसी अजब सिंह राजपूत ने सभी से नई ऊर्जा और बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा,”सभी के सामूहिक प्रयासों से आष्टा विकासखंड को जिले में एक उत्कृष्ट शैक्षणिक मॉडल के रूप में स्थापित किया जा सकता है।”
बैठक में मुख्य रूप से सह समन्वयक अनिल कुमार श्रीवास्तव, बीएसी देवजी मेवाड़ा, मनोहर लाल विश्वकर्मा, मनोज कुमार विश्वकर्मा, फूलचंद्र सांकले, श्रीमती शालिनी सरासिया सहित समस्त जनशिक्षक उपस्थित रहे।

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