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आष्टा । मालव माटी के संत कमल किशोर नागर जी ने अपनी पावन कथा के पंचम दिवस पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए ये प्रेरणादायी उद्गार व्यक्त किए। कथा पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु गुरु वचनों को सुन भावविभोर हो उठे और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

गुरुदेव ने कहा कि कथा केवल सुनने का विषय नहीं है, बल्कि उसे जीवन में उतारना ही सच्चा धर्म है। सत्संग मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाता है और व्यक्ति को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि आज भले ही मनुष्य तुरंत परिवर्तन महसूस न करे, लेकिन कथा और सत्संग का प्रभाव जीवन में कभी न कभी अवश्य दिखाई देता है।


परिवार और संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए गुरुदेव ने कहा—“घर के बाबा-ओं की सुनो, बाहर के बाबाओं से सावधान रहो।” उन्होंने कहा कि परिवार के बुजुर्ग ही हमारे प्रथम गुरु होते हैं। दादा-दादी एवं परिवार के वरिष्ठजनों का सम्मान करना भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी पहचान है।

गुरुदेव ने कहा—“अपने दादा को बाबा बना लो, वही सबसे बड़े संत हैं।”
कथा के दौरान गुरुदेव ने भगवान की कृपा का महत्व बताते हुए कहा कि “श्री हरि की कृपा के बिना कुछ भी संभव नहीं है। यदि उनकी कृपा हो जाए तो सब संभव है और यदि कृपा न हो तो कुछ भी संभव नहीं।”उन्होंने वर्तमान समय की परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज लोगों की व्यस्तता इतनी बढ़ गई है कि मंदिरों में पहले जैसी भीड़ दिखाई नहीं देती।

कई स्थानों पर स्थिति ऐसी हो गई है कि पुजारी जी को मशीनों और इलेक्ट्रॉनिक घंटियों के सहारे आरती करनी पड़ रही है।
गुरुदेव ने कहा कि मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और संस्कारों का केंद्र हैं। यदि प्रतिदिन मंदिर जाना संभव न हो तो सप्ताह में एक-दो बार अवश्य मंदिर जाना चाहिए। मंदिरों की आरती, घंटियों की मधुर ध्वनि और भक्ति का वातावरण मन को शांति प्रदान करता है तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।


उन्होंने कहा कि आज इलेक्ट्रॉनिक घंटियां तो बज रही हैं, लेकिन पहले भक्तों के हाथों से बजने वाली घंटियों में जो श्रद्धा, भाव और आत्मीयता होती थी, उसकी बात ही अलग थी। इसलिए अपनी परंपरा, संस्कृति और आस्था को जीवित रखने के लिए मंदिरों से जुड़े रहना आवश्यक है।
अंत में गुरुदेव ने कहा—“मंदिरों में केवल दीपक नहीं, श्रद्धा भी जलती रहनी चाहिए।”


आज गुरुदेव के श्रीमुख से भागवत कथा का श्रवण करने खातेंगांव विधायक आशीष शर्मा,आष्टा विधायक गोपालसिंह इंजीनियर भी पहुचे,कथा श्रवण कर गुरुजी का आशीर्वाद लिया ।
कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन के साथ धर्मलाभ प्राप्त किया तथा गुरु वचनों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। आज पांचवे दिन कथा श्रवण करने हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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