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आष्टा। स्थानीय इंदौर-भोपाल बायपास स्थित एक गैरेज में हाल ही में हुई भीषण आगजनी की घटना के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। घटना के वक्त फायर ब्रिगेड स्टेशन से नदारद रहने वाले आउटसोर्स कर्मचारी को मुख्य नगरपालिका अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से सेवा से मुक्त कर दिया है।

इसके साथ ही लापरवाही बरतने वाले आउटसोर्स ठेकेदार के खिलाफ भी नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की गई है। मुख्य नगरपालिका अधिकारी विनोदकुमार प्रजापति ने जानकारी देते हुए बताया कि जिस वक्त आगजनी की घटना घटी,तब दमकल वाहनों की सख्त आवश्यकता थी, उस दौरान फायर ब्रिगेड स्टेशन पर आउटसोर्स कर्मचारी मोहम्मद समीद उर्फ गुड्डू की तैनाती थी।

नियमानुसार मोहम्मद समीद की ड्यूटी प्रातः 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक की शिफ्ट में थी और यह घटना भी प्रातःकाल 7 से 8 बजे ही घटित हुई थी। लेकिन जब आपातकालीन स्थिति में उनकी खोज की गई, तो वे बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के अपने कर्तव्य से अनुपस्थित पाए गए। सीएमओ प्रजापति ने कहा कि आपातकालीन सेवाओं में इस तरह की लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए मुख्य नगरपालिका अधिकारी विनोदकुमार प्रजापति ने तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने कर्तव्य में घोर लापरवाही बरतने,अनुशासनहीनता दिखाने और आपातकाल के समय गायब रहने के चलते मोहम्मद समीद उर्फ गुड्डू को तत्काल प्रभाव से कार्य से मुक्त कर दिया है। इसके साथ ही आउटसोर्सिंग एजेंसी पर भी शिकंजा कसा है।

संबंधित आउटसोर्स ठेकेदार के विरुद्ध भी नियमों के तहत दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की गई है, क्योंकि ठेकेदार की यह जिम्मेदारी होती है कि वह सुनिश्चित करें कि शिफ्ट के दौरान कर्मचारी तैनात रहे। मुख्य नगरपालिका अधिकारी विनोदकुमार प्रजापति ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि भविष्य में भी फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य या किसी भी आपातकालीन सेवा में इस तरह की लापरवाही सामने आने पर संबंधित कर्मचारी और ठेकेदार के खिलाफ इससे भी कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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