आष्टा । सिविल अस्पताल आष्टा में पदस्थ महिला चिकित्सक सिंधु आर्य जो की लंबे समय से चर्चित एवं विवादित बनी हुई है । बताया जाता है कि उक्त महिला चिकित्सक की पूर्व में भी कई बार शिकायत हो चुकी है और शिकायतों के बाद कई बार नोटिस भी जारी हुए है । लेकिन अपनी मजबूत पकड़ ओर पहुंच के कारण उक्त महिला चिकित्सक का सीहोर से लेकर प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग कुछ भी नहीं कर पाया है।


यही कारण है कि इस महिला चिकित्सक के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि उक्त महिला चिकित्सक जो कि सरकारी सिविल अस्पताल आष्टा में भी निशुल्क कार्य के बदले भी मरीजों के परिजनों,पीड़ितों से कार्य के बदले राशि की मांग करती है । हाल ही में अब एक नया मामला फिर सामने आया है ।


प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला चिकित्सक संधू आर्य द्वारा आष्टा नगर के निवासी शकील खाँ ने सीएम हेल्पलाइन एवं बीएमओ डॉक्टर अमित माथुर को 07 मई को शिकायत की,कि शहाना बी की डिलेवरी का केस था,ऑपरेशन से डिलेवरी कराई गई ,डिलीवरी के बाद महिला चिकित्सक ने परिजनों से 13 हजार रुपये की मांग करने का आरोप लगाया ।


जब मरीज ने पैसे नही दिये तो महिला चिकित्सक संधू आर्य ने महिला को सीहोर रेफर करने का लिख दिया । परिजन ने इसकी शिकायत सीएम हेल्पलाईन पर कर दी शिकायत का क्रमांक 38191969 है । शकील खाँ ने इसकी शिकायत बीएमओ डॉ अमित माथुर को भी 7 मई 26 को की है ।


सीएम हेल्पलाइन में तथा बीएमओ डॉक्टर अमित माथुर को हुई शिकायत के बाद सिविल अस्पताल आष्टा के बीएमओ डॉ अमित माथुर ने महिला चिकित्सक डॉ संधू आर्य को 08 मई 26 को कारण बताओ नोटिस जारी कर दो दिन में जवाब मांगा है । इस मामले में डॉ अमित माथुर ने जानकारी लेने पर बताया की आष्टा निवासी शकील खाँ ने 07 मई को सीएम हेल्पलाइन में एवं मुझे भी लिखित में शिकायत की है ।


जिसमे शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि डॉ सिंधू आर्य ने ऑपरेशन से डिलेवरी के बाद 13 हजार रुपये की मांग की थी,नही देने पर डॉक्टर ने मरीज को सीहोर रेफर करने का लिख दिया इसको लेकर मेरे द्वारा कारण बताओं नोटिस जारी किया है तथा उनसे 2 दिन के अंदर जवाब मांगा है । सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार उक्त महिला चिकित्सक की पूर्व में भी कई शिकायत हुई है तथा उन शिकायतों के बदले सिविल अस्पताल के द्वारा समय समय पर नोटिस भी जारी किए गए थे ।


लेकिन सीहोर से लेकर भोपाल तक महिला चिकित्सक की मजबूत पकड़ के आगे पूरा चिकित्सा महकमा नतमस्तक है और आज तक उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई ।
यही कारण है की शिकायतों पर कार्यवाही नहीं होने के कारण वे बेलगाम हो चली है । देखना है अब यह मामला सीएम हेल्पलाइन पहुंचा है,क्या स्वास्थ विभाग कोई कार्यवाही कर पाता है या फिर वो ही ढाक के तीन पात वाली कहावत चरितार्थ होती है..?

























