आष्टा। एक सप्ताह से अपुष्ट रूप से लगातार खबरे आ रही थी की देश की नामी वीआईटी यूनिवर्सिटी में एक बार फिर होस्टल में रहने वाले विद्यार्थी बड़ी संख्या में बुखार,सर्दी खांसी सहित अन्य बीमारी से बीमार हुए है,शुरुआत में मैनेजमेंट ने ये खबर दबाने की भरसक कोशिश की

बीमार हुए बच्चों को भोपाल ले गये, उनका चेकअप कराया,जो ज्यादा बीमार थे उनेह भर्ती भी किया,कईयों को गर्मी का व अन्य कारण बता कर उनके घरों पर रवाना कर दिया । जब ये खबर बहार आई की वीआईटी के कई विद्यार्थी जिनकी संख्या अपुष्ट रूप से 60 से 150 के अंदर चर्चाओं में थी,को वायरल सर्दी,बुखार,खासी,आदि बीमारी से पीड़ित होने पर उनको भोपाल ले जा कर संस्था का जिस अस्पताल से अनुबंध है वहा उनकी जांच हुई है ।

इसके बाद जब हमने वीआईटी के पीआरओ समन्वयक अमित जी से जानकारी ली तब उन्होंने मामले को घुमा फिरा कर बताया की है कुछ बच्चों की जांच चिरायु में कराई है,हजारों बच्चों में 10/20 को छोटी मोटी बीमारी सामान्य बात है,कोई भी बच्चे अस्पताल में भर्ती नही है,कई बेच के बच्चे गर्मी के कारण चले गये है,उनकी बाद में परीक्षा ले लेंगे आदि आदि.!

हमने स्थानीय प्रशासन को भी जानकारी दे दी है । बाकी सब ठीक है । जब प्रेस में दो से तीन दिन पूर्व वीआईटी में फिर बच्चे हुए बीमार,भोपाल में भर्ती आदि को लेकर खबरे छपी तब स्थानीय प्रशासन के कान खड़े हुए और उसके बाद तहसीलदार रामलाल पगारे,एसडीओपी दामोदर गुप्ता,टीआई गिरीश दुबे वीआईटी पहुचे ओर जिम्मेदारों के साथ बैठक की ।

बैठक में स्वास्थ्य एवं गर्मी पर फोकस रखने,पानी,भोजन की गुणवत्ता पर ध्यान देने,अव्यवस्थाओ पर ध्यान देने के निर्देश दिये, मैनेजमेंट ने भी सभी निर्देशो,सुझावों पर ध्यान देने का प्रशासन को भरोसा दिया । कहते है झूठ को कितना भी दबाओ वो एक दिन बहार आ ही जाता है और जो बात वीआईटी दबा रही थी उस झूठ का भंडा तब फुट गया

जब स्वास्थ विभाग के पोर्टल पर यह जानकारी अपलोड हुई की वीआईटी के जिन बच्चों की जांच हुई थी उसमे से करीब 17 की टायफाइड की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है । उक्त रिपोर्ट पोर्टल पर दिखने के बाद प्रशासन, स्वास्थ विभाग में हड़कम्प मच गया ।


और आज सीएमएचओ के निर्देश पर तीन विभाग स्वास्थ विभाग के बीएमओ डॉ अमित माथुर,खाद्य सुरक्षा विभाग की जयोति बंसल,पीएचई से सब इंजीनियर रवि काजले एवं लैब स्टॉफ वीआईटी पहुचा ओर सभी ने अपने अपने विभाग के निर्देशानुसार सैम्पल लिये ।


आज स्वास्थ विभाग की टीम बीएमओ डॉ अमित माथुर के नेतृत्व में वीआईटी पहुची होस्टल में बीमार करीब 10 बच्चों के ब्लड सैम्पल लिये है,जिन्हें जांच हेतु भेजा जा रहा है । पीएचई के सब इंजीनियर रवि काजले के नेतृत्व में लैब की टीम ने आज वीआईटी के होस्टल ब्लॉक 3,4,5 से पीने के पानी आरओ के तीन सैम्पल,परिसर में संचालित मयूरी कैंटीन से 2 सैम्पल पानी के एवं कैम्पस में जिन टैंकों में सप्लाय हेतु पानी स्टोर किया जाता है वहा से पानी के 2 सैम्पल कुल 7 सैम्पल पानी के लिये ओर जांच हेतु सीहोर भेजे है ।

वही खाद्य सुरक्षा विभाग से आज खाद्य अधिकारी ज्योति बंसल वीआईटी पहुची ओर उन्होंने मैस से चवले की शब्जी,पनीर,पानीपुरी मसाला सहित 4 खाद्य सामग्री के सैम्पल लिये जिन्हें जांच हेतु भोपाल भेजे जा रहे है । कई छात्रों ने बताया वे बोतल बन्द पानी ही पी रहे है,जो एक महंगा खर्चा साबित हो रहा है ।

सूत्रों के अनुसार संस्था में पूर्व में भी पानी की कमी एवं अन्य कारणों से संस्था में जम कर अर्द्ध रात्रि में ग़दर हुआ था,तोड़फोड़ हुई थी,बसे जलाई थी । तब सभी बच्चों की छुट्टी कर घर भेजा था । अब फिर वो ही पानी की समस्या अपना मुह फाड़ रही है,बच्चे बीमार हो रहे है ।

ये सब को देखते हुए प्रशासन, पुलिस और मैनेजमेंट को समय से जागना होगा कही ऐसा ना हो कि जो घटना पूर्व में घट चुकी उसकी पुनरावृत्ति ना हो जाये ।
इस मामले में अभी तक वीआईटी की ओर से उनका कोई अधिकृत बयान नही आया है,उनके बयान का इंतजार है ।
























