आष्टा। पट्टाचार्य विशुद्ध सागर जी मुनिराज के परम प्रभावक शिष्य तपोनिधि वात्सल्य ऋषि पूज्य मुनिश्री विश्वसूर्य सागर जी मुनिराज ने श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन दिव्योदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र किला मंदिर में रविवार को आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्व भवों में अर्जित पुण्यानुबंधी पुण्य के उदय से ही आज हमें जिनवाणी श्रवण का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। यही सम्यक ज्ञान आगे चलकर केवलज्ञान की प्राप्ति का कारण बनता है। उन्होंने कहा कि जिसकी परिणति अशुभ होती है, उसकी गति भी अशुभ होती है, चाहे वह व्यक्ति कितना ही बड़ा धर्मात्मा क्यों न प्रतीत हो।
मुनिश्री ने स्पष्ट किया कि मात्र बाह्य क्रियाओं से धर्म नहीं होता। यदि तीन घंटे की पूजा-अर्चना के बाद भी घर जाकर विचार और भाव नहीं बदलते, तो उन क्रियाओं का कोई वास्तविक लाभ नहीं है। क्रियाओं के साथ जब तक परिणति निर्मल नहीं होगी, तब तक शुभ परिणाम संभव नहीं हैं। विचारों में परिवर्तन के बिना उपवास और तप का भी कोई सार नहीं रह जाता, इसी कारण श्रावक के छह आवश्यक बताए गए हैं।

वात्सल्य ऋषि मुनि श्री विश्वसूर्य सागर जी महाराज ने कहा कि जैन दर्शन दूसरों को दिखाने के लिए नहीं, बल्कि स्वयं को देखने और सुधारने के लिए है। जैन कुल में जन्म लेना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जैन दर्शन को समझकर उसके अनुरूप आचरण करना आवश्यक है। अनंत भवों तक निगोद में भटकने के बाद मनुष्य पर्याय प्राप्त हुई है, इसे विषय-भोगों में नष्ट नहीं करना चाहिए।मुनिश्री ने कहा कि मंदिर में जाकर भगवान से केवल कल्याण की प्रार्थना करने से कल्याण नहीं होता, बल्कि अपनी परिणति सुधारने से ही आत्मकल्याण संभव है। दगा और कुटिल भाव किसी का हित नहीं करते, बल्कि स्वयं के अहित का कारण बनते हैं। दूसरों के प्रति कषाय और कुटिलता रखने से नरक गति के बंध होते हैं, जहाँ घोर दुखों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति परिणामों को समझता है, वह कभी कषाय नहीं करता।आज मनुष्य कषायों को पानी की तरह पी रहा है और जीवन यूँ ही व्यर्थ जा रहा है। विवेकी व्यक्ति रत्नों को संभालकर रखता है।उसी प्रकार अपने भाव ही वास्तविक रत्न हैं, उन्हें संभालना चाहिए। भाव सुधरेंगे तो भव सुधरेगा।
उपदेश के अंत में मुनिश्री ने सुंदर दृष्टांत देते हुए कहा कि सुबह के सूर्य की लालिमा और शाम के सूर्य की लालिमा दोनों संदेश देती हैं।यदि जीवन की सुबह संभल न पाई हो, तो भी संध्या अभी शेष है। आचार्य भगवान की अनुकंपा से जो ग्रंथ हमें सुनने और पढ़ने को मिल रहे हैं, उनका सदुपयोग कर अपने जीवन को धन्य बनाना चाहिए।

इस संसार में कोई किसी का कुछ बिगाड़ नहीं सकता। मनुष्य केवल सोच सकता है, पर यदि किसी का तीव्र पुण्य है तो उसका कोई अहित नहीं कर सकता। दूसरे के लिए बुरा सोचने से स्वयं कर्मबंध होता है।मुनिश्री ने कहा कि व्यक्ति अपने पूर्व जन्म के पाप-पुण्य लेकर जन्म लेता है। सुबह से शाम तक हम अनेक कर्म बांध लेते हैं, पर अपने बारे में नहीं सोचते। जीवन शांति और सद्भाव के साथ जीना चाहिए। भगवान की पूजा-अर्चना और भक्ति बिना किसी अपेक्षा के करनी चाहिए। पूजा करना हमारा कर्तव्य है, मांगना नहीं। उन्होंने एक वृतांत सुनाते हुए बताया कि एक नगर सेठ के पास अपार धन-वैभव था, लेकिन संतान नहीं थी। पूर्व जन्म के कर्मों से उसे पुत्र रत्न नहीं मिला, किंतु पुण्य के कारण वैभव बना रहा। सेठ-सेठानी ने सम्मेद शिखर जी की तीर्थ वंदना की। पार्श्वनाथ टोंक के दर्शन के बाद लौटते समय उन्हें झाड़ियों से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। बच्चे को वे घर ले आए। उस बच्चे के पुण्ययोग से सेठानी गर्भवती हुई और घर में खुशियां आईं।मुनिश्री ने कहा कि दुनिया में भ्रम की कोई दवा नहीं है। मन में पाप आ जाए तो उसे निकालना कठिन हो जाता है। व्यवस्था बनाई जा सकती है, लेकिन किसी का पुण्य छीना नहीं जा सकता। स्वार्थ में पड़कर दूसरे का अहित चाहने वाला अंततः स्वयं का ही अहित करता है। पुण्यवान व्यक्ति के पास साधन न हों, फिर भी वह सब प्राप्त कर लेता है, जबकि बिना पुण्य के व्यक्ति को करोड़ों मिल जाएं तो भी वह उन्हें नष्ट कर देता है।
अंत में मुनिश्री ने कहा कि अपनी परिणीति संभालें, भाव और भव को निर्मल बनाएं—यही धर्म का सार है।
“कांग्रेस ने मैना में मनाया स्थापना दिवस”
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी आष्टा ग्रामीण के द्वारा कांग्रेस के स्थापना दिवस ग्राम पंचायत मैना में उत्साह एवं गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेसजनों ने कांग्रेस पार्टी के महान पुर्वजों महात्मा गांधी जी नमन किया और अपनी बात रखी कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ कांग्रेस नेता ओपी वर्मा जी ने किया ब्लॉक कांग्रेस कमेटी आष्टा ग्रामीण के अध्यक्ष महेश मुंदीखेड़ी के संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी के गौरवशाली इतिहास का वर्णन करते हुए कहा

देश के सर्वोच्च मूल्यों, जैसे एकता अखंडता, धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए महात्मा गाँधी, श्रीमती इंदिरा गाँधी और राजीव गाँधी ने शहादत दी। महिला कांग्रेस की पूर्व जिला अध्यक्ष गुलाब भाई ठाकुर ने संबोधित करते हुए मनरेगा योजना से महात्मा गांधी के नाम को हटाने और योजना को कमजोर करने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया मैना के मशहूर कवि वर्मा जी ने हरित क्रांति, बैंकों का राष्ट्रीयकरण का जिक्र करते हुए इंदिरा गांधी के साहस पर कई काव्य पाठ किया कार्यक्रम का आभार वरिष्ठ अधिवक्ता मुकेश वर्मा द्वारा किया गया कार्यक्रम में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी आष्टा ग्रामीण के अन्य सभी कार्यकर्ता बनाम सिंह पटेल, शिव काका, मंडलम अध्यक्ष राकेश जवारिया स्वरूप जेवरिया गुड्डू वर्मा ,बाबूलाल धाकड़ , प्रेम पटेरिया अखिलेश राजपूत देवेंद्र राजपूत आशिक मंसूरी मुख्य रूप से उपस्थित रहे
नगर में शांति रही ,चप्पे -चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा, जिला पुलिस अधीक्षक ने निर्धारित पाइंटों का निरीक्षण कर निर्देश दिए, क्षत्रिय करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष इंदलसिंह राणा,अनुराग प्रताप सिंह को आष्टा से पहले रोककर पुलिस प्रशासन ने चर्चा की

क्षत्रिय करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष इंदलसिंह राणा अपने घोषित कार्यक्रम के अनुसार अपने साथियों के साथ तथा अनुराग प्रताप सिंह रविवार दोपहर आष्टा पहुंचने वाले थे, लेकिन इससे पूर्व ही पुलिस प्रशासन ने जावर के समीप स्थित सोल ट्रीट के पास उनके काफिले को रोक लिया। मौके पर अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक सुनीता रावत, विशेष ड्यूटी पर बुलाए गए विदिशा के अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक प्रशांत चौबे,एसडीएम नितिन कुमार टाले,एसडीओपी आकाश अमलकर, जिले सहित अन्य क्षेत्र के आधा दर्जन एसडीओपी अपनी टीम के साथ मौजूद रहे और सोल ट्रीट परिसर में इंदलसिंह राणा व अनुराग प्रताप सिंह से चर्चा की गई। वैधानिक व उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
चर्चा के दौरान दोनों की माँग पर एडीशनल एसपी सुनीता रावत ने कहा कि वे कालू भट्ट व करणी सेना के अंकुश ठाकुर को छोड़े जाने कि आपकी मांग के विषय में वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर विचार का आश्वासन दिया। इस पर उन्होंने कहा कि यदि उनके दोनों साथियों को छोड़ा जाता है तो वे सोमवार को धन्यवाद देने आएंगे,अन्यथा वे उसी अनुरूप आगे की तैयारी के साथ आएंगे।

करणी सेना के दोनों ने स्पष्ट किया कि वे अपने दो साथियों कालू भट्ट एवं अंकुश ठाकुर को छुड़वाने के उद्देश्य से आए हैं और प्रशासन से आग्रह किया कि उन्हें रिहा किया जाए। इस पर सुनीता रावत ने बताया कि कालू भट्ट द्वारा कथित रूप से भड़काऊ बयानबाजी की गई थी,जिसके चलते उनकी गिरफ्तारी हुई है। उन्हें छोड़े जाने का निर्णय संबंधित एसडीएम न्यायालय द्वारा लिया जाएगा।चर्चा के दौरान अनुराग प्रताप सिंह एवं राणा ने कहा कि करणी सेना मंदिर-मस्जिद तोड़ने के पक्ष में नहीं है और न ही किसी की धार्मिक भावना को आहत करना उनका उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि संगठन का कार्य अपने भाई के लिए लड़ना है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि यदि दोनों साथियों को रिहा किया जाता है तो आष्टा की शांति भंग नहीं होगी, इसकी जिम्मेदारी वे स्वयं लेते हैं। साथ ही उन्होंने आग्रह किया कि उन्हें संबंधित थाना क्षेत्र में ले जाया जाए और साथियों की रिहाई के समय उन्हें भी छोड़ा जाए।इस पर अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक सुनीता रावत ने स्पष्ट किया कि फिलहाल रिहाई का निर्णय न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में है।अधिकारियों ने चर्चा के दौरान श्री राणा को यह भी बताया कि लगातार कानून-व्यवस्था की स्थिति बने रहने के कारण पुलिस बल पिछले आठ दिनों से आष्टा में तैनात है और जिले का अन्य कार्य छोड़कर यहां ड्यूटी निभा रहा है। आष्टा शहर में रविवार को पूर्णतः शांति का माहौल बना रहा।नित्य की तरह शहर में चहल-पहल रही और प्रमुख बाजार सामान्य रूप से खुले रहे। वहीं शहर के प्रमुख चौराहों पर पुलिस बल तैनात रहा और हर आने-जाने वाले की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी गई। रविवार को शहर में स्थिति पूरी तरह सामान्य रही और बाजार रोजमर्रा की तरह खुले।इधर सुबह से ही पुलिस एवं प्रशासनिक अमला शहर में सक्रिय रहा।

भोपाल नाका, पुराना बस स्टैंड, अलीपुर चौराहा, इंदौर नाका, इंदौर–भोपाल हाईवे, कन्नौद रोड, भोपाल रोड सहित अन्य प्रमुख चौराहों पर पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि बाहर से आने वालों पर निगरानी रखी जा सके और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। एसडीओपी आकाश अमलकर ने बताया कि शहर में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 का पूर्ण रूप से पालन कराया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि चार से अधिक व्यक्ति अनावश्यक रूप से किसी स्थान पर एकत्र न हों, अन्यथा नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
























