सीहोर कोतवाली पुलिस ने लोगों को पैसे का प्रलोभन देकर,बैंक खाते खरीद कर,उन खातों में साइबर फ्रॉड की राशि ट्रांसफर करने वाले अंतराज्यीय गिरोह के 2 आरोपीयो को गिरफ्तार किया है । पुलिस विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति अनुसार
ये आरोपी अभी तक कई खाते खरीद कर लोगो के साथ धोखाधड़ी कर साइबर फ्रॉड में इन खरीदे गये खातों का उपयोग करते थे ।


पकड़े आरोपी ए.टी.एम के द्वारा पैसे निकालकर दूसरे खातों में ट्रांसफर करते थे। आरोपी कमीशन बेस पर लोगो से खाते खरीदते थे। ओर जो सायबर फ्राड करते उस फ्राड की राशि इन खरीदे गये खातों में ट्रांसफर करते थे ।

फरियादी की रिपोर्ट पर कोतवाली पुलिस ने अपराध क्रमांक- 830/25 धारा- 318(4) बी.एन.एस. 66(D) आईटी एक्ट के तहत दर्ज किया है । दी गई जानकारी अनुसार दिनांक 22.12.2025 को फरियादी रितिक वर्मा, पिता संतोष वर्मा,आयु 21 साल, निवासी ग्राम सेवनिया थाना मण्डी जिला के द्वारा एक आवेदन पत्र प्राप्त हुआ,

जिसमें आरोपी 1. रोहित निवासी दिवडिया थाना इछावर 2. कपिल वर्मा निवासी दिवडिया थाना इछावर 3.अंकित निवासी सीहोर 4. विष्णु साहू निवासी जोधपुर राजस्थान 5. विष्णू खावा निवासी जोधपुर राजस्थान के द्वारा साइबर फ्रॉड कर पैसे निकालने की घटना को लेकर अपराध अप.क्रं.830/25 पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

पुलिस ने बताया की आरोपी लोगों से कमीशन बेस पर उनके बैंक खाते खरीद कर, साइबर फ्रॉड करते है,साइबर फ्रॉड द्वारा आया – गया पैसा ए.टी.एम के द्वारा निकाल कर, दूसरे खाते में ट्रांसफर कर साइबर फ्रॉड किया करते थे ।


थाना कोतवाली पुलिस द्वारा अपराध कायमी के पश्चात् त्वरित कार्यवाही कर मैदानी स्तर पर प्राप्त साक्ष्यो एंव तकनीकी एनालिसिस के आधार पर प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर से दो आरोपी विष्णु साहू एवं विष्णू खावा,दोनों निवासी जोधपुर राजस्थान को गिरफ्तार किया गया। जिनसे अपराध में प्रयुक्त मोबाइल फोन एवं ए.टी.एम. जप्त किये गये है
इस मामले के आरोपियों के नाम

- रोहित निवासी दिवडिया थाना इछावर
- कपिल वर्मा निवासी दिवडिया थाना इछावर
- अंकित निवासी सीहोर
- विष्णु साहू निवासी जोधपुर राजस्थान
- विष्णू खावा निवासी जोधपुर राजस्थान है ।
इस मामले में थाना प्रभारी रविंद्र यादव, प्रधान आरक्षक पंकज यादव, प्रधान आरक्षक मृत्युंजय तिवारी, आरक्षक कपिल मेवाड़ा, आरक्षक चेतन चौहान, आरक्षक कृष्णकांत यादव की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही।

“मानस सम्मेलन विश्राम दिवस…
.इस लोक से परलोक का रास्ता सिर्फ भक्ति के माध्यम से ही प्राप्त होता है-पूज्य संत जगदगुरू रामस्वरूपाचार्य जी महाराज”
स्थानीय श्री मानस भवन में चल रही पंचदिवसीय मानस सम्मेलन के आज विश्राम दिवस अवसर पर पूज्य संत कादमगिरि पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामस्वरूपाचार्य जी महाराज के सानिध्य में उपस्थित मानस सम्मेलन समिति के सदस्यों व उपस्थित जनप्रतिनिधियों द्वारा विधिवत मंत्रोच्चार के साथ पादुका पूजन व्यास पूजन किया गया।

नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि राय सिंह मेवाड़ा, पार्षद रवि शर्मा, देवी सिंह परमार काकाजी, सोनू गुणवान, धनरुपमल जैन, भेरूसिंह माखनलाल पाटीदार, अनिल धनगर, श्रीमती किरण सोनी, अनीता राठौर, एवं शीतला माता समिति सदस्य, खेड़ापति मंडल सदस्य आदि अनेक समाजसेवियों ने पूज्य संत का स्वागत कर आशीर्वाद प्राप्त किया।


मानस सम्मेलन के विश्राम दिवस पर पूज्य संत द्वारा उनके श्रीमुख से राम कथा के माध्यम से संत श्री ने आज कथा माता सबरी से प्रारंभ की। संत श्री ने बताया कि माता सबरी का भक्ति के प्रति आर्कषण था। इस लोक से परलोक का रास्ता सिर्फ भक्ति के माध्यम से ही प्राप्त होता है। संत श्री ने भक्ति के अलग अलग रूप की व्याख्या की।

जिसमें संत का समागम, भक्त का मन ओर संतो की सेवा को भक्ति का अभिन्न रूप बताया। आज राम कथा में सैकडो की संख्या में पधारे भक्तगण श्रद्धालुगणो ने संत के श्रीमुख से भक्तिमय राम कथा का श्रवण किया।

कथा के विराम दिवस पर पूज्य संत ने बताया कि राम कथा अविरल है यह सतत चलती रहेगी, ओर मानस भवन को जिस उददेश से निर्माण हुआ है, वह भी सार्थक हुआ है, प्रतिवर्ष इसी तरह नगर में मानस सम्मेलन चलता रहेगा।


मानस सम्मेलन के विश्राम दिवस पर आज श्री मानस भवन आष्टा में भक्तो का जन सैलाब देखने को मिला। दूर ग्रामीण एवं नगर के अनेक माता, बहने, बुजर्ग, युवा सभी लोगो ने आज विश्राम दिवस पर पधारकर धर्म लाभा कमाया।
संगीतमय श्री मानस सम्मेलन के

पांच दिवसीय राम कथा का सफल संचालन द्वारका प्रसाद सोनी राजहंस द्वारा किया गया। मानस भवन के सुत्रधार राकेश सुराणा ने आज सम्मेलन के दौरान बताया कि आष्टा नगर में तीन कार्य बहुत ही उत्कृष्ट हो रहे है, जिसमें शीतला माता मंदिर का जीर्णोदार, राम मंदिर का निर्माण कार्य एवं मानस भवन का पुनःनिर्माण।

इन कार्यो में नगर एवं ग्रामीणजनों की जनता का तन मन धन से बहुत सहयोग मिल रहा है, जिसके लिए समस्त लोगो का आभार व्यक्त किया। मानस सम्मेलन समिति के अध्यक्ष नारायणसिंह भुरू मुकाती ने कथा के विश्राम दिवस पर पधारे समस्त अतिथिगणो आमजन एवं विशिष्ठ रूप से पधारे समस्त अतिथिगणो का हद्रय से आभार व्यक्त किया।
“भारतीय सेना में चयनित विद्यार्थीयो का राजश्री कॉलेज में भव्य स्वागत किया”
राजश्री कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज’ ने एक बार फिर शिक्षा और देश सेवा के क्षेत्र में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। कॉलेज के चार होनहार छात्रों, ललित मेवाड़ा , यश वर्मा, अंकित प्रजापति और मनोज माहेश्वरी का भारतीय सेना (Indian Army) में चयन होने पर संस्था द्वारा भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह की शुरुआत माँ सरस्वती के पूजन से हुई, जिसके बाद संस्थान के संचालक बी.एस. परमार एवं अन्य प्राध्यापकों ने नव-चयनित जवानों को पुष्पमाला पहनाकर,साफा बांधकर और मिठाई खिलाकर उनका अभिनंदन किया।

कॉलेज के विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ “भारत माता की जय” के नारे लगाए। महाविद्यालय संचालक श्री बीएस परमार ने कहा “मैं अन्य विद्यार्थियों से भी यही कहूँगा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। ललित, यश, अंकित और मनोज की तरह आप भी अनुशासित रहें और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें। राजश्री कॉलेज हमेशा अपने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और उन्हें राष्ट्र सेवा के योग्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुझे विश्वास है कि ये सरहद पर अपने क्षेत्र का नाम रोशन करेंगे।” इस अवसर पर महाविद्यालय संचालक श्री बीएस परमार, प्रभारी प्राचार्य अर्जुन परमार, मीडिया प्रभारी मनोज कमलोदिया, सविता बैरागी, राहुल सेन, रामवती मेवाड़ा द्वारकाप्रसाद करमोदिया,

प्रहलाद मेवाड़ा, पूजा मेवाड़ा, अखिलेश सक्सेना, पुष्पा मेवाड़ा, पूजा परमार, माया मेवाड़ा, ममता तिवारी, रंजना परमार, मनोहर लाल, विनोद मीणा, कविता भूतिया, बहादुर सिंह, अरविंद यादव, रवि मेवाड़ा, रीना यादव व शिवराम परमार आदि ने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य हेतु शुभकामनाये दी।
“21 दिसंबर को अलीपुर में घटित घटना…
मुस्लिम समाज ने एकतरफा कार्रवाई करने के विरोध में शहर काजी के नेतृत्व में चार सूत्रीय मांगों का एसडीएम को सौपा, मांगे नहीं मानी तो 2 जनवरी 2026 को जंगी प्रदर्शन की चेतावनी दी”

नगर के अलीपुर में 21 दिसंबर की रात को जो घटना घटित हुई वो दिल को तकलीफ पहुंचाने वाली हुई है।हम ही मुलजिम नहीं हैं, दूसरे लोग भी मुलजिम हैं। हमारे समाज के लोगों ने एफआईआर दर्ज कराई है लेकिन एकतरफा कार्रवाई करके पुलिस प्रशासन उन पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है।हमने प्रशासन को सहयोग कर अपने 10 लोगों को पुलिस को सौंपा और उन्होंने न्यायालय में पेश कर जेल भेजा ,लेकिन हमारे समाज के व्यक्ति द्वारा दर्ज की गई एफआईआर पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है।अगर अगले शुक्रवार के पहले तक प्रशासन हमारी बातों को नहीं सुनेगा एवं मांगों को नहीं माना गया तो हम इससे भी जंगी प्रदर्शन 2 जनवरी 2026 शुक्रवार को करेंगे।

उक्त बातें शुक्रवार 26 दिसंबर के दोपहर को नगर के पुराने बस स्टैंड पर हजारों मुस्लिम समुदाय की उपस्थिति में शहर काजी जनाब फजले वारी आरिफ ने
महामहिम राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम नितिन कुमार टाले को सौंपने के पश्चात पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही।शहर काजी जनाब फजले वारी आरिफ ने कहां हमने हमेशा संयम बरता है,अमन चैन के साथ रहते आए हैं और रहते रहेंगे। कुछ बाहर के लोग भड़काने की कोशिश भी कर रहे हैं, लेकिन हमने संयम बरता। कोई मकान तोड़ने की, कोई मस्जिद तोड़ने की बातें 1 ,2 दिन, 4 दिन नहीं रोज कर रहे हैं,यह उचित नहीं है।

ज्ञापन सौंपने के पहले उपस्थित हजारों समाजबंधुओं को संबोधित करते हुए शहर काजी ने कहा कि अपने बच्चों को शिक्षा भी अवश्य दिलाएं।आज के समय में शिक्षा आवश्यक है। मुफ्ती एजाज ने कहां 21 दिसंबर की जो घटना हुई है,वह गलत हुई है,निंदनीय है। हम सिर्फ अल्लाह से डरते हैं और किसी से नहीं। ज्ञापन का वाचन करते हुए समाज के सक्रिय चांद मियाँ ने बताया कि 21 दिसंबर को जो आष्टा में घटना घटित हुई है वह निंदनीय है ,जिसकी मुस्लिम समाज निंदा करता है। जो घटना घटित हुई है वह आकस्मिक है। मुस्लिम समाज पर लगाए गए सभी आरोप निराधार व अमान्य है। यह घटना बहुत ही छोटी होकर मौके पर ही प्रशासन एवं सर्व समाज के लोगों के प्रयास से समाप्त हो गई थी, किंतु इस घटना को षड्यंत्र पूर्वक बड़ा रूप दिया गया।जिसमें बाहरी असामाजिक तत्वों द्वारा आष्टा एवं आस-पास की गंगा जमनी तहजीब को खराब कर शांतिभंग करने का प्रयास किया जा रहा है।


उक्त घटना के बाद हमारा समाज बड़े एवं काजी साहब के प्रयास के कारण शांति बनाए हुए हैं ,किन्तु इसके विपरीत अन्य समाज के लोग सोशल मीडिया एवं सार्वजनिक रूप से समय -समय पर गैरकानूनी बयानबाजी करके शहर की शांति भंग करने का पूरा प्रयास कर रहे हैं। वहीं हमारे समाज के लोगों को तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जिससे अभी भी समाज में अविश्वास की भावना और निष्पक्षता से जांच न किए जाने की आशंका व्याप्त है।
























