
आष्टा । क्या आष्टा कृषि उपज मंडी में भावांतर योजना का लाभ उठाने सोयाबीन की रिसायकल हुई है.?,अगर हुई है तो वो माफिया कौन.? वैसे इसे रोकने के लिए मंडी प्रशासन सक्रिय हुआ है । मंडी ने इसकी जांच हेतु एक फ्लाइंग स्क्वायड गठित कर जांच शुरू की है
जांच शुरू होने का मतलब कही कुछ तो हुआ है..?

भावांतर भुगतान योजना के अंतिम चरण में आष्टा मंडी के फ्लाइंग स्क्वायड द्वारा निरंतर वेयरहाउसों की जांच पड़ताल की जा रही है। वहां रखे हुए अभिलेखों और संधारित रजिस्टरों से आने और जाने वाले वाहनों के सोयाबीन का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।

इस दौरान दल प्रभारी सरदार सिंह गुणवान, सहायक मंडी निरीक्षक राम सिंह मालवीय और राजमल चौहान द्वारा
भारत किसान सेवा केन्द्र जताखेड़ा जोड़,रमेश वेयर हाउस बेड़ाखेड़ी, सोना कामोडीटी वेयर हाउस कोठरी,

महाकाल और देवांश वेयरहाउस, सेंदोखेड़ी और मेवाड़ा वेयरहाउस, पदमसी का निरीक्षण किया गया। प्रशासन एवं मंडी प्रशासन को ऐसी जानकारी मिली है । रिसायकल की आशंका को देखते हुए मंडी प्रशासन द्वारा निरंतर भावन्तर के माफिया तक पहुचने के प्रयास किये जा रहे हैं।

आधार आई डी पर दिए हुए मोबाइल नंबर पर संबंधित व्यक्ति की जांच पड़ताल की जा रही है कि मंडी प्रांगण में लाई गई सोयाबीन भावांतर योजना के अंतर्गत पात्र किसान की है अथवा नहीं। ग्रामीण क्षेत्र से बिचौलिए दलालों द्वारा लाई गई सोयाबीन को पूर्णतः प्रतिबंधित किया जा रहा है। ऐसे व्यक्तियों को भावांतर भुगतान योजना का लाभ प्राप्त नहीं होगा।

साथ ही जो किसान अपनी फसल के साथ उपयुक्त अभिलेख ला रहे हैं उन्हीं को भावांतर भुगतान योजना में प्रवेश दिया जा रहा है। जिसकी मंडी के सीसीटीवी कैमरों और वीडियो कैमरे के माध्यम से भी रिकॉर्डिंग की जा रही है।
