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आष्टा । पीने के पानी के लिए 2 साल से संघर्ष कर रही ग्राम नानजीपुरा की महिलाएं आज भी बूंद बूंद पानी के लिये परेशान है । ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए बताया की 2 साल पहले ग्राम नानजीपुरा की महिलाएं मटके लेकर उस समय के विधायक रघुनाथ सिंह मालवीय के कार्यालय एवं पीएचई कार्यालय में पहुंची थी ।

महिलाओं की समस्या को देखते हुए पूर्व विधायक रघुनाथ मालवीय ने जनपद सीईओ को आदेशित किया था कि ग्राम नानजीपुरा में महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत निर्मल नीर कूप निर्माण करवाया जाए ।

विधायक की बात मानते हुए ग्राम नानजीपुरा में कुआं की फाइल बन गई एवं कुआं में काम भी लग गया लेकिन सरपंच सचिव ने कुएं का गहरीकरण पूर्ण नहीं करवाया गया । ग्रामीणों का ऐसा आरोप महिलाओं ने लगाया की कुए को सिर्फ मिट्टी तक ही खोदा गया है कुआं को रिंग से बांधने के बाद नीचे गहरीकरण नहीं किया गया ।

जिस कारण महिलाओं की पीने के पानी की समस्या का हल नहीं हो पाया । 2 साल बाद फिर महिलाएं वर्तमान क्षेत्रीय विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर के कार्यालय पहुंची वहां पर पानी की समस्या बताई । उसी दिन सभी महिलाएं जनपद कार्यालय पहुंची और मुख्य कार्यपालन अधिकारी अमित व्यास के नाम एक ज्ञापन सोपा ।

लेकिन आज एक महा बीत जाने के बाद भी कुएं में गहरीकरण का काम नहीं करवाया गया । जबकि जनपद मप्र सरकार द्वारा चलाये जा रहे जल गंगा संवर्धन के बड़े बड़े दावे कर रहे है । इस अभियान के तहत ही कुए का गहरीकरण क्यो नही करा रहे है, ये जांच का विषय है । गहरीकरण नही होने के कारण महिलाओं को पीने के पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है ।

। आखिरकार जनपद सीईओ की बात सरपंच सचिव क्यों नहीं मान रहे हैं..? क्या कुए का गहरीकरण कागजों में तो नही हो गया .? यह भी जांच का विषय है । दो दिन पहले फिर सभी महिलाएं कुआं पर पहुंची और अपनी समस्या को बताते हुए जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से सवाल किया कि हमारे कुआं का गहरीकरण कब करवाओगे.? अब देखना यह है कि जनपद सीईओ इस पर क्या कार्यवाही करते हैं या फिर इन महिलाओं को यूं ही बूंद बूंद पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ेगा

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