आष्टा । नये सोयाबीन की भारी आवक से आज आष्टा में कन्नौद रोड पर मंडी गेट से गेट के दोनों ओर ट्रेक्टर ट्रालियों की लंबी कतारें देखी गई । विगत एक सप्ताह से आष्टा मंडी में नये सोयाबीन की लगातार आवक बढ़ रही है इसके पीछे एक कारण यह भी है कि मंडी में लगातार सोयाबीन के भावों में तेजी देखी जा रही है ।


आष्टा मंडी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति अनुसार कल 07 अक्टूबर 2026 को आष्टा मंडी में 1453 किसान अपनी 17843 क्विंटल सोयाबीन लेकर आए थे। बुधवार को सबसे अधिक भाव 6553 रुपये प्रति क्विंटल सोयाबीन का रहा। जिसकी मात्रा 21 क्विंटल थी। समर्थन मूल्य 5708 रू प्रति क्विंटल से ऊपर कुल मात्रा 14855 क्विंटल थी। इस प्रकार ऐसी सोयाबीन जिसमें नमी की मात्रा 12% से अधिक थी, दाने टूटे हुए, थे, सिकुड़े दाने, अपरिपक्व दाने, फलियां डंटल, कचरा, था,


ऐसा सोयाबीन लगभग 2988 क्विंटल था, जो समर्थन मूल्य से कम पर भी विक्रय हुआ। साप्ताहिक बाजार के दूसरे दिन गुरुवार को आष्टा मंडी में सोयाबीन का भाव भी अपने चरम पर था। आज का अधिकतम भाव 6996 प्रति क्विंटल रहा। जिसकी मात्रा 5 क्विंटल थी।


यह सोयाबीन रोलागांव के किसान द्वारा लाया गया था। आज भी समर्थन मूल्य 5708 रू प्रति क्विंटल से ऊपर कुल मात्रा 14057 क्विंटल बिका। और समर्थन मूल्य से कम में सोयाबीन लगभग 2988 क्विंटल बिक्री हुआ ।

“धर्म को समझकर आत्मकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़े –यशोजीत विजय महाराज”
पन्यास प्रवर यशोजीत विजय महाराज ने आष्टा तीर्थ श्री नेमिनाथ श्वेतांबर जैन किला मंदिर उपाश्रय में आशीर्वचन देते हुए कहा कि मनुष्य जन्म को सार्थक बनाने के लिए व्यक्ति को स्वयं का निरीक्षण करते हुए राग-द्वेष को कम करना चाहिए। धर्म को समझकर आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ना ही जीवन का उद्देश्य होना चाहिए।

राग-द्वेष से मुक्त होकर समभाव की साधना करें : यशोजीत विजय महाराज
महाराज ने कहा कि जिस प्रकार पानी का स्वभाव शीतलता प्रदान करना है, उसी प्रकार आत्मा का कार्य आत्मकल्याण करना है। मनुष्य अपनी आत्मा को काम, क्रोध, माया, लोभ और छल-कपट में उलझाकर संसार में भटकता रहता है। इन विकारों से मुक्त होकर आत्मचिंतन करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि साधु को सदैव समभाव में रहना चाहिए और इसी प्रकार प्रत्येक व्यक्ति को भी जीवन में समता का भाव रखना चाहिए।


मनुष्य के भीतर अनंत शक्ति विद्यमान है। वह चाहे तो उपवास सहित अनेक प्रकार की तपस्याएं कर सकता है, लेकिन आज व्यक्ति मानसिक रूप से कमजोर होता जा रहा है। अनुकूल परिस्थितियों में राग और प्रतिकूलता में द्वेष रखना जीवन की बड़ी कमजोरी है।

महाराज ने कहा कि आज लोग शरीर से कम और मन से अधिक बीमार हो रहे हैं। इसलिए जीवन में समता बनाए रखना और स्वयं में सकारात्मक बदलाव लाना आवश्यक है। भगवान की आज्ञा और उनके वचनों के अनुसार जीवन जीने से मनुष्य जन्म सफल हो सकता है।

उन्होंने कहा कि सबके साथ रहिए, लेकिन किसी के प्रति राग-द्वेष मत रखिए। गुरु शिष्यों को सुधारने और धर्म के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं। समभाव की साधना ही आत्मकल्याण और मोक्ष के मार्ग को प्रशस्त करती है।

“राहुल गांधी पर कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस ने काला दिवस मनाया,मौन धरना देकर विरोध दर्ज कराया, विरोधस्वरूप बाँधी काली पट्टी”

दिल्ली में जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए जा रहे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी एवं इंडिया ब्लॉक के अन्य सांसदों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज एवं गिरफ्तारी के विरोध में आज आष्टा में कांग्रेसजनों ने स्थानीय सुभाष चौक स्थित सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा के समक्ष मौन धरना देकर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान कांग्रेसजनों ने विरोधस्वरूप हाथों पर काली पट्टी बाँधी।

इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेन्द्रसिंह मेमदाखेड़ी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस द्वारा शांतिपूर्ण तरीके से जंतर-मंतर की ओर जाने के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा जिस तरह से लाठीचार्ज किया गया और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को गिरफ्तार किया गया, वह लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के इशारे पर की गई यह कार्रवाई लोकतंत्र की भावना के विपरीत है।


उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की तानाशाही इतनी बढ़ गई है कि वह शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक विरोध को भी सहन नहीं कर पा रही है। कांग्रेस लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठाती रहेगी। मौन धरने में पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष कैलाश परमार, सोभालसिंह मुगली, कमलसिंह चौहान, सुनील सेठी, ज़ाहिद गुड्डू,

जगदीश चौहान, घनश्याम जांगड़ा, नरेंद्र कुशवाह, सुभाष नामदेव, तौसीफउद्दीन, फैज़ुद्दीन, रामचरण दवारिया, नवाब मियाँ, मनीष डोंगरे, प्रदीप भाटी, आशिक़ मंसूरी, देवराज परमार, अर्जुन अजय, अमित पटेल, अखिलेश राजपूत, पल्लव प्रगति, संदीप ठाकुर, अंशु ठाकुर, टोनी जैन, राहुल पटारिया, नफीस शाह, अमजद पटेल, नितेश ठाकुर, दीपक गोस्वामी, जोगेन ठाकुर, हरि मेवाड़ा, अरसद अंसारी, महेश पटेल, कृपाल तोमर, सुरेन्द्र लसूड़लिया, राहुल लसूड़लिया, मुन्ना मसूद, महेश वर्मा, शंकर सक्सेना, रमेश विश्वकर्मा, सुरेश मालवीय, देवराज मालवीय, शंकर बोड़ाना, विनोद मालवीय आदि कांग्रेसजन मौजूद रहे ।

“कांग्रेस गुटबाजी से नही उभर पा रही है”

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस द्वारा दिल्ली में राहुल गांधी,प्रियंका गांधी,मल्लिकार्जुन खड़गे सहित अन्य सांसदों के खिलाफ हुई कार्यवाही को लेकर मप्र कांग्रेस के आव्हान पर आज आष्टा के सुभाष चौक पर कांग्रेस ने काली पट्टी बांध कर जो धरना प्रदर्शन किया वो कांग्रेस की गुटबाजी का शिकार हो गया । कांग्रेस का एक गुट इस धरना प्रदर्शन में कही नजर नही आया

“जैन कुल में जन्म लेना सौभाग्य की बात है–मुनि सागर महाराज”
श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन दिव्योदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र किला मंदिर में समाधि सम्राट वात्सल्य रत्नाकर मुनिराज भूतबलि सागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि सागर महाराज ने आशीर्वचन देते हुए कहा कि मनुष्य को राग-द्वेष का तत्काल त्याग कर आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। राग-द्वेष छोड़कर आत्मकल्याण के मार्ग पर बढ़ें : मुनि सागर महाराज मुनि सागर महाराज ने कहा कि जैन कुल में जन्म लेना सौभाग्य की बात है, इसलिए अपने आचरण से जैन कुल को कलंकित नहीं करना चाहिए। व्यक्ति को दिन में ही भोजन करने की भावना रखनी चाहिए तथा रात्रि में अन्न आदि का त्याग कर आध्यात्मिक और मोक्षमार्ग की ओर आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने मनुष्य एवं त्रियंच गति के स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी के प्रति पक्षपात नहीं करना चाहिए और पंथवाद में उलझने के बजाय धर्म के मूल सिद्धांतों को समझना चाहिए। व्यक्ति को देशना लब्धि का अधिकारी बनने का प्रयास करना चाहिए।


मुनिश्री ने कहा कि संतों के उपदेश केवल सुनने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें जीवन में धारण करने के लिए होते हैं। निष्पक्ष होकर ही बोलना और सुनना चाहिए तथा जो बात विवेक और धर्म के अनुरूप अनुकूल लगे, उसे अपने जीवन में अपनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विवेकवान व्यक्ति को बार-बार कुछ समझाने की आवश्यकता नहीं होती।

जिसे बात समझ में आ जाती है, वह स्वयं उसका मर्म ग्रहण कर लेता है, जबकि कई बार समझ न आने पर व्यक्ति उलटे दूसरों को समझाने लगता है। मुनिश्री ने कहा कि सच्चे देव, शास्त्र और गुरु के प्रति श्रद्धा तथा अहिंसा के मार्ग पर चलने से ही मनुष्य का वास्तविक कल्याण संभव है। उन्होंने सभी को राग-द्वेष, पक्षपात और पंथवाद से दूर रहकर आत्मचिंतन एवं धर्ममार्ग पर आगे बढ़ने का संदेश दिया।

“विप्र बंधु परिवार की बैठक में डॉ. अतुल उपाध्याय का सम्मान
अटल बिहारी वाजपेयी सेवा रत्न सम्मान मिलने पर विप्र परिवार ने किया अभिनंदन”
विप्र बंधु परिवार द्वारा संचालित मासिक बीसी समूह की बैठक प्रेमनारायण शर्मा सेवानिवृत्त पुलिस के निज निवास पर आयोजित की गई। बैठक में सामाजिक एवं पारिवारिक विषयों के साथ वैदिक ज्ञान पर आधारित प्रश्नोत्तरी भी हुई। बैठक में प्रसिद्ध नेत्र चिकित्सक डॉ अतुल उपाध्याय को अटल बिहारी वाजपेयी सेवा रत्न सम्मान मिलने पर समाजजनों द्वारा स्वागत व सम्मान किया गया।

इस अवसर पर पंडित राम भरोसे शर्मा ने पांच वैदिक एवं शास्त्र आधारित प्रश्न पूछे, जिनका सही उत्तर पंडित गोविंद शर्मा ने दिया। विप्र परिवार के सदस्यों ने उनकी वैदिक ज्ञान संबंधी जानकारी की सराहना की। बैठक के दौरान डॉ. अतुल उपाध्याय को ‘अटल बिहारी वाजपेयी सेवा रत्न सम्मान 2026’ से सम्मानित किए जाने पर विप्र बंधु परिवार की ओर से उनका पुष्पहार, शॉल एवं श्रीफल भेंट कर अभिनंदन किया गया।

डॉ. उपाध्याय को यह राष्ट्रीय सम्मान नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में उनके समर्पित योगदान, मरीजों की सेवा, व्यावसायिक उत्कृष्टता तथा गुणवत्तापूर्ण नेत्र चिकित्सा सेवाओं के लिए प्रदान किया गया है।

इस अवसर पर सेवानिवृत्त पुलिस प्रेमनारायण शर्मा, शास्त्रीय विद्यालय के प्राचार्य प्रेमनारायण शर्मा, हरिबाबू शर्मा, डॉ. अतुल उपाध्याय, पंडित राम भरोसे शर्मा, मुकेश पाठक, राजू पाठक, गोविंद शर्मा, उत्तमनारायण तिवारी, हेमेन्द्र त्यागी, डॉ.कैलाश शर्मा, डॉ.मनीष दुबे, जितेंद्र दुबे, अजय जोशी, राम जितेंद्र शर्मा सहित विप्र बंधु परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।
अंत में आभार जितेंद्र शर्मा ने व्यक्त किया।

























