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आष्टा । धर्म का सीधा संबंध कर्त्व्य की पूर्ति और आत्मा की पवित्रता से है। हज करने से जीवन मे सद्गुणों का विकास होता है। हज यात्रा इस्लाम धर्म के पांच स्तंभों में से एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। हज यात्रा का उद्देश्य ईश्वर को प्रसन्न करना और आत्मसुधार करना हैं।

यह यात्रा न केवल धार्मिक अनुष्ठानों का पालन करने का अवसर प्रदान करती है, बल्कि सामुदायिकता, सहयोग और भाईचारे का भी प्रतीक होती है. अपनी क्षमतानुसार हज करना मुस्लिम सम्प्रदाय के अनुयायियों की दिली इच्छा होती है।

हमे बहुत खुशी है कि आष्टा अंचल के सैकड़ो मुस्लिम बंधुओं के साथ ही स्थानीय दाउदी बोहरा समाज के सचिव बुरहान अली सैफी तथा उनकी धर्मपत्नि जैहरा सैफी परिवार के साथ हज की पवित्र यात्रा करने जा रहे हैं।

सद्भाव और परस्पर सम्मान की भावना व्यक्त करते हुए यह विचार श्वेताम्बर जैन समाज के महामंत्री अभिषेक सुराणा, एडवोकेट वीरेंद्र सिंह परमार, मोहित कासलीवाल, राहुल सुराणा, मृगांक गुप्ता, डॉ. दीपा पारख,

महिमा सुराणा, शुभी गुप्ता, उमा परमार एडवोकेट आदि ने व्यक्त किये। इस शुभ अवसर पर उनके सभी हिन्दू मित्रों और शुभचिंतकों द्वारा एक गरिमामय सम्मान एवं विदाई समारोह का आयोजन किया गया। जो भाईचारे के साथ एकता की मिशाल बन गया ।

विदाई समारोह में सभी मित्रों ने उन्हें पुष्पहार पहनाकर,अंगवस्त्र भेंट कर एवं मंगलकामनाएं देकर विदा किया। सभी ने ईश्वर से प्रार्थना की कि उनकी यात्रा सकुशल, सफल और पुण्यदायी हो।

समारोह के पश्चात सहभोज का आयोजन भी किया गया, जिसमें समूचा वातावरण भावुकता एवं आध्यात्मिकता से ओतप्रोत रहा। समाज के लोगों ने हज यात्रा को जीवन का आध्यात्मिक शिखर बताते हुए इसे प्रेरणादायी कदम बताया।

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