आष्टा । पिछले दिनों सेवा निवृत्त डाक सहायक स्व. श्री अशोक कुमार सुराणा (जैन) का लंबे समय तक अस्वस्थ रहने के बाद दुःखद निधन हो गया था। उनके निधन के बाद उनकी पत्नि भाग्यलता सुराणा पुत्र अतुल, अश्विन सुराणा द्वारा

उनके नेत्रदान का निर्णय लिया गया और नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अतुल उपाध्याय के सहयोग से उनका नेत्रदान करवाया गया था। यह स्थानीय स्तर पर आष्टा नगर मे हुआ पहला नेत्रदान था।


नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अतुल उपाध्याय,डॉ. विजय जैन कोचर, डॉ. कैलाश शर्मा और जैन श्वेतांबर समाज के सह सचिव कुलदीप कोचर की उपस्थिति में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. जी. डी. सोनी द्वारा स्व. श्री अशोक कुमार जैन (सुराणा) के नेत्र दान का प्रमाण – पत्र सुराणा परिवार को प्रदान किया गया।


डॉ. सोनी ने स्व. सुराणा को श्रृद्धांजलि अर्पित करते हुये कहा कि इससे अन्य सभी को मरणोपरांत नेत्रदान करने की प्रेरणा मिलेगी। अभी तक तो उनके नेत्र दो व्यक्तियों के जीवन मे रोशनी भर चुके होंगे। पुत्र कवि अतुल जैन सुराणा ने अपने पिता को याद करते हुये कहा कि मेरे पिता जीवित न होते हुए भी उन व्यक्तियों की आँखों में रोशन रहेंगे जिन्हे उनके नेत्र मिले हैं।


हमारे परिवार के लिये यही सबसे बड़े संतोष का विषय है और दिवंगत पिता के प्रति सच्ची श्रृद्धांजलि है।

“उनकी आँखों के उजाले, फिर रोशन करेंगे जिंदगी।*
*जीवन ज्योति है बाकी, ये दीपक अभी बुझा नही”
