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आष्टा । आष्टा पुलिस ने नेताओ, प्रभावशील व्यक्तियों और सरकारी अधिकारियों का डर दिखाकर अड़ीबाजी करने वाले आरोपी मनोज मेवाड़ा, निवासी राजूखेड़ी को गिरफ्तार कर जेल भेजा है,
तथा आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने हेतु सीहोर पुलिस द्वारा जिला बदर की कार्यवाही प्रस्तावित की गई है । प्राप्त जानकारी अनुसार
फरियादी पवन चौरसिया, निवासी आष्टा ने थाना आष्टा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 4 दिन पूर्व जब वह शास्त्री कॉलोनी में सब्जी बेच रहा था । तब आरोपी मनोज मेवाड़ा ने उसे रोककर कहा कि वह सड़ी-गली सब्जियां बेचता है। आरोपी ने स्वयं को नगर पालिका अध्यक्ष पति रायसिंह मेवाड़ा का भांजा बताते हुए धमकी दी कि उसका ठेला जब्त कराकर उसे जेल भिजवा देगा। इसके बाद आरोपी ने दबाव बनाकर 620 रुपये की अड़ीबाजी की। फरियादी द्वारा जब रायसिंह मेवाड़ा से तस्दीक करवाई गई, तो पता चला कि उनका ऐसा कोई भांजा नहीं है।
इसके अतिरिक्त आरोपी ने शास्त्री कॉलोनी और सेमनरी रोड पर भी सुरेश सोनी की चांदी की दुकान और सुहागमल मेवाड़ा की दूध डेरी पर इसी तरह की अड़ी डाल कर घटनाओं को अंजाम दिया था।


उक्त घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला द्वारा निर्देशित किया गया कि घटना की आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी हो और कठोर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही करना सुनिश्चित करे । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती सुनीता रावत और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस आष्टा आकाश अमलकर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी आष्टा गिरीश दुबे द्वारा कार्यवाही की गई।
आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाले गये । जिसमे आरोपी
मनोज मेवाड़ा के खिलाफ थाना कोतवाली सीहोर में चोरी के 4 अपराध और अड़ीबाजी व मारपीट का 1 अपराध दर्ज है। थाना मंडी में भी मारपीट और अड़ीबाजी का एक मामला पंजीबद्ध है। पूर्व में उसे चोरी के एक मामले में न्यायालय द्वारा 1 माह के कारावास और 1000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया था। इसके अलावा, वह थाना कोतवाली के एक अन्य चोरी के मामले में 5 माह 15 दिन तक जेल में निरुद्ध रह चुका है और कुछ माह पूर्व ही जमानत पर रिहा हुआ था। अन्य मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं।
आरोपी की लगातार आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए सीहोर पुलिस ने उसकी आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए जिला बदर की कार्यवाही का प्रस्ताव दिया है ताकि इस तरह के अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।
इस कार्रवाई में उप निरीक्षक चंद्रशेखर डीगा, आरक्षक संजय शर्मा और सैनिक मोरसिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की तत्परता और प्रभावी कार्यवाही के चलते आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया में आगे बढ़ाया गया।

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