सांसारिक मामा-भांजे का दीक्षा के 12 साल बाद आष्टा में हुआ मिलन,चातुर्मास के साथ सीमाएं बांध ली…चातुर्मास में मनुष्य पर्याय की सार्थकता करने के लिए धर्म की क्रियाएं कर अपनी दृष्टि सम्यकदृष्टि बनाएं-सानंद सागर मुनिराज
आष्टा। सांसारिक जीवन को छोड़कर संयम के मार्ग पर चलकर आत्म कल्याण करने वाले साधु-संतों का अपने सांसारिक परिजनों व रिश्तेदारों से मिलना कब होगा, निश्चित नहीं है। नगर में…