आष्टा । दिगंबर जैन समाज के दसलक्षण महापर्व के निष्ठापूर्वक समापन एवं उत्तम क्षमा धर्म के अवसर पर नगर में श्री दिगंबर जैन समाज द्वारा एक भव्य चल समारोह धूमधाम से निकाला गया। धर्म और भक्ति के उल्लास से सराबोर यह शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए सुभाष चौक पहुंची,जहा नपाध्यक्ष श्रीमती हेमकुंवर रायसिंह मेवाड़ा के नेतृत्व मे चल समारोह मे आकर्षक रथ पर विराजित भगवान के दर्शन किए और मुनिश्री का आशीर्वाद प्राप्त किया।

साथ ही चल समारोह मे शामिल समाज अध्यक्ष आनंद पोरवाल, वरिष्ठ पत्रकार नरेन्द्र गंगवाल,पवन जैन, कैलाश जैन चित्रलोक, नरेन्द्र जैन उमंग, सुनील जैन प्रगति, सुनील सेठी, मुकेश बड़जात्या, पार्षद कमलेश जैन सहित समाज के अन्य वरिष्ठजनों, महिला मण्डल, युवा-युवती मण्डल के सभी सदस्यों का दुपट्टा डालकर स्वागत किया एवं उत्तम क्षमा मांगी। इस अवसर पर नपाध्यक्ष हेमकुंवर मेवाड़ा, नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा, भाजपा नगर मण्डल अध्यक्ष प्रतिनिधि विशाल चौरसिया,

व्यापार महासंघ अध्यक्ष रुपेश राठौर, भाजपा महिला मौर्चा जिलाध्यक्ष ऋतु जैन, पार्षद तारा कटारिया, रवि शर्मा, सुभाष नामदेव, नगर महामंत्री मोहित सोनी, एल्डरमेन अवनीश पिपलोदिया, शिवलाल प्रजापति, पवन वर्मा, गौरीशंकर राठौर, दीनानाथ परमार आदि मौजूद थे।
“आयूषी डॉ. कपिल जैन ने 5 निर्जला उपवास की कठिन तपस्या की, पारणा कार्यक्रम में समाज बन्धु हुए शामिल,तप की अनुमोदना की”
श्री दिगंबर जैन समाज में चल रहे दसलक्षण महापर्व के दौरान श्रावक-श्राविकाओं द्वारा विभिन्न प्रकार की तपस्याएं की गई । इसी क्रम में श्रीमती आयूषी डॉ कपिल जैन ने पांच निर्जला उपवास की कठिन तपस्या पूर्ण कर धर्मलाभ अर्जित किया । लगातार पांच दिनों तक बिना अन्न और जल ग्रहण किए की गई इस तपस्या के लिए मुनि सागर महाराज सहित समाजजनों ने उनकी अनुमोदना करते हुए इसे आत्मसंयम और साधना का प्रेरणादायी उदाहरण बताया।
दसलक्षण पर्व के दौरान जैन समाज में त्याग, तप, संयम और आत्मसाधना को विशेष महत्व दिया जाता है। तपस्या के माध्यम से साधक अपनी आत्मा को शुद्ध करने तथा सांसारिक विषय-वासनाओं से दूर रहने का प्रयास करता है। आयूषी डॉ कपिल जैन द्वारा की गई पांच निर्जला उपवास की तपस्या भी इसी आध्यात्मिक भावना का प्रतीक है।

मुनि सागर महाराज ने कहां कि निर्जला उपवास जैसी कठिन तपस्या के लिए दृढ़ संकल्प, आत्मसंयम और साधना की आवश्यकता होती है। आयूषि जैन की तपस्या पूर्ण होने पर परिजनों, समाजजनों एवं श्रद्धालुओं ने उनकी बहुत-बहुत अनुमोदना की।
“तपस्या पूर्ण होने पर हुआ पारणा”
पांच निर्जला उपवास की तपस्या पूर्ण होने के बाद शुक्रवार को आयूषी डॉ कपिल जैन का पारणा कराया गया। इस अवसर पर समाजजनों की उपस्थिति में धार्मिक वातावरण के बीच तपस्वी का सम्मान एवं अनुमोदना की गई । दसलक्षण पर्व के दौरान नगर में चल रही विभिन्न धार्मिक गतिविधियों के बीच इस तपस्या से समाज में त्याग और संयम की भावना को और बल मिला है।
“राय सिंह मेवाड़ा बने मेवाडा राजपूत समाज के निर्विरोध अध्यक्ष, केंद्रीय व क्षेत्रीय समिति की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया निर्णय”
केंद्रीय एवं क्षेत्रीय श्री क्षत्रिय मेवाडा राजपूत समाज समिति की अति-आवश्यक बैठक सेमनरी रोड़ स्थित मेवाड़ा समाज की छात्रावास मे संपन्न हुई, जिसमें समाज के प्रबुद्ध जनों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि व पूर्व मंडी डायरेक्टर रायसिंह मेवाड़ा को सर्वसम्मति से समाज का नया अध्यक्ष चुना गया। बैठक में मौजूद सभी सदस्यों ने एक स्वर में उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिस पर बिना किसी विरोध के निर्विरोध मुहर लगा दी गई।

बैठक के प्रारम्भ मे समाज के वरिष्ठ सदस्यों द्वारा महाराणा प्रताप जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण किया। पश्चात समिति की बैठक में समाज के संगठन विस्तार, सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने, शिक्षा के प्रसार और युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। अध्यक्ष पद के चयन प्रक्रिया के दौरान सभी क्षेत्रीय समितियों के प्रतिनिधियों ने रायसिंह मेवाड़ा के सामाजिक समर्पण और लंबे अनुभव को देखते हुए उनके नाम का समर्थन किया, जिसके बाद उन्हें निर्विरोध अध्यक्ष घोषित किया गया।

निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाने के बाद रायसिंह मेवाड़ा का फूल-मालाओं और साफा पहनाकर भव्य स्वागत किया गया। समाज को संबोधित करते हुए नवनिर्वाचित अध्यक्ष रायसिंह मेवाड़ा ने कहा कि समाज के वरिष्ठजनों ने मुझ पर जो अटूट विश्वास जताया है और यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है, मैं उसके लिए आप सभी का हृदय से आभारी हूँ। मेरा सर्वोपरि लक्ष्य समाज में एकजुटता, समरसता और विकास को बढ़ावा देना रहेगा। हम सब मिलकर शिक्षा के स्तर को ऊँचा उठाने, गरीब व मेधावी छात्र-छात्राओं की सहायता करने और सामाजिक कार्यक्रमों को व्यवस्थित रूप से आयोजित करने का कार्य करेंगे। समाज का हर व्यक्ति मेरा परिवार है, और उनके हितों की रक्षा तथा समाज के मान-सम्मान को बढ़ाना ही मेरी पहली प्राथमिकता होगी। इस अवसर पर केंद्रीय समिति अध्यक्ष केदारसिंह मंडलोई, केंद्रीय महासचिव एवं पूर्व जनपद अध्यक्ष शुजालपुर जसवंतसिंह मेवाड़ा, कोषाध्यक्ष कमलसिंह मंडलोई, महामंत्री केदारसिंह मेवाड़ा, उपाध्यक्ष हरिसिंह मेवाड़ा, हरिसिंह मंडलोई, नाहरसिंह बघेल, केंद्रीय युवा परिषद अध्यक्ष राजेंद्रसिंह मंडलोई, पूर्व नप अध्यक्ष अकोदिया शिवप्रतापसिंह मंडलोई, कालापीपल छात्रावास अध्यक्ष कमलसिंह पटवारी,

उपाध्यक्ष नारायणसिंह पटेल, क्षेत्र समिति के पूर्व अध्यक्ष जीवनसिंह मंडलोई, दशरथसिंह राजपूत, जनपद उपाध्यक्ष गजराजसिंह पटेल, देवजी पटेल, भगवानसिंह, मेहरबानसिंह ठेकेदार, बाबूलाल सरपंच, बाबूलाल सियाखेड़ी, हरिसिंह मेवाड़ा, देवजी पटेल, जसरतसिंह राजपूत, अनारसिंह सरपंच, कमलसिंह पटवारी, देवबगस मेवाड़ा, श्रीमाल मेवाड़ा पत्रकार, अजबसिंह राजपूत, मेहरबानसिंह मेवाडा, शिवचरण मेवाड़ा, जगदीश मेवाड़ा, भूरु पटेल, अरविंद जाताखेड़ा, शैलेंद्र मेवाड़ा, भंवरजी सरपंच, कमल मेवाडा, गोकुल मेवाड़ा, शैलेंद्र मेवाड़ा सहित बड़ी संख्या मे समाज के विभिन्न संगठन पधाकारियों ने स्वागत कर नवीन दायित्व सौपे जाने की बधाई शुभकामनायें दी।
लिखते लिखते…..

आज हिन्दू उत्सव समिति ने विजय दशमी पर्व दशहरा मनाने हेतु मानस भवन में एक बैठक का आयोजन किया गया । हिन्दू उत्सव समिति के अध्यक्ष नारायण उर्फ भुरू मुकाती ने बताया की दशहरा पर्व धूमधाम से मनाने हेतु समिति की आज शाम को बैठक सम्पन्न हुई जिसमें मोहित सोनी को सर्वसम्मति से दशहरा समिति का अध्यक्ष चुना गया,सभी ने पुष्पमाला पहना कर मोहित सोनी का स्वागत सम्मान कर बधाई दी ।

























