आष्टा के लोग बड़े सौभाग्यशाली हैं। जीवन में हमेशा सौभाग्य या दुर्भाग्य नहीं रहता, समय के साथ परिस्थितियां बदलती रहती हैं। इसलिए हर किसी पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए। लोग चंचल लक्ष्मी के पीछे भाग रहे हैं, जबकि धन किसी के पास स्थायी नहीं रहता। व्यक्ति को धन के बजाय पुण्य, सदकर्म और आत्मकल्याण पर ध्यान देना चाहिए।

ये आशीष वचन समाधि सम्राट वात्सल्य रत्नाकर मुनिराज भूतबलि सागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि सागर महाराज ने श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन दिव्योदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र किला मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
मुनि श्री ने कहा कि किसी व्यक्ति की सूरत और शोहरत देखकर उसके अच्छे-बुरे होने का निर्णय नहीं करना चाहिए। व्यक्ति की पहचान उसकी नीयत से होती है। जिसकी नीयत बुरी है, वही वास्तव में बुरा है। मनुष्य को दिन की शुरुआत वीतरागी भगवान के दर्शन से करनी चाहिए। देव-दर्शन और गुरु-दर्शन के बाद वीतरागी मुद्रा के दर्शन करने से धर्म के प्रति श्रद्धा बढ़ती है और पुण्य बंध का मार्ग प्रशस्त होता है। मिथ्यात्व सबसे बड़ा दुर्भाग्य
मुनि सागर महाराज ने कहा कि संसार में सबसे बड़ा मनहूस मिथ्यात्व है। मिथ्यात्व व्यक्ति को सही मार्ग से भटकाता है और उसके सम्यक दृष्टिकोण में बाधा उत्पन्न करता है। मोक्ष और मोक्षमार्ग की कभी निंदा नहीं करनी चाहिए।

देव, शास्त्र और गुरु का अनादर करना भी उचित नहीं है। इनके प्रति श्रद्धा और सम्मान बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक नियमों के पालन में बहुत बड़ी शक्ति होती है। व्यक्ति के पुण्य का उदय हो तो उसके कार्य सहजता से पूरे होते हैं। वहीं पाप कर्म का उदय होने पर अनुकूल परिस्थितियों में भी बाधाएं आ सकती हैं। इसलिए टोने-टोटके और अंधविश्वास के फेर में पड़ने के बजाय अपने कर्मों को सुधारने पर ध्यान देना चाहिए। पुण्य और सदकर्म व्यक्ति के जीवन को दिशा देते हैं।

मनुष्य पर्याय का करें सदुपयोग
मुनि श्री ने कहा कि किसी के प्रति हीन भावना नहीं रखनी चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति के प्रति सद्भाव और सकारात्मक दृष्टिकोण रखना जरूरी है। मनुष्य जीवन दुर्लभ है, इसलिए इसे व्यर्थ के विवादों, मोह-माया और गलत कार्यों में नष्ट नहीं करना चाहिए। मनुष्य पर्याय का सदुपयोग करते हुए धर्म, संयम, सदाचार और आत्मकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए। यही जीवन को सार्थक बनाने का सच्चा मार्ग है।
“अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 2.26 लाख रुपये की मदिरा जब्त”

कलेक्टर श्री बालागुरु के. के निर्देशानुसार जिले में अवैध मदिरा के निर्माण, संग्रहण और क्रय-विक्रय के विरुद्ध आबकारी विभाग द्वारा विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है जिसके तहत आबकारी विभाग ने तीन प्रकरण दर्ज कर बड़ी मात्रा में अवैध मदिरा जब्त की है। जिला आबकारी अधिकारी श्री दीपसिंह राठौर ने बताया कि वृत्त भैरूंदा के ग्राम टिकरीखेड़ा, भीलवाखू एवं बगलीखेड़ा में आबकारी उपनिरीक्षक वृत्त बुधनी/भैरूंदा द्वारा दबिश दी गई। कार्रवाई के दौरान मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 संशोधित 2000 की धारा 34(1)(क) एवं 34(1)(च) के तहत तीन प्रकरण कायम किए गए। इस दौरान 18 लीटर हाथ भट्टी की कच्ची मदिरा और 1900 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त किया गया। जब्त मदिरा का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 2 लाख 26 हजार रुपये बताया गया है।

कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक श्री माधव कुंडल, आबकारी आरक्षक श्री आकाश कोरी, श्री सत्यवान वर्मा, सुश्री शिखा एवं नगर सैनिक का सराहनीय योगदान रहा।
“गोपाल कृष्ण ग्राम योजना के तहत देशी गायों की दुग्ध प्रतियोगिता, मिलेंगे लाखों रुपये के पुरस्कार
देशी नस्ल की गायों के दुग्ध उत्पादन को मिलेगा प्रोत्साहन, प्रथम पुरस्कार एक लाख रुपये”
पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा गोपाल कृष्ण ग्राम योजना के अंतर्गत जिले के चयनित वृंदावन ग्राम अमीरगंज, मैना, धामन्दा एवं श्यामपुर में देशी नस्ल की गायों की दुग्ध प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है।

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट दुग्ध उत्पादन करने वाले पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रथम पुरस्कार के रूप में एक लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार 50 हजार रुपये तथा तृतीय पुरस्कार 25 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे।
प्रतियोगिता में ग्राम मैना से 7, धामन्दा से 12, श्यामपुर से 6 तथा आमीरगंज से 4 पशुपालक भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता के तहत कलेक्टर श्री बालागुरू के. की अध्यक्षता में गठित समिति के निर्देशन में गायों के दूध की तीन समय मिल्किंग कराई जा रही है, ताकि दुग्ध उत्पादन का आकलन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जा सके।

प्रतियोगिता में भाग लेने वाले पशुपालकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। उप संचालक पशुपालन डॉ निलेश देसाई ने बताया कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य देशी नस्ल की गायों के पालन, संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा देने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि करना है। प्रतियोगिता से पशुपालकों को बेहतर पशुपालन के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और उन्हें अपनी आय बढ़ाने के अवसर प्राप्त होंगे। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।
“विधायक कार्यालय में हुई जनसुनवाई….
जनसुनवाई में आये क्षेत्र वासियों की सुनी समस्याएं,जल्द हल करने का दिया भरोसा”

आज आष्टा विधायक कार्यालय में हुई जनसुनवाई में ग्रामीण क्षेत्रो से आये क्षेत्र वासियों ने विधायक श्री गोपालसिंह इंजीनियर से भेंट कर अपनी अपनी समस्याओं से अवगत कराया । विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने आज जनसुनवाई में आये अन्य कई ग्रामो के ग्रामीण जनों की वन टू वन मिल कर समस्याओं को सुना । स्मरण रहे प्रत्येक बुधवार को आष्टा विधायक अपने कार्यालय में सुबाह 11 बजे से जनता की समस्याओं को सुनने,उनेह हल करवाने के लिये जनसुनवाई करते है ।

आज बुधवार को प्रातः 11 बजे से कार्यालय में उपस्तिथ रह कर विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने जनता की समस्याओं को सुना एवं उनकी समस्याओं को हल करने के सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिये । आष्टा विधायक गोपालसिंह इंजीनियर जो की हर बुधवार को अपने कार्यालय में जन सुनवाई कार्यक्रम के तहत उपस्तिथ रहते है ।

आज भी बड़ी संख्या में क्षेत्र से नागरिक जनसुनवाई में पहुचे एवं अपनी अपनी पीड़ा से विधायक को अवगत कराया एवं आवेदन दिये। जनता से प्राप्त आवेदनों पर विधायक ने कहा की आपका जन सेवक होने के नाते आपकी समस्याओं को सुनना, हल करना मेरा धर्म है। आज आये आवेदनों को तत्काल सम्बंधित विभागों के अधिकारियों से चर्चा कर ग्रामीणों की समस्याओं का समय सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिये ।

विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने कार्यालय आये सभी नागरिको को भरोसा दिया कि आपकी समस्याओं,मांगो का जल्द निराकरण होगा । जो मांग शासन स्तर की है उन्हें वे शासन तक पहुँचाऊँगा । आज जनसुनवाई मे जो आवेदन पत्र प्राप्त हुऎ। सभी आई शिकायतों,मांगो एवं आवेदनों को सम्बंधित विभागों को निराकरण हेतु निर्देश दिये है । विभागों की आई समस्याओं को लेकर मौके से ही सम्बंधित विभाग के अधिकारियों को आई समस्याओं के निराकरण करने के निर्देश दिये,कुछ आवेदन निराकरण हेतु सम्बंधित विभागों को भेजे गये । आज जनसुनवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्तिथ हुए ।

























