सीहोर । भोपाल संभागायुक्त श्री कर्मवीर शर्मा आज भैरूंदा तहसील के ग्राम कोसमी पहुंचे। उन्होंने गत दिवस वन क्षेत्र से हटाए गए अतिक्रमण की वस्तुस्थिति का जायजा लिया। संभागायुक्त श्री शर्मा ने निरीक्षण के दौरान संबंधित परिवार से चर्चा कर जानकारी ली।

संभागायुक्त श्री शर्मा ने निरीक्षण के पश्चात ग्राम पंचायत भवन में संबंधित परिवारो और अन्य व्यक्तियों से चर्चा कर इस मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली। इस दौरान कलेक्टर श्री बालागुरू के. पुलिस अधीक्षक श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना, एसडीएम श्री सुधीर कुशवाह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

“रोजगार मेले ने युवाओं के सपनों को दी नई उड़ान,186 युवाओं का विभिन्न कंपनियों में हुआ चयन,
एक ही स्थान पर मिले रोजगार के अनेक अवसर, युवाओं के चेहरों पर खिली मुस्कान
विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने दी बधाई”
रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए रोजगार मेला उम्मीदों की नई किरण बनकर सामने आया है। आष्टा जनपद परिसर में आयोजित रोजगार मेले में विभिन्न कंपनियों द्वारा अलग-अलग पदों के लिए 186 युवाओं का चयन किया गया। रोजगार मिलने की खुशी से युवाओं के चेहरों पर मुस्कान दिखाई दी। युवाओं के लिए यह मेला केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं, बल्कि अपने सपनों को साकार करने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ। आयोजित युवा संगम रोजगार मेले में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्तिथ
आष्टा विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने चयनित सभी युवाओ को बधाई दी ।

जिला रोजगार कार्यालय सीहोर जनपद आष्टा में युवा संगम रोजगार, स्वरोजगार एवं अप्रेंटिसशिप मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आष्टा विधायक श्री गोपाल सिंह इंजीनियर मुख्य अतिथि के रूप उपस्थित रहे। मेले में 327 युवक-युवतियों ने पंजीयन कराया। इसमें शामिल 13 कंपनियों द्वारा अभ्यर्थियों के साक्षात्कार एवं चयन की प्रक्रिया संपन्न की गई, जिसमें 186 अभ्यर्थियों का चयन हुआ। मंच से स्वरोजगार योजना के अंतर्गत 58 लाख पचास हजार का लोन वितरित किया गया। मेले में जिला रोजगार अधिकारी कमलेश पटेल ने युवाओं को कैरियर मार्गदर्शन और कौशल विकास के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। कार्यक्रम में इंडियन एयर फोर्स विंग कमांडर पी एस मूर्ति, महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र अनुराग वर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। युवा संगम रोजगार मेले को संबोधित करते हुए विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने कहा की आज यहा मेले में बड़ी संख्या में हमारे युवा उपस्तिथ है । हमारा देश,प्रदेश युवाओ का है । आने वाले भारत की आप ही के हाथों में बागडोर होगी । मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के मार्गदर्शन में इस तरह के लगने वाले मेले युवाओ को रोजगार के नये नये अवसर प्रदान करेंगे । जब भी इस तरह के मेले लगे युवा आगे आये और रोजगार के अवसरों को छोड़े नही । आज का युवा ही देश का भविष्य है ।

रोजगार मेले में शामिल युवाओं ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन उनके लिए बेहद उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। पहले नौकरी की तलाश में अलग-अलग कंपनियों के कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। कई बार कंपनियों की भर्ती प्रक्रिया, रिक्त पदों और आवेदन की जानकारी नहीं मिल पाती थी। ऐसे में रोजगार मेले ने उनकी इस परेशानी को काफी हद तक आसान कर दिया है। एक ही स्थान पर विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों से मिलने, अपनी योग्यता बताने और साक्षात्कार देने का अवसर मिलने से युवाओं को काफी सहूलियत हुई।
युवाओं ने कहा कि रोजगार मेले की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां अलग-अलग क्षेत्रों की कंपनियों में नौकरी पाने के अवसर उपलब्ध होते हैं। इससे प्रत्येक युवा अपनी शैक्षणिक योग्यता, कौशल और रुचि के अनुरूप रोजगार का विकल्प तलाश सकता है। साक्षात्कार और चयन की प्रक्रिया भी सरल होने से युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है। ऐसे आयोजनों से उन्हें अपनी क्षमताओं को पहचानने और भविष्य के लिए बेहतर दिशा चुनने में मदद मिलती है। रोजगार मेले में 186 युवाओं का चयन होना इस बात का संकेत है कि युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए ऐसे प्रयास महत्वपूर्ण हैं।

नौकरी मिलने से युवाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने, परिवार की जिम्मेदारियों में सहयोग करने और अपने भविष्य को बेहतर बनाने का अवसर मिलता है। रोजगार मेले के माध्यम से युवाओं को यह भरोसा मिला है कि सही मार्गदर्शन, अवसर और मेहनत के बल पर वे अपने लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। युवाओं के लिए यह आयोजन रोजगार के साथ-साथ नई उम्मीदों, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ता कदम साबित हुआ। आयोजित रोजगार मेले में रोजगार कार्यालय के अधिकारियों की टीम,विभिन्न कम्पनियों के स्टॉल लगाये गया थे
“विधायक कार्यालय में हुई जनसुनवाई….
जनसुनवाई में ग्राम ग्राम दरखेड़ा में पुत्र की करंट लगने से मृत्यु हो जाने पर आर्थिक सहायता हेतु विधायक को पिता ने सौपा मांग पत्र”

आज विधायक कार्यालय में हुई जनसुनवाई में ग्राम दरखेड़ा में पुत्र राजकुमार की करंट लगने से मृत्यु हो जाने पर आर्थिक सहायता हेतु पिता बिक्रमसिंह ने मांग पत्र सौपा ओर आर्थिक सहायता की मांग की ।
इसके साथ ही विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने आज जनसुनवाई में आये अन्य कई ग्रामो के ग्रामीण जनों की वन टू वन मिल कर समस्याओं को सुना । स्मरण रहे प्रत्येक बुधवार को आष्टा विधायक अपने कार्यालय में सुबाह 11 बजे से जनता की समस्याओं को सुनने,उनेह हल करवाने के लिये जनसुनवाई करते है । आज बुधवार को प्रातः 11 बजे से कार्यालय में उपस्तिथ रह कर विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने जनता की समस्याओं को सुना एवं उनकी समस्याओं को हल करने के सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिये । आष्टा विधायक गोपालसिंह इंजीनियर जो की हर बुधवार को अपने कार्यालय में जन सुनवाई कार्यक्रम के तहत उपस्तिथ रहते है । आज भी बड़ी संख्या में क्षेत्र से नागरिक जनसुनवाई में पहुचे एवं अपनी अपनी पीड़ा से विधायक को अवगत कराया एवं आवेदन दिये। जनता से प्राप्त आवेदनों पर विधायक ने कहा की आपका जन सेवक होने के नाते आपकी समस्याओं को सुनना, हल करना मेरा धर्म है। आज आये आवेदनों को तत्काल सम्बंधित विभागों के अधिकारियों से चर्चा कर ग्रामीणों की समस्याओं का समय सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिये । विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने कार्यालय आये सभी नागरिको को भरोसा दिया कि आपकी समस्याओं,मांगो का जल्द निराकरण होगा । जो मांग शासन स्तर की है उन्हें वे शासन तक पहुँचाऊँगा ।

आज जनसुनवाई में ग्राम पंचायत गोपालपुर के ग्राम हमीदखेड़ी से मोहल्ले में रामदेव मंदिर का निर्माण कार्य कराए जाने,ग्राम पंचायत पगारिया हाट में रामदेव बाबा ओटला टीन शेड निर्माण कार्य कराने,ग्राम दरखेड़ा में पुत्र राजकुमार की करंट लगने से मृत्यु हो जाने पर आर्थिक सहायता हेतु मांग पत्र,संस्था के कार्य क्षेत्र अंतरगत बागेर तालाब जलाशय से सदस्यो को मछली निकालने की अनुमति प्रदाय किए जाने, ग्राम पंचायत टिगरिया में नया ट्रांसफॉर्मर लगवाने हेतू,ग्राम खड़ी हाट कबीर मंडल में साज बाज हेतू वाद्य यंत्र की राशि स्वीकृत हेतु मांग,सहित अन्य आवेदन पत्र प्राप्त हुऎ। सभी आई शिकायतों,मांगो एवं आवेदनों को सम्बंधित विभागों को निराकरण हेतु निर्देश दिये है । विभागों की आई समस्याओं को लेकर मौके से ही सम्बंधित विभाग के अधिकारियों को आई समस्याओं के निराकरण करने के निर्देश दिये,कुछ आवेदन निराकरण हेतु सम्बंधित विभागों को भेजे गये । आज जनसुनवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्तिथ हुए ।
“जिनवाणी को सुनकर जीवन में उतारें, तभी होगा आत्मकल्याण — मुनि सागर महाराज
मतभेद हों, लेकिन मनभेद नहीं; पुण्य बढ़ाने और पाप घटाने का करें प्रयास”

समाधि सम्राट वात्सल्य रत्नाकर मुनिराज भूतबलि सागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि सागर महाराज ने श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन दिव्योदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र किला मंदिर में आशीष वचन देते हुए कहा कि जीवन में किसी कार्य को लेकर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं होना चाहिए। दृष्टिकोण में भिन्नता के बावजूद आपसी प्रेम, सदभाव और एकता बनाए रखना जरूरी है। पांचों लब्धियां भव्य होती हैं। अनेकांत को समझे बिना किसी एक विचार पर अड़े रहने से व्यक्ति मार्ग भटक सकता है।
मुनिश्री ने कहा कि सुख कहीं बाहर नहीं, बल्कि स्वयं के भीतर है। इसलिए अपने भावों में विमलता और निर्मलता बनाए रखना चाहिए। यदि हमारे परिणाम अच्छे नहीं हैं तो वर्तमान के साथ भविष्य भी प्रभावित हो सकता है। प्रत्येक व्यक्ति को पुण्य बढ़ाने और पाप घटाने का प्रयास करना चाहिए। जिनवाणी को केवल सुनना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारना आवश्यक है। निर्मल परिणाम और आत्मकल्याण की भावना ही जीवन को सार्थक बनाती है।मुनि सागर महाराज ने रत्नात्रय की महत्ता बताते हुए कहा कि सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चारित्र आत्मकल्याण के मार्ग के आधार हैं। मनुष्य को अपने चंचल मन पर नियंत्रण रखने का निरंतर प्रयास करना चाहिए। मन को वश में करना कठिन अवश्य है, लेकिन आत्मिक उन्नति के लिए यह आवश्यक है।

मुनि सागर महाराज ने कहा कि संसार के भोग-विलास में जीवन व्यतीत करने के बजाय व्यक्ति को आत्मकल्याण के लिए आगे बढ़ना चाहिए। जिनवाणी के संदेशों को सुनकर भुला देना उचित नहीं है, बल्कि उन्हें आत्मसात कर आचरण में उतारना चाहिए।
इसी क्रम में मुनिश्री अभेद सागर महाराज ने कहा कि सोने की लंका का स्वामी होने के बावजूद रावण भी उस पर सदा राज नहीं कर सका। जब इतना वैभवशाली और शक्तिशाली रावण भी सब कुछ अपने साथ नहीं ले जा सका, तो मनुष्य को अपने धन, पद और प्रतिष्ठा का अहंकार नहीं करना चाहिए। मुनिश्री ने कहा कि जीवन में समय का विशेष महत्व है। जो व्यक्ति समय रहते धर्म, संयम और आत्मकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ता है, वही अपनी आत्मा के कल्याण का प्रयास कर पाता है। जिनवाणी को एक कान से सुनकर दूसरे कान से निकालने के बजाय उसके उपदेशों को आत्मसात करना चाहिए। धर्म का वास्तविक लाभ तभी मिलता है, जब उसके सिद्धांत व्यवहार में दिखाई दें। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अहंकार त्यागकर सदभाव, निर्मल भाव और आत्मकल्याण के मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए।

























