आष्टा। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान एवं मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी आष्टा द्वारा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन कर उनके इस्तीफे की मांग की गई। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “वोट चोर-गद्दी छोड़” और “वोट चोर कहाँ मिलेंगे, भाजपा के दफ्तर में” जैसे नारे लगाकर विरोध दर्ज कराया।


इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेन्द्रसिंह मेमदाखेड़ी ने कहा कि लोकतंत्र में आम नागरिक का सबसे महत्वपूर्ण अधिकार अपने मताधिकार का प्रयोग करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के इशारे पर मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा करोड़ों लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं, जिससे उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन हुआ है, हमारे नेता राहुल गांधी देश के नागरिकों के अधिकारों एवं लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं।


उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की। ज्ञानेश कुमार ने मोदी सरकार के इशारे पर जिस तरीके से आम आदमी के अधिकार पर डाका डाला है, उससे आम आदमी ख़ुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है, और अगर संवैधानिक संस्थाओं में जनता का विश्वास बनाये रखना है तो ज्ञानेश्वर कुमार का इस्तीफ़ा लेकर जो भी चुनाव आयोग में गड़बड़ी हुई है उसकी निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए


इस अवसर पर पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष कैलाश परमार, मीना सिंगी, सोभालसिंह मुगली, कमलसिंह चौहान, ज़ाहिद गुड्डू, एच आर परमाल, जगदीश चौहान, घनश्याम जांगड़ा, इदरीस मंसूरी, खालिद पठान, नरेन्द्र कुशवाह, सुरेन्द्र परमार, चंदरसिंह ठाकुर, सुभाष नामदेव, चेतन सेमली, अरविंद मेवाडा, देवबगस पटवारी, प्रदीप भाटी, सलीम अंसारी, नवाब मियाँ, डॉ लखन ठाकुर, परमानंद सेन, गोरे मियाँ, इमरान डिलक्स, नवाब बेरी, पल्लव प्रगति, लोकेन्द्र भाटी, सईद टेलर, खालिद खाकी, नासिर ख़ान, रामचरण दवारीया, मुमताज अली, बंशी बांबे, अर्जुन अजय, महेश पटेल, भरत वर्मा, देवराज मालवीय, शंकर बोड़ाना आदि लोग मौजूद रहे ।


“मन को वश में कर ज्ञान को निर्मल बनाएं, सम्यकज्ञान मोक्ष का माध्यम है — मुनि सागर महाराज
आलस्य छोड़कर सम्यक परिश्रम करें, तभी जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आएगी”

सभी किराना दुकानों पर आप नाम से मांगे…..
श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन दिव्योदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र किला मंदिर में समाधि सम्राट वात्सल्य रत्नाकर मुनिराज भूतबलि सागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि सागर महाराज ने अपने आशीष वचनों में मन और ज्ञान के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि मनुष्य को मन का गुलाम बनने के बजाय उसे अपने नियंत्रण में रखना चाहिए। ज्ञान आत्मा का गुण है और सम्यकज्ञान मोक्ष प्राप्ति का माध्यम है।उन्होंने कहा कि जब तक शरीर साथ दे रहा है, तब तक जीवन में कुछ सार्थक हासिल करने का प्रयास करना चाहिए।

समय रहते पुरुषार्थ नहीं किया तो बाद में पश्चाताप के अलावा कुछ नहीं बचेगा। जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और उन्नति के लिए परिश्रम, जागरूकता और सही दृष्टिकोण आवश्यक हैं। व्यक्ति को अत्याधिक विश्वास करने के साथ विवेक भी बनाए रखना चाहिए, क्योंकि कई बार निकट के लोग भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।
मुनि श्री के प्रवचनों का सार यही रहा कि मनुष्य अपने चंचल मन को नियंत्रित कर ज्ञान के मार्ग पर आगे बढ़े, आलस्य का त्याग करे और सम्यक पुरुषार्थ से जीवन को सार्थक बनाए।


यही आत्मकल्याण और मोक्षमार्ग की दिशा में आगे बढ़ने का आधार है।मुनिश्री ने कहा कि व्यक्ति अपने चंचल मन को लेकर अधिक चिंतित रहता है, लेकिन ज्ञान प्राप्त करने के प्रति उतना सजग नहीं होता। वह मन के भटकने की शिकायत तो करता है, पर ज्ञान को निर्मल बनाने का प्रयास नहीं करता। मन हमारा माध्यम है, जबकि ज्ञान हमारा गुण है। मन और ज्ञान के इस अंतर को समझना आवश्यक है।

मनुष्य को अपने मन को नियंत्रित करना भी सीखना चाहिए, न कि उसके अधीन होकर जीवन बिताना चाहिए। मुनिसागर महाराज ने जैन दर्शन के सिद्धांतों को स्पष्ट करते हुए कहा कि ज्ञान आत्मा का गुण है, जबकि मन पर्याय रूप है। शरीर छूटने के साथ मन भी छूट जाता है, लेकिन ज्ञान आत्मा का गुण है। अनंत-अनंत जीव ज्ञान के स्वामी हैं। एकेंद्रिय से लेकर पंचेंद्रिय तक के जीवों में ज्ञान पाया जाता है। मन के माध्यम से सम्यक्त्व की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। इसलिए मन को सही दिशा देना और ज्ञान को निर्मल बनाना आवश्यक है।

नगर गौरव अगर्भ सागर मुनिश्री ने परिश्रम और आलस्य के विषय में एक किसान का उदाहरण देते हुए कहा कि एक मित्र की सलाह पर किसान अपने खेत के नियमित चक्कर लगाने लगा। इससे खेत में होने वाली चोरी बंद हो गई और मजदूर भी ईमानदारी से काम करने लगे। नियमित खेत पर जाने से किसान का स्वास्थ्य भी अच्छा रहने लगा। इस उदाहरण से सीख मिलती है कि व्यक्ति को अपने कार्यों के प्रति जागरूक रहना चाहिए और आलस्य छोड़कर सम्यक परिश्रम करना चाहिए।

“नप कार्यालय परिसर में नेत्र परीक्षण शिविर का किया आयोजन, पौधारोपण कर सेवा संकल्प अभियान का हुआ समापन”

नगर परिषद कोठरी के कार्यालय परिसर में आज सेवा संकल्प अभियान का समापन नेत्र परीक्षण शिविर के आयोजन एवं पौधारोपण के साथ किया गया। कार्यक्रम में नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती नगीना राधेश्याम दलपति मुख्य रूप से उपस्थित रहीं।
नेत्र शिविर का आयोजन सेवा सदन नेत्र चिकित्सालय,संत राजा राम नगर, भोपाल द्वारा निःशुल्क किया गया।


शिविर में चिकित्सा टीम के हीरानंद भगनानी, लैब अटेंडेंट मयंक राठौर, देवेंद्र पाटिल, राकेश राजपूत सहित समस्त स्टाफ ने सेवाएं दीं। शिविर में 200 लोगों का नेत्र परीक्षण किया गया, जबकि 16 लोगों को नेत्र ऑपरेशन के लिए भोपाल भेजा गया।
कार्यक्रम के दौरान नेत्र परीक्षण शिविर के माध्यम से नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। साथ ही पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं नगर को स्वच्छ, सुंदर और हरित बनाने का संकल्प लिया गया।

इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती नगीना राधेश्याम दलपति ने सरकार द्वारा चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान एवं जनहितकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने नेत्र परीक्षण कराने वाले सभी नागरिकों से अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने तथा क्षेत्र के प्रत्येक व्यक्ति को इन सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी नागरिकों की सेवा करना हमारा दायित्व है और इसे हमेशा निभाने का प्रयास किया जाएगा।

इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती नगीना राधेश्याम दलपति, मुख्य नगर पालिका अधिकारी राहुल शर्मा, एल्डरमैन देवकरण दुबे सहित परिषद के पप्पू रावत, जयप्रकाश फरेला, अजय छाय , आनंद कटारिया, दिनेश वर्मा, निहालचंद वर्मा, हरेंद्र ठाकुर, अखिलेश वर्मा, सुनील दुबे, महेंद्र बकोरिया,

विशाल रैकवार, राजेश प्रजापति, सतीश बरेठा, जितेंद्र वर्मा, संदीप पटेल, अशोक राठौड़, राकेश वर्मा, मनोज वर्मा, राजकुमार वर्मा, प्रमोद यादव सहित नगर परिषद के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति जनभागीदारी का संदेश दिया गया।

























