आष्टा। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2026 के परिणामों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने चार में से तीन प्रमुख पदों पर जीत दर्ज की। ABVP के यश डबास ने अध्यक्ष, रिया छावड़ी ने सचिव और लक्ष्य राज सिंह ने संयुक्त सचिव पद पर विजय हासिल की।
चुनाव परिणाम सामने आने के बाद ABVP कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। दिल्ली में विजयी प्रत्याशियों के समर्थकों ने जश्न मनाया।

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में ABVP की तीन प्रमुख पदों पर जीत की खबर पहुंचते ही ABVP आष्टा के कार्यकर्ताओं में भी उत्साह देखा गया। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर और आतिशबाजी कर खुशी मनाई तथा इसे संगठन के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
कार्यकर्ताओं का कहना रहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय जैसे देश के प्रमुख विश्वविद्यालय में छात्र प्रतिनिधियों का चुनाव छात्र मुद्दों और विश्वविद्यालय से जुड़े विषयों को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में लाता है।

“तीन पदों पर ABVP का कब्जा
DUSU के केंद्रीय पैनल के चार पदों में से तीन पर ABVP उम्मीदवार विजयी रहे”
इस चुनाव की एक उल्लेखनीय बात यह भी रही कि NSUI केंद्रीय पैनल का कोई पद जीतने में सफल नहीं रही । जीत के बाद ABVP की ओर से छात्र सुरक्षा,आवास और विश्वविद्यालय से जुड़े बुनियादी मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। चुनाव के दौरान छात्र सुरक्षा और हॉस्टल से जुड़े विषय भी चर्चा में रहे थे ।
इस प्रकार DUSU चुनाव में ABVP के तीन प्रमुख पदों पर जीत की खबर का असर दिल्ली के साथ-साथ आष्टा के संगठनात्मक कार्यकर्ताओं के बीच भी उत्साह के रूप में देखने को मिला
“श्वेताम्बर जैन समाज के सामूहिक क्षमावाणी कार्यक्रम में शामिल हुए विधायक श्री गोपालसिंह इंजीनियर
सकल श्वेताम्बर जैन समाज से हुई भूलो के प्रति मांगी क्षमा
महाराजश्री के दर्शन कर लिया आशीर्वाद”

श्री श्वेताम्बर जैन समाज के संपन्न हुए आठ दिवसीय पर्युषण पर्व के समापन पर आज श्री नेमिनाथ श्वेतांबर जैन मंदिर किला आष्टा पर श्री श्वेताम्बर जैन श्री संघ द्वारा सामूहिक क्षमा वाणी पर्व का आयोजन किया गया । इस अवसर पर आष्टा विधायक श्री गोपालसिंह इंजीनियर भी शामिल हुए । सामूहिक क्षमा वाणी पर्व को संबोधित करते हुए सर्व प्रथम किला मन्दिर पर चातुर्मास हेतु विराजित पूज्य मुनि संघ, साध्वी भगवंत के चरणों में नमन कर वंदन किया और आशीर्वाद लिया ।


विधायक श्री गोपालसिंह इंजीनियर ने सामूहिक क्षमावाणी पर्व को संबोधित करते हुए कहा कि गलतियां सभी से होती है लेकिन उन गलतियों के प्रति क्षमा मांगना और क्षमा करना यह केवल वीरों का ही काम है । जैन समाज जो कि भगवान महावीर स्वामी जी के अनुयायी है ।

आप सब वीर है,मुझे भी क्षमा करेंगे ।
विधायक इंजीनियर ने कहा की आप सब के आशीर्वाद से आपने मुझे विधायक बनाया है । विधायक होने के कारण रोजाना मेरे पास क्षेत्र के सभी नागरिक कार्य हेतु आते है,कईयों के कार्य हो जाते है,कईयों के नही हो पाते है,जिनके कार्य नही हुए वो मेरी गलती है और इस पुनीत अवसर पर में उन सभी से मन से वचन से कर्म से क्षमा याचना करता हु ओर विश्वास दिलाता हूं कि जिनके कार्य नही हुए उन सब के भी कार्य होंगे ।


आज मुझे श्री श्वेताम्बर जैन समाज द्वारा आयोजित क्षमावाणी पर्व पर यह सुअवसर मिला है कि में आप सब से विगत वर्ष में,ज्ञात एवं अज्ञात सभी भूलो गलतियों के क्षमा मांगू । आप सब मुझे माफ़ करेंगे और आशीर्वाद प्रदान करेंगे । क्षमावाणी कार्यक्रम में पहुचे विधायक श्री इंजीनियर का श्रीसंघ अध्यक्ष पवन सुराणा के नेतृत्व में श्रीसंघ की ओर से स्वागत सम्मान किया गया

“राधा जन्मोत्सव पर आनन्द धाम पर हुई भजन संध्या”
राधा जनमाष्टमी पर प्रति वर्ष अनुसार इस वर्ष भी आनंद धाम पर राधा जी का जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया । इस अवसर पर राधा रानी जी का पंचामृत से सर्व औषधी से अभिषेक पूजन किया गया। रात्रि में भजन संध्या में राधा रानी के भजन की प्रस्तुति अनेक कलाकारों द्वारा दी गई । भजन संध्या में भजन गायकों द्वारा राधा रानी जी के भजन प्रस्तुत किये गये । कार्यक्रम में रामश्री वादी,पंकज राव ,शिवश्री वादी ,ज्ञान सिंह ठाकुर जीवन सिंह कोठरी, रोहित गौतम कोठरी ,रतन सिंह लंकेश दिनेश मेवाड़ा,डॉ पूनम चंद विक्की, श्रीमती पाठक, जीवन सोलंकी मालीखेड़ी, अजय सोलंकी मालीखेड़ी, बाबूलाल मेवाड़ा, प्रेम नारायण शर्मा, नानूराम नागदा,


पंडित जितेंद्र व्यास, कमल सेन भगत, प्रदीप प्रगति, कैलाश भोजवानी, लखन लाल कोठरी, शंकर लाल टेलर,भगवान दास मेवाड़ा, सुनील पेट्रोल पम्प वाले, बृजमोहन सोनी, कृष्णा सोनी, अंबुज माथुर, जगदीश प्रसाद,पंडित भवानी शंकर शर्मा, कन्हैयालाल शर्मा, नेहा आनंद शर्मा,राधा महेन्द्र शर्मा , राम गजेंद्र शर्मा, चंद्रेश ज्ञानेंद्र मुद्गल,पार्वती पिंकी शर्मा, रानू मृत्युंजय शर्मा , मेघा मुनमुन, राज मचकुंद, सनातन, यश, रुद्राक्षी,आनंद महेंद्र गुड्डू शर्मा आदि सभी भक्त गण उपस्तिथ रहे ।

“मुनि संघ के सानिध्य में निकली गंज मंदिर की जलयात्रा, भक्ति में लीन होकर नृत्य करते चले श्रद्धालु
मुनिसागर महाराज बोले—भावना स्वयं की जाती है, प्रभावना दूसरों के साथ की जाती है; सत्य का पालन करने वाला हमेशा सुखी रहता है”


जैन धर्म के दसलक्षण पर्यूषण महापर्व के पांचवें दिन रविवार को श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर गंज की परंपरा अनुसार पंचमेरु विधान के समापन के उपलक्ष्य में भव्य जलयात्रा निकाली गई। दो मुनि संघों के पावन सानिध्य में निकली जलयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। गाजे-बाजे के साथ निकली जलयात्रा में श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर नृत्य करते हुए चल रहे थे। पूरे मार्ग में धार्मिक वातावरण बना रहा।

जलयात्रा गंज मंदिर से प्रारंभ होकर मां राजराजेश्वरी दुर्गा मंदिर चौराहा, गल चौराहा, मानस भवन रोड होते हुए सुभाष चौक से पुराने दशहरा मैदान स्थित गोकुलधाम पहुंची। यहां मुनि संघ के सानिध्य में भगवान का अभिषेक, शांतिधारा एवं पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर मुनिसागर महाराज, मुनि अभेद सागर महाराज एवं मुनि अगर्भ सागर महाराज ने श्रद्धालुओं को आशीष वचन दिए।


दो मुनि संघों का एक स्थान पर चातुर्मास समाज के लिए प्रेरणादायी
मुनिसागर महाराज ने कहा कि यह समाज के लिए सौभाग्य और प्रेरणा की बात है कि सभी के पुण्य से दो मुनि संघों का एक ही स्थान पर चातुर्मास हो रहा है। यह समाज को एक सूत्र में रहकर धर्म आराधना करने का संदेश देता है। सम्यक दर्शन में प्रभावना का विशेष महत्व बताया गया है।

उन्होंने कहा कि भावना स्वयं की जाती है, जबकि प्रभावना दूसरों के साथ की जाती है। उन्होंने कहा कि भारत में सभी धर्मों के लोग रहते हैं और सभी अपने-अपने तरीके से धर्म आराधना करते हैं। धर्म का उद्देश्य मन में शांति और आत्मकल्याण की भावना को जागृत करना है। इससे पूर्व किला मंदिर स्थित आचार्य विद्यासागर धर्म सभागार में आशीष वचन देते हुए मुनिसागर महाराज ने सत्य धर्म के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज मनुष्य की आकुलता बढ़ रही है। जिनके परिणाम अनुकूल होते हैं, वे आत्मकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ते हैं।

सत्य मेव जयते। सत्य का साथ देने वाला अंततः सुखी रहता है। सत्य कभी पराजित नहीं होता। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को बिना सोचे वचन नहीं देना चाहिए और यदि वचन दे दिया है तो उसे निभाना चाहिए। झूठ बोलकर व्यक्ति कुछ समय के लिए जीत सकता है, लेकिन उसके परिणाम उसे भुगतने पड़ते हैं। देर हो जाए, लेकिन अंधेर नहीं होना चाहिए। जीवन में सत्य धर्म का पालन आवश्यक है।


“कौआ नहीं, कोयल की तरह मधुर वाणी बोलें”
मुनिसागर महाराज ने कहा कि हमारी वाणी हमारे व्यक्तित्व को दर्शाती है। कोयल की वाणी मधुर होती है, इसलिए उसकी आवाज सुनकर किसी को बुरा नहीं लगता। उन्होंने कहा कि हमें कौआ बनकर कटु बोलने के बजाय कोयल बनकर मधुर और संयमित भाषा का उपयोग करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि समाज के लोग मधुर वाणी का उपयोग करें, दूसरों को दोष देने के बजाय अपने आचरण पर विचार करें तो समाज में शांति का वातावरण बनेगा। कोयल जैसी भाषा से देश, समाज और मंदिर का वातावरण भी सुखद बन सकता है। धर्म के माध्यम से ही वास्तविक शांति प्राप्त की जा सकती है।

“तप, त्याग और संयम से होती है धर्म की प्रभावना”
गोकुलधाम में आशीष वचन देते हुए मुनि अगर्भ सागर महाराज ने कहा कि पंचमेरु के समापन के उपलक्ष्य में निकाली गई जलयात्रा जैन धर्म की प्रभावना का माध्यम है। धर्म प्रभावना के अनेक साधन हैं। तप, उपवास और त्याग के माध्यम से भी धर्म की प्रभावना की जा सकती है। यह सम्यक दृष्टि की ओर बढ़ने का माध्यम है।

उन्होंने कहा कि पर्व निमित्त होते हैं और भगवान के पांच कल्याणक भी इसी आध्यात्मिक परंपरा से जुड़े हैं। काल कोई भी हो, धर्म के पर्व और उनकी प्रेरणा सदैव प्रासंगिक रहती है। दसलक्षण पर्व व्यक्ति को छोड़ने, त्याग करने और तपस्या करने की प्रेरणा देता है। इन साधनाओं से व्यक्ति का आत्मकल्याण होता है।

उन्होंने दसलक्षण धर्म के दस स्वरूप—उत्तम क्षमा, मार्दव, आर्जव, शौच, सत्य, संयम, तप, त्याग, अकिंचन और ब्रह्मचर्य—का उल्लेख करते हुए धर्म के अनुरूप जीवन जीने का संदेश दिया।
“कम और नपा-तुला बोलना चाहिए : मुनि अभेद सागर”
मुनि अभेद सागर महाराज ने कहा कि जब व्यक्ति भगवान के पास जाता है तो कहता है कि भगवान जो कहते हैं, वही सत्य है। संसार में प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी परेशानी से जूझ रहा है। ऐसे में जीवदया और धर्म के मार्ग को जीवन में अपनाना आवश्यक है।

उन्होंने वाणी के संयम पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जो व्यक्ति बहुत ज्यादा बोलता है, उसकी स्थिति पैर के घुंघरू जैसी हो जाती है। इसके विपरीत कम और नपा-तुला बोलने वाला व्यक्ति अधिक प्रभावी होता है। उन्होंने कहा कि सरस्वती वहीं विराजमान रहती हैं, जहां कम लेकिन अच्छे और सार्थक शब्द बोले जाते हैं। इसलिए व्यक्ति को अपनी वाणी पर संयम रखना चाहिए।
“भाईजी ज्वेलर्स पर भी हुआ पूजन-अभिषेक”
गोकुलधाम में धार्मिक कार्यक्रम के बाद जलयात्रा धोबीपुरा होते हुए गंज चौराहा और सुभाष चौक के समीप भाईजी ज्वेलर्स पहुंची। यहां भी मुनिसागर महाराज के आशीष वचन हुए तथा भगवान का अभिषेक, शांतिधारा और पूजा-अर्चना की गई। बड़ी संख्या में समाजजन एवं श्रद्धालु धार्मिक आयोजन में शामिल हुए।

























