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गुरुवार 23 जुलाई का दिन नगर के लिए गर्व और हर्ष का विषय है कि मोक्षमार्गी समाज के धर्मनिष्ठ एवं श्रीमोड़ परिवार के सप्तम प्रतिमाधारी, 70 वर्षीय वरिष्ठ श्रावक आदरणीय श्री अशोक भैय्या जैन (चिरायु मेडिकल) ने त्याग,तपस्या और आत्मकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ते हुए जैनेश्वरी दीक्षा ग्रहण कर आष्टा का नाम गौरवान्वित किया है। उनकी भव्य जैनेश्वरी दीक्षा हरियाणा प्रांत के झज्जर नगर में पूज्य आचार्य श्री 108 आर्जव सागर जी महाराज के पावन सान्निध्य एवं करकमलों से विधिवत सम्पन्न हुई।

झज्जर नगर, जो भारत की राजधानी दिल्ली से लगभग 65 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है तथा रोहतक, गुरुग्राम और रेवाड़ी जैसे प्रमुख शहरों के मध्य स्थित है, वहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और समाजजनों की उपस्थिति में यह ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक आयोजन संपन्न हुआ।

उक्त जानकारी समाज के नरेन्द्र गंगवाल ने देते हुए बताया कि श्री अशोक जैन लंबे समय से धर्म,त्याग, तपस्या, स्वाध्याय और संयममय जीवन के पथ पर अग्रसर रहे हैं। उनकी धार्मिक निष्ठा, साधना और आत्मकल्याण के प्रति समर्पण का परिणाम है कि उन्होंने जैनेश्वरी दीक्षा का व्रत स्वीकार कर अपने जीवन को धर्ममय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया।


श्री अशोक जैन की धर्मपत्नी श्रीमती आशा जैन सदैव उनके धार्मिक कार्यों में सहयोगी रही हैं। उनके परिवार में तीन पुत्रियां एवं एक पुत्र अखिलेश जैन हैं, जो आष्टा के सिविल अस्पताल के समीप चिरायु मेडिकल का संचालन करते हैं।

पूरे परिवार में धार्मिक संस्कार एवं सेवा भावना का विशेष वातावरण रहा है।नगर के समाजजनों ने श्री अशोक जैन के इस प्रेरणादायी निर्णय की मुक्तकंठ से अनुमोदना करते हुए इसे समस्त समाज के लिए अनुकरणीय बताया। समाज के वरिष्ठजनों ने कहा कि वर्तमान भौतिकवादी युग में त्याग, तपस्या और संयम का मार्ग अपनाना अत्यंत कठिन है,

किंतु ऐसे प्रेरणादायी व्यक्तित्व समाज को धर्म एवं आत्मकल्याण की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देते हैं।आष्टा सहित विभिन्न स्थानों के समाजजनों ने श्री अशोक जैन को जैनेश्वरी दीक्षा की हार्दिक शुभकामनाएं एवं मंगलकामनाएं प्रेषित करते हुए उनके उज्ज्वल आध्यात्मिक जीवन की कामना की तथा उनके तप, त्याग और वैराग्य की भावपूर्वक अनुमोदना की।

“थाना जावर पुलिस ने की बडी मात्रा में अवैध शराब परिवहन पर कार्यवाही”

पुलिस अधीक्षक सीहोर श्रीमति सोनाक्षी सक्सेना के निर्देशन में नशा उन्मूलन,अवैध शराब परिवहन पर रोक और वाहन चेकिंग आदि संबंधी कार्यवाहियाँ लगातार की जा रही हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीहोर श्रीमती सुनीता रावत, दामोदर गुप्ता एसडीओपी आष्टा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी जावर डीएसपी हेमंत पांडेय के नेतृत्व में थाना जावर पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए बडी मात्रा मे अवैध शराब परिवहन पर अपराध पंजीबद्ध किया गया ।

रात्रि में मुखबिर सूचना पर तालाब रोड ग्राम झिकड़ी मे एक सिल्वर कलर की बुलेरो क्र. MP09 HE2259 में कुल 9 पेटिया जिसमें 425 क्वाटर देशी मदिरा प्लेन,कुल 76.50 लीटर जिसकी कीमत करीबन 34000/- रूपये व बुलेरो जप्त कर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध अपराध पंजीबध्द कर विवेचना मे लिया गया। वाहन में से कुल 9 पेटीयाँ जिसमें 425 क्वाटर देशी मदिरा प्लेन कुल 76.50 लीटर दारू जिसकी किमत करीबन 34000/- रूपये व बुलेरो क्र MP09 HE2259 को विधिवत ज़ब्त कर अग्रिम कार्यवाही में लिया गया ।

जावर थाना प्रभारी उ.पु. अधी . हेमंत पांडेय के निर्देशन मे जावर पुलिस द्वारा पिछले 5 महीनों मे लगातार अवैध शराब पर कार्यवाही की जा रही है इसी क्रम मे अब तक कुल 19 कार्यवाही 34 आबकारी एक्ट के तहत तथा


5 कार्यवाही 34(2)आबकारी एक्ट के तहत की जा चुकी है । इस कार्यवाही में उप पुलिस अधीक्षक हेमंत पांडेय, उनि राकेश शुक्ला , प्रआर सुनील वर्मा, प्रआर सुरेश परमार , प्रआर हरीश डोडीयार , आर नरेन्द्र सैंधव, आर राहुल सूर्यवंशी,आर महेश यादव,आर सुरेंद्र मंडलोई,आर कावसिंह रावत,सैनिक देवपाल भाटी थाना जावर पुलिस की सराहनीय भूमिका रही ।

“इनरव्हील क्लब आष्टा ने जरूरतमंद महिला को स्वरोजगार हेतु प्रदान की सिलाई मशीन”

समाजसेवा और महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से इनरव्हील क्लब आष्टा द्वारा एक सराहनीय पहल करते हुए जरूरतमंद महिला श्रीमती लक्ष्मी जैन को स्वरोजगार के लिए सिलाई मशीन भेंट की गई। इस सहयोग से वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने की दिशा में कदम बढ़ा सकेंगी। इस अवसर पर क्लब की अध्यक्ष सुनीता सोनी ने कहा कि “इनरव्हील क्लब का उद्देश्य केवल सेवा कार्य करना ही नहीं,

बल्कि जरूरतमंद महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने के लिए प्रेरित करना भी है। यदि किसी महिला को रोजगार का साधन उपलब्ध कराया जाए तो वह स्वयं के साथ-साथ अपने परिवार का भी बेहतर भविष्य बना सकती है। क्लब आगे भी ऐसे सेवा एवं जनकल्याणकारी कार्य निरंतर करता रहेगा। उन्होंने कहा कि समाज के सक्षम लोगों और संस्थाओं को जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए, क्योंकि छोटी-सी मदद भी किसी के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।


सिलाई मशीन प्राप्त करने के बाद श्रीमती लक्ष्मी जैन ने इनरव्हील क्लब के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहयोग उनके लिए बहुत उपयोगी साबित होगा और इससे उन्हें रोजगार प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।


इस अवसर पर क्लब की एडिटर अर्चना सोनी, डॉ. चंदा जैन, गीता सोलंकी, सीमा बैरागी, तमन्ना जैन सहित क्लब की अन्य सदस्याएं उपस्थित रहीं। सभी ने महिला सशक्तिकरण एवं सेवा कार्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए भविष्य में भी ऐसे सामाजिक कार्य निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।

“व्यासपीठ की पूजा-अर्चना कर श्रद्धालुओं ने लिया श्रीमद्भागवत कथा का लाभ”

स्थानीय काछीपुरा में पं. भवानीशंकर शर्मा, गजेन्द्र शर्मा शास्त्री के निवास स्थान पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कथा परिसर भक्ति रस और धार्मिक भजनों की ध्वनि से गुंजायमान हो उठा।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर धर्म लाभ उठाया और पूज्य महाराज श्री का पावन आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन के दौरान पंडित कन्हैयालाल शर्मा के श्रीमुख से प्रवाहित संगीतमय एवं ज्ञानवर्धक श्रीमद्भागवत कथा ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।

महाराज श्री ने अपने प्रसंगों में श्रीमद्भागवत महापुराण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जीवन में सत्य, धर्म और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। कथा के दौरान भजनों की मधुर धुनों पर श्रद्धालु झूमते नज़र आए। पंडित श्री शर्मा ने राजा परीक्षित की कथा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब महाराज परीक्षित को ऋषि शृंगी द्वारा यह श्राप मिला कि सातवें दिन तक्षक नाग के डसने से उनकी मृत्यु हो जाएगी तो सामान्य मनुष्य की तरह वे भयभीत होकर रोए नहीं, बल्कि उन्होंने इसे ईश्वर की परम अनुकंपा माना। सर्प केवल एक जीव नहीं, बल्कि हमारे जीवन में काल और मृत्यु का प्रतीक है।

काल का सर्प हर क्षण, हर पल हम सभी की ओर बढ़ रहा है। अंतर बस इतना है कि राजा परीक्षित को तो अपनी मृत्यु का दिन और समय पता था कि उनके पास केवल सात दिन हैं, लेकिन हमें तो यह भी नहीं पता कि हमारा अगला पल कौन-सा है। कथा के दौरान नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा, पार्षद रवि शर्मा द्वारा श्रीमद्भागवत ग्रंथ एवं व्यास पीठ का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया। पूजन के उपरांत श्रद्धालुओं ने पूज्य महाराज श्री से आशीर्वाद प्राप्त कर क्षेत्र की सुख, समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थना की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने कहा कि हमारे सनातन धर्म और पावन ग्रंथों का महात्म्य अतुलनीय है।

इन पौराणिक कथाओं और धर्मग्रंथों के श्रवण मात्र से ही हम सभी को भगवान श्री कृष्ण एवं प्रभु श्री राम के इस धरा धाम पर अवतरण के वास्तविक महत्व और दिव्य उद्देश्यों का ज्ञान प्राप्त होता है। श्री मेवाड़ा ने कहा कि मेरे लिए यह अत्यंत सौभाग्य और भावुक कर देने वाला क्षण है। बचपन में पूज्य गुरुदेव के पावन सानिध्य में मुझे न केवल खेल और जीवन की सीख मिली, बल्कि उनके साथ मैदान पर क्रिकेट खेलने का असीम आनंद और अवसर भी प्राप्त हुआ और आज समय का यह सुंदर चक्र देखिए कि बचपन में खेल का पाठ पढ़ाने वाले वही पूज्य गुरुदेव आज अपने श्रीमुख से हमें सनातन धर्म, भक्ति और अध्यात्म की अमृतवाणी से सिंचित कर रहे हैं।

“कलेक्टर ने आष्टा की कान्याखेड़ी परियोजना का किया निरीक्षण
शेष रहे डूब प्रभावितों को जल्द से जल्द मुआवजा राशि दिलाने के दिए निर्देश
परियोजना से 3,800 हेक्टेयर कृषि भूमि होगी सिंचित”

कलेक्टर बालागुरू के. ने आष्टा में कान्याखेड़ी परियोजना का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परियोजना में पूर्ण हो चुके कार्यों का अवलोकन किया तथा अधिकारियों से शेष कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि परियोजना के सभी शेष कार्यों को जल्द से जल्द पूर्ण कर शीघ्र परियोजना को पूर्ण रूप से क्रियाशील बनाया जाए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर को जानकारी दी गई कि बांध का मुख्य निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है तथा केवल नाला क्लोजिंग का कार्य शेष है।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवश्यक विभागीय अनुमति प्राप्त कर नाला क्लोजिंग का कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जाए, ताकि परियोजना का निर्माण पूर्ण हो सके और वर्षा जल का अधिकतम संचयन सुनिश्चित किया जा सके। कलेक्टर ने परियोजना क्षेत्र से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइन को भी शीघ्र शिफ्ट कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग आपसी समन्वय बनाकर लंबित कार्यों का समयबद्ध निष्पादन करें, जिससे परियोजना के पूर्ण होने में किसी प्रकार की बाधा न आए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने डूब क्षेत्र के प्रभावित किसानों एवं भू-स्वामियों को देय मुआवजा राशि के भुगतान पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों निर्देश दिए कि शेष प्रभावितों को शीघ्र मुआवजा राशि दिलाई जाए। यदि किसी स्तर पर अनावश्यक विलंब हो रहा है अथवा विभागों के बीच समन्वय के अभाव में प्रकरण लंबित हैं, तो उनकी जानकारी तत्काल उपलब्ध कराई जाए, ताकि व्यक्तिगत स्तर पर समीक्षा कर उनका निराकरण कराया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रभावित हितग्राहियों को शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराना प्रशासन का दायित्व है।

कलेक्टर बालागुरू के. ने डूब क्षेत्र में आने वाले विस्थापित परिवारों से भी चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान विस्थापितों ने बताया कि पुनर्वास क्षेत्र में अभी तक बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है। इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवश्यक समन्वय कर शीघ्र विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि विस्थापित परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि पुनर्वास स्थलों पर बिजली, पेयजल, सड़क सहित सभी मूलभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना से जुड़े सभी लंबित कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा प्रत्येक कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्धारित समय-सीमा में उन्हें पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि कान्याखेड़ी परियोजना क्षेत्र के किसानों के लिए महत्वपूर्ण है और इसके पूर्ण होने से सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा तथा क्षेत्र के कृषि विकास को नई गति मिलेगी। निरीक्षण के दौरान आष्टा एसडीएम महेंद्र प्रताप सिंह किरार, सिंचाई विभाग के कार्यपालन यंत्री मयंक सिंह, एसडीओ रवि मालवीय सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

उक्त कान्याखेड़ी मध्यम सिंचाई परियोजना आष्टा क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजना है, जिसे 222 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है। परियोजना की जल भराव क्षमता 18.008 मि. घन मीटर है तथा इसके माध्यम से लगभग 3,800 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इसके साथ ही नागरिकों को पेयजल भी उपलब्ध होगा।

परियोजना के पूर्ण होने पर अरनिया गाजी, भंवरी, गाजीखेड़ी, हाजीपुर, हरनिया, कल्याणपुर, कान्याखेड़ी, कर्मनखेड़ी, कुरावर, टिगरिया एवं केशोपुर सहित आसपास के ग्रामों के किसानों को सिंचाई का लाभ मिलेगा, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ क्षेत्र में जल संरक्षण और ग्रामीण विकास को भी नई गति मिलेगी।

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