आष्टा। श्री नेमिनाथ श्वेतांबर जैन मंदिर किला स्थित उपाश्रय में चातुर्मास के दौरान पन्यास प्रवर यशोजीत विजय महाराज ने आशीर्वचन देते हुए कहा कि मोक्ष की प्राप्ति के लिए केवल सम्यक दर्शन ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सम्यक ज्ञान, सम्यक चारित्र और तप भी आवश्यक हैं। इन चारों के माध्यम से आत्मा कर्मों का क्षय करते हुए मोक्ष की ओर अग्रसर होती है।


महाराज ने कहा कि व्यक्ति के मन की शुद्धि होना आवश्यक है। जीवन में राग-द्वेष को कम करते हुए संस्कारित और विनयवान बनने का प्रयास करना चाहिए। विनय भी मोक्ष की गति का कारण बन सकता है। भगवान बनने के लिए भगवान के दर्शन मात्र नहीं, बल्कि उनके प्रति भाव और श्रद्धा भी होना चाहिए। भगवान ने हमें क्या करने के लिए कहा है और क्या नहीं करने के लिए कहा है, इस पर भी चिंतन करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के लिए ज्ञान बहुत जरूरी है। ऐसा धर्म जीवन में आना चाहिए, जो कर्मों का क्षय करने वाला हो तथा मन और काया दोनों की शुद्धि करे।यशोजीत विजय महाराज ने कहां संसार के सुखों के पीछे भागने से जीवन का वास्तविक उद्देश्य पूरा नहीं होता। व्यक्ति के पास कितना भी धन क्यों न हो, फिर भी उसकी धन के पीछे भागने की प्रवृत्ति समाप्त नहीं होती। संसार का स्वरूप समझकर आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए ।


“प्राण जाएं, धर्म नहीं जाए”
पन्यास प्रवर ने कहा कि व्यक्ति को जीवन में यह संकल्प रखना चाहिए कि प्राण चले जाएं, लेकिन धर्म नहीं छूटे। क्षमा हमारा धर्म है। मन में किसी के प्रति राग-द्वेष नहीं रखना चाहिए। भगवान की आत्मा और हमारी आत्मा का मूल स्वरूप एक जैसा है, इसलिए आत्मा की शुद्धि और कर्मों के क्षय के लिए सतत पुरुषार्थ करना चाहिए।

उन्होंने आचार्य राजतिलक सूरीश्वर महाराज के वैराग्य प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि वैराग्य जीवन को सही दिशा प्रदान करता है। संसार की असारता को समझकर आत्मचिंतन और धर्म आराधना में जीवन को लगाना चाहिए।

“44 दिवसीय सिद्धि तप की कठोर साधना”
इस अवसर पर महाराज ने तपस्या की महत्ता बताते हुए तपस्वी बहन गुंजन आयुष देशलहरा द्वारा की गई कठोर तपस्या की अनुमोदना की। उन्होंने 44 दिवसीय सिद्धि तप की कठोर साधना पूर्ण की है। सिद्धि तप को कठिन तपों में माना जाता है। तपस्या आत्मशुद्धि और कर्म निर्जरा का महत्वपूर्ण माध्यम है।

तपस्वी बहन की इस कठोर साधना के उपलक्ष्य में 30 अगस्त, रविवार को श्री मालव गिरनार तीर्थ क्षेत्र किला, आष्टा में तपश्चर्या अनुमोदनार्थ विशेष तपोत्सव आयोजित किया। कार्यक्रम में प्रातः 9 से 11.15 बजे तक पूज्य महाराज साहब के सान्निध्य में 12 तप की विशिष्ट प्रस्तुति सहित तपोवंदना कार्यक्रम हुआ। तपस्वी गुंजन देशलहरा का श्रीसंघ सहित समाजजन आदि ने बहुमान किया एवं प्रशंसा पत्र सौंपा।

“प्रमुख सचिव संदीप यादव ने कान्या खेड़ी परियोजना का किया निरीक्षण”
जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव श्री संदीप यादव ने आष्टा विधानसभा क्षेत्र की कान्याखेड़ी परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना के विभिन्न कार्यों एवं गतिविधियों का मौके पर पहुंचकर जायजा लिया तथा अधिकारियों से परियोजना की प्रगति और वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त की।


प्रमुख सचिव ने परियोजना से संबंधित कार्यों निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए परियोजना के कार्यों में गति लाने तथा संबंधित व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

“राष्ट्रीय खेल दिवस पर सांदीपनि विद्यालय में खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन
वृक्षों को राखी बांधकर लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प”
नगर के सांदीपनी शासकीय उमावि आष्टा में 29 अगस्त को महान हाॅकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जन्मतिथि के अवसर पर राष्ट्रीय खेल दिवस का आयोजन किया गया।

प्राचार्य सितवत खान ने बताया कि यह दिन भारत की समृद्ध खेल विरासत और हमारे एथलीटो की उपलब्धियों का जष्न मनाता है, जिन्होंने वैष्विक मंच पर देष को गौरवांवित किया है। इसी दिन वर्ष 2019 में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा ‘‘फिट इंडिया मूवमेंट’’ प्रारंभ किया गया था। खेलों से अनुशासन, आत्मविश्वास, धैर्य, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता जैसे गुणों का विकास होता है।


खेल हमारे जीवन का महत्वपूर्ण भाग है। ये केवल मनोरंजन का साधन ही नही बल्कि खेलों से शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास भी होता है। वर्तमान युग में खेलों को दिनचर्या में शामिल करके हम तनावमुक्त रह सकते है। आज राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर न केवल छात्र-छात्राओं बल्कि शिक्षक शिक्षिकाओं ने भी विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में जोर आजमाईश करी।

इस अवसर पर रस्साकशी, चम्मच दौड़, कबड्डी, क्रिकेट एवं अन्य खेलों का आयोजन किया गया। प्राचार्य द्वारा न केवल छात्र-छात्राओं बल्कि विजेता, शिक्षक शिक्षिकाओं को भी पुरूस्कृत किया गया। उन्होंने कहा कि विद्यालय में नियमित रूप से खेल गतिविधियां होती है, इसी का परिणाम है, कि विद्यालय के विद्यार्थी राष्ट्रीय, राज्य, संभाग और जिला स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे है। विद्यालय में विभिन्न प्रकार की खेल सामग्री उपलब्ध है और आवश्यकता अनुसार अन्य खेल सामग्री की भी व्यवस्था की जाएंगी।

चम्मच दौड़ प्रतियोगिता में माध्यमिक स्तर पर पायल को प्रथम, संध्या को द्वितीय और अनुष्का को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। हाई स्कूल स्तर पर तनिषा को प्रथम, निकिता मालवीय को द्वितीय, अनुराधा मालवीय को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। हायर सेकण्डरी स्तर पर प्रतिज्ञा ठाकुर को प्रथम, रेणुका धनवाल को द्वितीय और रेखा विश्वकर्मा को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। इस आयोजन में विकासखण्ड क्रीड़ा समन्वयक डी.एस. मांडवा की महत्वूपर्ण भूमिका रही।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता के उद्देश्य से प्राचार्य सितवत खान, विद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने विद्यालय परिसर के वृक्षों को राखी बांधकर उनकी रक्षा का संकल्प भी लिया।


खेल एवं पर्यावरण संरक्षण के आयोजन में अंत्येश धारवां, सम्राट ढोके, भूपेन्द्र सिंह, निर्मलदास बैरागी, धीरज शर्मा, सतीश वर्मा, रवि सोलंकी, जितेन्द्र धनवाल, पवन कुमार राया, मनोज कर्मोदिया, डाॅ. तेजपाल सिंह, अभिलाषा श्रीवादी, विरेन्द्र सिंह, जसपाल सिंह, सपना मेवाड़ा, कृतिका वर्मा, नीता जैन, नीतू चैरसिया, रामेश्वर दामड़िया, विजय हाटेकर, जितेन्द्र वर्मा, हेमंत मेवाड़ा, दिनेश गहरवाल, राजेश मालवीय, राजीव सारसिया, मनोज बड़ोदिया, संतोष कुमार, गौरीशंकर मालवीय,

वंदना सोलंकी, कासिम खान, संघमित्रा धांसू, मोनिका चैकसे, सत्येन्द्र चैहान, यतेन्द्र कुमार शर्मा, स्नेहलता पाल, श्वेता पांडेय, विजय अडगले, कमलेश वर्मा, मुकुंद सिंह, कुमेर सिंह, सुरेश पाटीदार, संदीप श्रीवास्तव, लखन परमार, रमेश मेवाड़ा, संजय जैन, नौशिन जहां, दीपक सेन, दीपिका दास, कमलेश सिसोदिया, सत्यवंत सिंह परमार, अरविंद सिंह, वीरेन्द्र सिंह, नितेश राठौर, अंकित मेवाड़ा, संदीप राठौर, दिनेश प्रजापति, संजेश परमार, जितेन्द्र वर्मा, अखिलेश राय, आशीष विश्वकर्मा, गोपाल कोली, पंकज कुमार, प्रदीप राठौर, लोकेन्द्र पैरवाल, विवेक अहिरवार, नरेन्द्र सिंह ठाकुर, राजेश राठौर आदि का विशेष योगदान रहा।
“आष्टा में पहली बार 48 दीपकों से 48 काव्यों का भक्ताम्बर महाअनुष्ठान शुरू
मुनि सागर महाराज बोले- क्रोध का नाश होने पर प्रकट होता है उत्तम क्षमा धर्म”

धर्मनगरी आष्टा में पहली बार पूज्य गुरु भगवंतों के पावन सानिध्य में 48 दिवसीय श्री भक्ताम्बर महाअनुष्ठान का शुभारंभ हुआ। श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन दिव्योदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र किला मंदिर स्थित आचार्य विद्यासागर धर्म सभागार में रविवार शाम 7 बजे मुनि संघ के सानिध्य में भक्ताम्बर महाकाव्य के 48 काव्यों पर 48 दीपकों से मंत्र अनुष्ठान प्रारंभ किया गया। इस अवसर पर समाधि सम्राट वात्सल्य रत्नाकर मुनिराज भूतबलि सागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य

मुनि सागर महाराज ने आशीर्वचन देते हुए कहा कि व्यक्ति चाहे तो बड़े-बड़े विधान और धार्मिक अनुष्ठान करा सकता है, लेकिन धर्म का वास्तविक उद्देश्य आत्मशुद्धि और कषायों का क्षय करना है। उन्होंने कहा कि क्रोध का नाश होने पर उत्तम क्षमा धर्म प्रकट होता है। उत्तम क्षमा, मार्दव, आर्जव सहित दस धर्म आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त करते हैं। मुनिश्री ने कहा कि आगामी पर्यूषण महापर्व एवं दसलक्षण धर्म के अवसर पर सभी श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर धर्माराधना करें और पुण्य अर्जित करें। धार्मिक आयोजनों में सहभागिता के साथ अपने जीवन में क्षमा, सरलता, विनम्रता और आत्मसंयम को उतारना ही धर्म की सार्थकता है।

आयोजकों ने बताया कि 1008 महाअतिशयकारी श्री आदिनाथ भगवान के श्री चरणों में भक्ताम्बर महाकाव्य के 48 काव्यों पर 48 दीपकों द्वारा मंत्र अनुष्ठान किया जा रहा है। नदिया वाले श्री आदिनाथ भगवान की विशेष मंत्र जाप आराधना लगातार 48 दिनों तक होगी। आष्टा के धार्मिक इतिहास में पहली बार इस प्रकार का अनुष्ठान मुनि संघ के पावन सानिध्य में आयोजित किया जा रहा है। दिगंबर जैन पंचायत समिति एवं मुनिसेवा समिति ने श्रद्धालुओं से अनुष्ठान में सहभागी बनकर धर्मलाभ लेने और पुण्य संचय करने का आह्वान किया है।
रविवार को अनुष्ठान के प्रथम दिवस के लाभार्थी संजय कुमार, संदीप कुमार एवं संस्कार जैन चाय घर परिवार रहे। मुनि संघ के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ अनुष्ठान में सहभागिता की।
लिखते-लिखते…….
30 अगस्त को शाम लगभग 5 से 6 बजे के बीच इछावर में पालीवाल नर्सरी के पास एक स्पोर्ट मोटर सायकल पर सवार तीन लोग हाइवे रोड पर आल्टो व ओमनी वेन से टक्कर लगने से दुर्घटना के शिकार हो गये ।

घटना में बाइक सवार आष्टा निवासी सुनील परमार कि मौके पर मृत्यु हो गई व दो अन्य लोग राहुल कुशवाह संदीप परमार गम्भीर रूप से घायल हो गये । दोनों घायलों को सीहोर 108 से भिजवाया गया । उक्त जानकारी इछावर थाना प्रभारी रामबाबू राठौर ने आष्टा हैडलाइन को दी
























