आष्टा । श्रावण मास के अंतिम सोमवार को आष्टा में प्राचीन श्री गणेश मंदिर से भगवान बाबा भोलेनाथ की शाही पालकी,शाही ठाठ बाट से निकली ।

बाबा की पालकी पहले प्राचीन शंकर मन्दिर स्तिथ पार्वती नदी के तट पर पहुची जहाँ आरती एवं प्रसाद का वितरण हुआ,पार्वती नदी पर आयोजित महाआरती में विधायक गोपालसिंह इंजीनियर,धारासिंह पटेल,हिन्दू उत्सव समिति के अध्यक्ष भुरू मुकाती,सकल समाज अध्यक्ष नरेन्द्र कुशवाह सहित सभी नागरिक,भक्त शामिल हुए ।


महाआरती के बाद शाही पालकी का शाही ठाठ बाट से भव्य शुभारम्भ अस्पताल चौराहे से हुआ जो बुधवारा,गल चौराहा,चार बत्ती चौक, गंज,होते हुए गणेश मंदिर पहुचा जहां महाआरती के बाद प्रसाद वितरण एवं समापन हुआ ।

बाबा भोलेनाथ की शाही पालकी में विधायक गोपालसिंह इंजीनियर,धारासिंह पटेल,राधेश्याम दलपति,शिव पाटीदार,रूपेश पटेल,सुशील संचेती, जितेन्द्र सोनी जयश्री ज्वेलर्स,विशाल चौरसिया,मोहित सोनी,वीरेन्द्र ठाकुर,धनरूपमल जैन,योगेंद्र ठाकुर,हरेन्द्र ठाकुर,बलवीर ठाकुर,कृष्णा शर्मा,राहुल चाचरसी ,जितेंद्र सिटोलिया आदि साथ रहे ।


नगर में निकली शाही पालकी में हजारों नागरिक,माताएं बहने,युवा साथी शामिल हुए
नगर में निकली शाही पालकी के स्वागत के लिये पूरे पालकी मार्ग पर नगर के अनेकों,संगठनों,संस्थाओं,समाजों ने मंच बना कर स्वागत सम्मान कर फलाहारी प्रसाद का वितरण किया । पालकी में शामिल विधायक इंजीनियर ने सभी मंचो पर पहुच कर सभी का अभिवादन कर स्वागत सम्मान स्वीकार किया ।


हिन्दू उत्सव समिति के अध्यक्ष भुरू मुकाती ने सभी नागरिको का चारो पालकियों में दिये सहयोग एवं सहभागिता के प्रति आभार व्यक्त किया

“ऑपरेशन मुस्कान के तहत रक्षाबंधन पर आष्टा युवा संगठन ने वितरित किए कपड़े, साड़ी, मिठाई, राखी एवं उपहार सामग्री”


त्योहारों की खुशियां समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और कोई भी जरूरतमंद, विधवा, परित्यक्ता अथवा अनाथ परिवार इससे वंचित न रहे, इसी उद्देश्य को लेकर सामाजिक सेवा के लिए सक्रिय आष्टा युवा संगठन ने रक्षाबंधन पर्व पर ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत जरूरतमंद परिवारों के साथ खुशियां साझा कीं।

स्थानीय गीतांजलि गार्डन में आयोजित समारोह में संगठन के प्रमुख आनंद गोस्वामी एवं उनकी टीम ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को साड़ी, कपड़े, मिठाई, राखी, गोला एवं अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की। सामग्री का वितरण नगर के जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों के हाथों कराया गया।

कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा,जिला पंचायत के सदस्य महेंद्र सिंह इंजीनियर, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती मीना सिंगी, व्यापार संघ अध्यक्ष रूपेश राठौर, हिंदू उत्सव समिति अध्यक्ष भूरू मुकाती, सकल समाज अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाह, भाजपा नेत्री श्रीमती संध्या बजाज, प्रेम नारायण शर्मा, महेश राठी, पार्षद तेजसिंह राठौर, पत्रकार किरण राका, पत्रकार राजीव गुप्ता, एवं मनीष धरावा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

संगठन के पदाधिकारियों पवन राका, रोहित तोमर, आनंद शर्मा, रमेश कुशवाह, जेपी राठौर, सोनू गोस्वामी, मोंटू कोरी, विपिन सिंघी, विक्रम कुमावत, राहुल मालवीय एवं भविष्य राठौर ने कहा कि त्योहार की वास्तविक खुशी तभी है जब समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े जरूरतमंद परिवार के चेहरे पर भी मुस्कान आए।


‘ऑपरेशन मुस्कान’ इसी सोच के साथ लगातार सेवा कार्य कर रहा है। इस अवसर पर रायसिंह मेवाड़ा, मीना सिंघी, रूपेश राठौर, महेंद्र सिंह इंजीनियर, नरेंद्र कुशवाह, संध्या बजाज, भगवती सोनी, प्रेमनारायण शर्मा एवं भूरू मुकाती ने अपने संबोधन में युवा

संगठन की इस सेवा भावना की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी पहल बताया। कार्यक्रम में मीना सोलंकी, संगीता बाई, हिना बाई, निशा मालवीय, निर्मला रेकवाल एवं रानी धूलिया सहित अनेक जरूरतमंद परिवारों को सहायता सामग्री प्रदान की गई। सहायता प्राप्त करने वाले परिवारों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी।

कार्यक्रम का सफल संचालन पार्षद तेजसिंह राठौर ने किया। उन्होंने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, संगठन पदाधिकारियों एवं उपस्थित नागरिकों का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया। अंत में युवा संगठन आष्टा ने भविष्य में भी निरंतर ऐसे सामाजिक एवं सेवा कार्य करते रहने का संकल्प दोहराया।
“धर्म के क्षेत्र में विवेक से करें कार्य, गुण को अवगुण न बनाएं — मुनि सागर महाराज”

समाधि सम्राट वात्सल्य रत्नाकर मुनिराज भूतबलि सागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि सागर महाराज ने श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन दिव्योदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र किला मंदिर स्थित आचार्य विद्यासागर धर्म सभागार में आशीर्वचन देते हुए कहा कि धर्म के क्षेत्र में भी विवेकपूर्वक कार्य करना चाहिए। गुण को कभी अवगुण नहीं बनाना चाहिए और प्रत्येक व्यक्ति को अपने आचरण एवं वाणी के प्रति सजग रहना चाहिए।

मुनि सागर महाराज ने कहा कि धर्म व्यक्तिगत भी है और व्यापक भी। भव्य जीव के भीतर ही धर्म प्रकट हो सकता है। भव्य जीव ही आत्मा से परमात्मा बनने की दिशा में आगे बढ़ सकता है, जबकि अभव्य जीव में धर्म का प्राकट्य नहीं होता। उन्होंने कहा कि द्रव्य और धर्म अनादिकाल से हैं और अनंतकाल तक रहेंगे। समुद्र, काल और आकाश की कोई सीमा नहीं होती।

उन्होंने कहा कि आज व्यक्ति परमात्मा तो दूर, अपनी अंतरात्मा की आवाज को भी ठीक से नहीं सुन पा रहा है। इसलिए आत्मचिंतन और विवेक के साथ जीवन जीने की आवश्यकता है। बिना सही निर्णय और दृढ़ संकल्प के निर्वाण के मार्ग पर आगे बढ़ना संभव नहीं है।


मुनि सागर महाराज ने कहा कि सोच-समझकर बोलना चाहिए। किसी को बदनाम करने, निंदा करने या चुगली करने से बचना चाहिए। ऐसा कोई कार्य नहीं होना चाहिए जिससे समाज अथवा परिवार का वातावरण बिगड़े। उन्होंने कहा कि हर वस्तु का सदुपयोग करना सीखना चाहिए। आग से रोटी भी सेंकी जा सकती है और उसका दुरुपयोग भी हो सकता है, इसलिए उपयोग करने वाले की भावना और विवेक महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि धर्म से केवल आने वाली पीढ़ी ही नहीं, बल्कि वर्तमान पीढ़ी को भी जोड़ना आवश्यक है। धार्मिक संस्कार और सद्विचार तभी आगे बढ़ेंगे, जब हम स्वयं अपने आचरण से नई पीढ़ी के सामने उदाहरण प्रस्तुत करेंगे।
मुनि सागर महाराज ने समाजजनों से धर्म के प्रति श्रद्धा के साथ विवेक, संयम और सदुपयोग की भावना अपनाने का आह्वान किया।

लिखते लिखते…..

संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज 650वीं जन्म जयंती पर
समरसता संकल्प अभियान के सुअवसर पर सामाजिक समरसता एवं बंधुत्व का संदेश जन-जन पहुचाने हेतु शुरू हुई कलश रथ यात्रा आज शाम को आष्टा पहुचेगी,वार्ड 15 इंद्रा कालोनी में भाजपा नगर मंडल ने कलश पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
























