आष्टा । कलेक्टर बालागुरू के. ने गेहूं उपार्जन कार्य में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर सीहोर जिले के गौर वेयरहाउस, बद्रीनाथ वेयरहाउस और प्रेम इंफ्रास्ट्रक्चर वेयरहाउस आष्टा को ब्लैकलिस्ट करने के लिए मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक को पत्र लिखा है। उल्लेखनीय है कि शासन के निर्देशानुसार समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन का कार्य 10 अप्रैल से 28 मई तक किया गया था।

चरनाल सेवा सहकारी समिति के अंतर्गत वनखेड़ा-चरनाल स्थित गौर वेयरहाउस को उपार्जन केंद्र बनाया गया था। जांच प्रतिवेदन के अनुसार वर्ष 2026-27 के भौतिक सत्यापन के दौरान गौर वेयरहाउस में 96,019 गेहूं की बोरियां भंडारित पाई गईं। वहीं समीप स्थित बद्रीनाथ वेयरहाउस, जिसे उपार्जन केंद्र स्वीकृत नहीं किया गया था,

उसमें बिना अनुमति के 5,630 गेहूं की बोरियां अवैध रूप से भंडारित मिलीं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में भी बद्रीनाथ वेयरहाउस पर उपार्जन कार्य में लापरवाही पाए जाने के कारण अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई थी, जिसके चलते उसे इस वर्ष उपार्जन केंद्र नहीं बनाया गया था। जांच के दौरान दोनों गोदामों में कुल 1,01,649 बोरियां पाई गईं, जो उपार्जन केंद्र की स्लॉट बुकिंग क्षमता से अधिक थीं।

इसके अतिरिक्त गौर वेयरहाउस में आगामी तिथियों में स्लॉट बुक कराने वाले किसानों का 3,257.50 क्विंटल गेहूं पूर्व में ही खरीदकर भंडारित कर लिया गया था। इन अनियमितताओं के संबंध में दोनों गोदाम संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, लेकिन उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए।
इन अनियमितताओं पर कलेक्टर बालागुरू के. ने मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक को पत्र लिखकर गौर वेयरहाउस को एक वर्ष तथा बद्रीनाथ वेयरहाउस को तीन वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट किए जाने की अनुशंसा की है।
“आष्टा के प्रेम इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी ब्लैकलिस्ट करने की अनुशंसा”

कलेक्टर बालागुरू के. ने गेहूं उपार्जन कार्य में लापरवाही पाए जाने पर मूंदीखेड़ी स्थित प्रेम इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी आगामी एक वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट किए जाने की अनुशंसा करते हुए मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक को पत्र लिखा है। जांच में पाया गया कि गोदाम के सभी आठ शटर क्षतिग्रस्त हैं तथा गोदाम में स्क्रैप एवं अनुपयोगी सामग्री रखी हुई थी। इससे उपार्जित गेंहू के चोरी होने की संभावना बनी हुई है। इसके साथ ही स्क्रैप न हटने के कारण खरीदी कार्य भी प्रभावित हुआ। पूर्व में सुधार के निर्देश दिए जाने के बावजूद आवश्यक व्यवस्थाएं नहीं की गईं।

कारण बताओ नोटिस के जवाब को भी संतोषजनक नहीं पाए जाने पर कलेक्टर ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए गोदाम को एक वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट किए जाने की अनुशंसा की है। कलेक्टर बालागुरू के. ने एमपीडब्ल्यूएलसी, श्यामपुर की शाखा प्रबंधक सुश्री दीप्ति सिंह की एक वेतन वृद्धि रोकने के लिए भी प्रबंध संचालक को पत्र लिखा है। जांच में पाया गया कि शाखा प्रबंधक द्वारा प्रभावी नियंत्रण एवं पर्यवेक्षण नहीं किया गया, जिसके कारण उपार्जन केंद्र के रूप में स्वीकृत न किए गए गोदाम में गेहूं का अवैध भंडारण कराया गया। साथ ही गोदाम संचालक के साथ मिलीभगत की भी पुष्टि हुई। शाखा प्रबंधक को जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब भी संतोषजनक नहीं पाया गया। इस आधार पर कलेक्टर ने उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए एक वेतन वृद्धि रोकने की अनुशंसा की है।





















