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आष्टा । आज प्रातः अपने दोस्तों के साथ सायकल से बड़ली पर नहाने के लिये गये छोटे छोटे बच्चों की टोली ग्राम से घूमते हुए बागेर-बापचा के बीच पड़ने वाली बड़ली पर पहुच गये ओर खोदी गई मुरम के बाद

जो तलाई नुमा पानी से भरे गड्डो में नहाने के दौरान दो बालक जिनके नाम
समर पिता संतोष उम्र 10 वर्ष निवासी ग्राम बापचा दोनिया एवं समर पिता जितेंद्र उम्र 10 वर्ष निवासी बापचा दोनिया बताये गये ये दोनों गहरे पानी मे चले जाने से डूब गये ।

राहगीरों ने इन्हें निकाला तब तक काफी देर हो चुकी थी और दोनों मासूम बालको की दर्दनाक मौत हो गई । घटना स्थल से दोनों को सिविल अस्पताल आष्टा लाया गया जहां ड्यूटी डॉक्टरों ने इनको परीक्षण कर मृत घोषित किया ।

सूचना मिलते ही परिजन,ग्रामीण,ग्राम के सरपंच अजाबसिंह ठाकुर पुलिस,प्रशासन के अधिकारी अस्पताल पहुचे ।
पीएम के बाद दोनों के शव परिजनों को सौप दिये गये है । पुलिस ने अस्पताल की सूचना पर मर्ग कायम कर जांच में लिया है ।

घटना की जानकारी मिलने के बाद विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने तहसीलदार आष्टा रामलाल पगारे से जानकारी ली एवं दोनों बालको के परिजनों को शासन के नियमानुसार मिलने वाली 4/4 लाख की सहायता के प्रकरण बनाने के निर्देश दिये ।


इस घटना ने आज एक बड़ा प्रश्न ये खड़ा किया है की जो ठेकेदार,खदान लेने वाले जमीन से खनिज संपदा निकाल कर उन खदानों को खुली छोड़ देते है ।

फाइल चित्र

जो इस तरह की घटना के कारण बन जाते है क्या मप्र शासन का खनिज विभाग खदानों के ठेके लेने वालों के लिये कोई गाइडलाइन तय करेगा ।

आज जिस मुरम की खदान के गड़े में ये दो मासूम डूबे वो खदान किसकी थी.? अगर अवैध मुरम खोदी गई तो वो कौन है जिसकी लापरवाही,अवैध उत्खनन के कारण बड़ली पर ये गड्डा दो मासूम की मौत का आज कारण बना उसकी भी खोज तो होना चाहिये ।

वही ऐसे कई बड़े बड़े गड्ढे गिट्टी ओर मुरम की खदानों के पूरे जिले में है जिनमे बारिश का पानी भरा गया है प्रशासन,खनिज विभाग को उनको चिन्हित कर उनके आस पास सुरक्षा घेरा एवं सूचना पट्ट लगाना चाहिये ताकि ओर कोई काल के मुह में ना समा पाये ।

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