सीहोर । सीहोर जिले ने प्रदेश की प्रावीण्य सूची में बड़ी पहचान बनाई है ।हाईस्कूल में जिले के 01 एवं हायर सेकेंडरी में 04 छात्रों ने जगाह बनाई है । प्रावीण्य सूची में आष्टा का भी दबदबा रहा । आष्टा के सांदीपनी विद्यालय की छात्रा प्रिंसी विश्वकर्मा एवं सिद्दीकगंज के जसमत की हर्षिता जैन प्रदेश में छाई ।

आष्टा विधायक ने आज परीक्षा परिणाम आने के बाद सफल विद्यार्थियों को बधाई देने सांदीपनी विद्यालय पहुचे ओर कु. प्रिंसी विश्वकर्मा का स्वागत सम्मान कर प्रिंसी को 11 हजार की सम्मान निधि अपनी ओर से भेंट की एवं प्रिंसी के माता-पिता,विद्यालय के प्राचार्य को बधाई दी । कलेक्टर ने सभी उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को भी बधाई दी ।

माध्यमिक शिक्षा मंडल म.प्र. भोपाल द्वारा वर्ष 2025-26 के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। जारी मेरिट सूची के अनुसार सीहोर जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
हाईस्कूल परीक्षा में जिले का परिणाम 84.90 प्रतिशत रहा, जिससे सीहोर को प्रदेश में आठवां स्थान प्राप्त हुआ। वहीं हायर सेकेंडरी परीक्षा में 86.47 प्रतिशत परिणाम के साथ जिले ने ग्यारहवां स्थान हासिल किया।

राज्य स्तरीय प्रावीण्य सूची में हाईस्कूल से जिले के 1 छात्र तथा हायर सेकेंडरी से 4 छात्र-छात्राओं ने स्थान बनाकर जिले का गौरव बढ़ाया है।
प्रावीण्य सूची में शामिल विद्यार्थियों में कक्षा 10वीं के भव्य कुशवाह ने 490 अंक (98%) प्राप्त कर प्रदेश में 10वां स्थान हासिल किया। वहीं 12वीं कक्षा में गणित संकाय से श्लोक प्रजापति (98.60%) ने प्रथम स्थान,

कला संकाय से कुं. हर्षिता जैन (96.20%) ने नौंवा स्थान, वाणिज्य संकाय से कुं. श्रुति मेवाड़ा (96.40%) ने नौंवा स्थान तथा जीव विज्ञान समूह से कुं. प्रिंसी विश्वकर्मा (97.40%) ने पांचवां स्थान प्राप्त किया। जिले में कुल 103 केंद्रों पर परीक्षाएं आयोजित की गई थीं, जिनमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं सम्मिलित हुए। पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष जिले के परीक्षा परिणाम में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।

कलेक्टर बालागुरु के. तथा जिला शिक्षा अधिकारी संजय तोमर ने सभी उत्तीर्ण छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने विद्यार्थियों की इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है।
























