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आष्टा । पार्वती थाना क्षेत्र के ग्राम मैना के पास डेरा डाल कर रुके राजस्थानियों के डेरे की सैकड़ो गाडर बकरियों में से करीब 75 से अधिक गाडर-बकरीयो को हमेशा की तरह डेरे वालो ने डेरे की गाडर बकरियों को पिसी हल्दी का घोल पिलाया ।

घोल पीने के बाद इनकी तबियत बिगड़ी ओर दो दिन में करीब 70/ 75 गाडर बकरियों की मौत हो गई,इतनी ही बीमार हो गई,कई का ईलाज चल रहा है । मिली जानकारी के अनुसार डेरा डालकर जंगल मे,किसी खाली खेत मे रह रहे इन पशुपालक राजस्थानियों ने अपनी गाडर-बकरियों को हमेशा की तरह उनेह रोगों से बचाने के लिये हल्दी का घोल पिलाया था ।

जिसके बाद देखते ही देखते पशुओं की तबीयत बिगड़ने लगी और अब तक लगभग 70 से 75 गाडर-बकरियों की मृत्यु हो चुकी है। बताया जा रहा है कि 22 फरवरी 2026 रविवार को ग्राम मैना के साप्ताहिक बाजार से ये पशुपालन पीसी हुई हल्दी खरीद कर लाये थे । पशुपालकों के अनुसार हल्दी को पानी में घोलकर जानवरों को पिलाया गया था ।

जिसके कुछ ही समय बाद कई गाडर बकरियों में उल्टी, कमजोरी और अचानक गिरने जैसे लक्षण दिखाई दिए। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि एक के बाद एक बड़ी संख्या में बकरियों की मौत हो गई।
घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया । अब ये जांच का विषय है की इतनी बड़ी संख्या में इनकी मौत का क्या कारण हो सकता है । क्या इनकी मौत उक्त हल्दी के घोल से हुई या कोई और कारण है । मौत के कारणों का अधिकृत खुलासा इनके पीएम की रिपोर्ट आने के बाद ही होगा ।


पशुपालकों ने आशंका जताई है कि बाजार से खरीदी गई हल्दी में मिलावट या किसी जहरीले तत्व की संभावना हो सकती है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में पशुओं की मौत सामान्य घटना नहीं है, इसकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है।

आज जनपद के सीईओ,हल्का पटवारी,पंचायत के सरपंच, सचिव,पशुचिकित्सा विभाग की टीम मौके पर पहुची ओर पीड़ित पशुपालकों के बयान दर्ज किये है । प्रशासन को उक्त हल्दी भी जप्त करना चाहिये जिसे इन्होंने घोल बना कर पिलाई थी,घोल बनाने में पानी कौनसा उपयोग किया उसकी भी जांच होना चाहिये । वही इन्होंने हल्दी किससे खरीदी थी उसमे भी पूछताछ होना चाहिये, उसके पास की हल्दी का भी सैम्पल लिया जाना चाहिये ।


निश्चित मामला गम्भीर है,प्रशासन को अति गम्भीरता से लेना होगा ।
इस मामले में पशु चिकित्सा विभाग के डॉ माहेश्वरी ने बताया की राजस्थान के भेड़ पालकों ने डेरे की 350 गाडर बकरियों में से करीब 220 को हल्दी का घोल पिलाया था। 24 घण्टे में उसका असर शुरू हुआ और बीमार होने लगी उसमे से करीब 61 की मौत हो गई ।

सूचना पर विभाग की पूरी टीम पहुची इलाज शुरू किया जिसमें से करीब 150 को बचा लिया गया है । मृतक गाडर बकरियों का पीएम कर उनका सैम्पल जांच हेतु सागर भेजा जा रहा है । मौत के कारणों का खुलासा रिपोर्ट आने के बाद ही होगा ।

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