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दिनांक 25/01/2026 को फरियादी राजेश मालवीय द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उसकी मोटर साईकिल एचएफ डीलक्स क्रमांक MP37/MT/5290 रंग काला सेमनरी रोड स्थित साहू गार्डन के पास से अज्ञात चोर द्वारा चोरी कर ली गई है।थाना आष्टा मे धारा 303(2) bns का अपराध पंजीवद्ध कर अज्ञात आरोपी की तलाश की गयी.। मामले मे प्रभारी एसडीओपी आष्टा प्रवीण चडोकर एवं थाना प्रभारी आष्टा गिरीश दुबे के मार्गदर्शन में पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस टीम द्वारा घटना स्थल व आस पास के cctv कैमरे के आधार पर अज्ञात चोरो की पहचान करते हुए दो आरोपियों को चोरी गयी हीरो हौंडा मोटर साईकिल सहित पकड़ा गया। आरोपियों से चोरी की गयी हीरो हौंडा मो सा बरामद कर धारा 303(2) bns मे गिरफ्तार किया जाकर न्यायालय में पेश किया गया है।


गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध चोरी, नक़बजनी, अवैध शराब परिवहन व मारपीट के अपराध देवास, भोपाल, इंदौर ओर राजगढ़ के थानो मे पंजीवद्ध है। गिरफ्तार आरोपी के नाम
(1)अनिल पिता बद्रीनाथ, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम खड़ीहाट थाना पार्वती
(2)विनोद पिता बद्रीनाथ राठौर, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम खड़ीहाट थाना पार्वती से एक मोटर साईकिल कीमत लगभग 80,000/- रुपये जप्त की गई। इस मामले में
स उ नि जगदीश धुर्वे, आर मेहरवान, आर शुभम मेवाड़ा
की सराहनीय भूमिका रही ।

“समाज में ऐसा काम करें कि चिकित्सक के साथ स्टाफ का भी नाम हो — डॉ. विशाल सिंह बघेल
शिवालय हॉस्पिटल में स्वागत-सम्मान समारोह आयोजित”

भारतीय जनता पार्टी चिकित्सा प्रकोष्ठ के नवनियुक्त प्रदेश संयोजक डॉ. विशाल सिंह बघेल का नगर आगमन पर आत्मीय स्वागत किया गया। शहर के शिवालय हॉस्पिटल में आयोजित सम्मान समारोह में उन्होंने चिकित्सकों एवं स्टाफ को संबोधित करते हुए कहा कि चिकित्सा सेवा केवल पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम है। ऐसा कार्य करें कि केवल चिकित्सक ही नहीं, बल्कि अस्पताल के स्टाफ का नाम भी सम्मान के साथ लिया जाए।
डॉ. बघेल ने कहा कि शिवालय हॉस्पिटल का नाम उनके लिए नया नहीं है। “यह मेरे लिए परिवार जैसा है। भले ही आज मेरे कदम पहली बार यहां पड़े हैं, लेकिन अपनापन पहले से महसूस होता रहा है। आप सभी मेरे परिवार के सदस्य और मेरी ताकत हैं,” ।
आपने कहां कि प्रदेश में प्राइवेट अस्पतालों को एक मंच पर लाना आसान कार्य नहीं था, लेकिन सभी के सहयोग से यह संभव हुआ। आयुष्मान भारत योजना के संदर्भ में उन्होंने कहा कि प्रारंभिक चरण में कई विसंगतियां और समस्याएं सामने आई थीं, परंतु अब अधिकांश कठिनाइयों का समाधान कर लिया गया है। “यदि किसी भी प्रकार की आवश्यकता मेरे स्तर से पूरी हो सकती है तो मैं हमेशा तत्पर रहूंगा,” उन्होंने आश्वस्त किया कि मैं कहीं पर भी हूं लेकिन आपके लिए उपस्थित रहूँगा।


स्टाफ ही अस्पताल की असली नींव
डॉ. बघेल ने कहा कि किसी भी अस्पताल की पहचान उसके स्टाफ से होती है। “जिस अस्पताल का सफाई कर्मी और रिसेप्शन व्यवस्थित हो, वहां अन्य व्यवस्थाएं स्वतः बेहतर होने का विश्वास बन जाता है। अस्पताल की नींव उसका स्टाफ होता है,” ।
उन्होंने चिकित्सकों और मरीजों के बीच बनी दूरी को कम करने की आवश्यकता पर भी बल दिया और कहा कि विश्वास का सेतु मजबूत करना समय की मांग है।
ऊर्जावान बने रहने का आह्वान
उन्होंने उपस्थित चिकित्सकों और कर्मचारियों से विपरीत परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने का आह्वान करते हुए कहा कि जीवन में सुख-दुख आते रहते हैं, लेकिन सेवा भाव में निरंतरता ही वास्तविक सफलता है। “कुछ भी होने पर आरोप अस्पतालों पर ही लगते हैं, इसलिए पारदर्शिता और संवाद बेहद आवश्यक है,”।
डॉ. कुणाल राय ने व्यक्त की शुभकामनाएं
शिवालय हॉस्पिटल के संचालक डॉ. कुणाल राय ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि डॉ. बघेल चिकित्सा क्षेत्र में सकारात्मक वातावरण निर्मित कर रहे हैं। “जिस ऊर्जा और समर्पण के साथ वे कार्य कर रहे हैं, उससे निश्चित ही वे प्रदेश ही नहीं, देश में भी अपनी सेवाओं की अलग पहचान बनाएंगे।कार्यक्रम को डॉ. जीशान अहमद, किशोर मेवाड़ा एवं डॉ. राज ने भी संबोधित किया।
आत्मीय स्वागत
डॉ. बघेल के आष्टा आगमन पर शिवालय हॉस्पिटल परिवार की ओर से प्रमुख डॉ. कुणाल राय, प्रबंधक नवीन जैन, डॉ. लावण्या वी., राहत अली, अजीत जैन एवं स्टाफ सदस्यों ने दुपट्टा पहनाकर एवं पुष्पहारों से ढोल-ढमाके के साथ गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। स्वागत के दौरान स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान भी किया गया।
कार्यक्रम का संचालन हॉस्पिटल के प्रबंधक नवीन जैन ने किया।

“स्क्रीनिंग शिविर सम्पन्न”

दिव्यांग बच्चे जन्म से 18 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों में दिव्यांगता की त्वरित पहचान करने हेतु स्क्रीनिंग शिविर दिनांक 24 फरवरी 2026 को जनपद पंचायत आष्टा के सभा कक्ष में आयोजित किया गया। जिससे कोई भी दिव्यांग बच्चा चिन्हांकन के बिना एवं लाभ से वंचित न हो तर्ज पर प्रत्येक संभावित दिव्यांग बच्चों की पहचान चिन्हांकन एवं प्रमाणन हेतु जिला मेडिकल बोर्ड के विशेषज्ञ द्वारा परीक्षण एवं दिव्यांग प्रमाण पत्र प्रदान किया गया ।

जिसमें कुल पंजीयन 67बच्चों का चिन्हांकन किया गया जिसमें से अन्य 2 तथा 14अस्थि बाधित, 02दृष्टि बाधित, 02श्रवण बाधित 19 मानसिक बच्चों, 15 रेफेर का चिन्हांकन एवं 39 मेडिकल सर्टिफिकेट एवं udid 31 वितरण और शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देकर आवेदन दर्ज किए गए । जिसमें उपसंचालक सामाजिक न्याय,मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत आष्टा,जिला मेडिकल बोर्ड के विशेषज्ञ जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के कर्मचारी एवं अन्य जनपद स्टाफ उपस्थित रहे ।

“आष्टा जनपद सीईओ ने किया गौशाला का निरीक्षण,
अनियमितताएं पाए जाने पर सरपंच और सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी”

कलेक्टर बालागुरू के. के निर्देशानुसार अधिकारियों द्वारा जिले में संचालित गौशालाओं में सभी व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन के उद्देश्य से गौशालाओं का निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में आष्टा जनपद सीईओ ने ग्राम पचांयत खजुरिया जावर में मनरेगा योजना के तहत निर्मित गौशाला का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गौशाला में पेयजल एंव साफ सफाई संबंधी अनियमितताएं पाई गई।

सीईओ द्वारा अनियमितताएं पाए जाने पर ग्राम के सरपंच श्रीमति मायाबाई विश्वकर्मा और सचिव महेन्द्र सिह ठाकुर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और गौशाला में व्यवस्थाओं में सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान कलस्टर प्रभारी सुमतलाल करोलिया एवं उपयंत्री श्रीमती दीक्षा नागर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

“नंदीश्वर द्वीप महामंडल विधान के शुभारंभ पर रानी बड़जात्या ने किया ध्वजारोहण
ऐसे शाश्वत पर्व का लाभ दुर्लभ, सम्यकदर्शन से ही पर्याय सार्थक होगी – मुनि श्री संस्कार सागर महाराज”

मंगलवार चौबीस फरवरी से अष्टांहिका महापर्व
प्रारंभ हुआ।इस पावन पर्व के अवसर पर श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन दिव्योदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र किला मंदिर पर मुनिश्री संस्कार सागर, विश्वसूर्य सागर,साध्य सागर मुनिराज एवं क्षुल्लक जी के पावन सानिध्य में
नंदीश्वर दीप महामंडल विधान प्रारंभ हुआ।इस पावन अवसर पर किला मंदिर परिसर में ध्वजारोहण की लाभार्थी श्रीमती रानी मनीष बड़जात्या रही, मंत्रोच्चार के साथ मुनि संघ के सानिध्य एवं समाजजनों की उपस्थिति में
ध्वजारोहण संपन्न कराया गया। मुनिश्री साध्य सागर महाराज ने उक्त विधान में अर्घ्य समर्पित करवाए।
नंदीश्वर द्वीप महामंडल विधान का भव्य शुभारंभ 24 फरवरी को हुआ। प्रथम दिन विधान की सात पूजाएं संपन्न हुईं। इस अवसर पर विराजित पूज्य मुनिश्री संस्कार सागर महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी बड़े पुण्यशाली श्रावक हैं, जिन्हें शाश्वत पर्व नंदीश्वर द्वीप विधान पूजन की आराधना का अवसर मिला है।मुनिश्री ने कहा कि मनुष्य पर्याय अत्यंत दुर्लभ है, किंतु इसकी दुर्लभता को हर कोई नहीं समझ पाता। जो इस दुर्लभता को समझ लेता है, वही अपने परिणामों को पवित्र बनाकर जीवन को धन्य कर पाता है। सामूहिक प्रभु भक्ति से अपार पुण्य का अर्जन होता है। मनुष्य ढाई द्वीप तक ही पहुंच सकता है, जबकि नंदीश्वर द्वीप आठवें द्वीप में स्थित है। वहां विराजमान जिनबिंबों की आराधना हम इस विधान के माध्यम से करते हैं। ऐसा शाश्वत पर्व बड़े सौभाग्य से प्राप्त होता है।

मुनिश्री ने कहा कि इतना बड़ा समाज है और उपस्थिति यहाँ पर बहुत कम है।उन्होंने कहा कि इन आठ दिनों में भोगों से निवृत्त होकर नियम-संयम के साथ जीवन व्यतीत करना चाहिए। हम भोगों को भोगते नहीं थकते, लेकिन धर्म करने में थक जाते हैं। ऐसे महापर्व हमें जगाने के लिए आते हैं।धर्म केवल क्रियाओं में उलझने का नाम नहीं,बल्कि उसके सही स्वरूप को समझने का नाम है। अपने परिणामों को संभालने का प्रयास करें, क्योंकि परिणामों की पवित्रता ही जीवन की सार्थकता है।मुनिश्री ने कहा कि सम्यकदर्शन के बिना व्रत, ज्ञान और आचरण सब निर्थक हैं।भाव पवित्र होंगे तभी क्रिया पवित्र होगी।केवल शब्द सुनने से कर्मों की निर्जरा नहीं होती, जिनवाणी को जीवन में उतारना पड़ता है। जब तक परिणामों में उज्ज्वलता और निर्मलता नहीं आती, तब तक मनुष्य पर्याय पाना सार्थक नहीं होता।उन्होंने समाज की कम उपस्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी बड़ी समाज में से बहुत कम लोग उपस्थित हैं। तीन मुनिराजों का सानिध्य मिलना मामूली बात नहीं है। देव, शास्त्र और गुरु का सानिध्य अत्यंत दुर्लभ है। 365 दिन पाप में निकल जाते हैं और पुण्य के लिए समय नहीं निकाल पाते। जैन कुल में जन्म लेना और मनुष्य पर्याय प्राप्त होना महान पुण्य का परिणाम है।मुनिश्री ने कहा कि आजकल लोग मोबाइल और टीवी पर प्रवचन सुन लेते हैं, लेकिन प्रत्यक्ष जिनवाणी का श्रवण अलग ही पुण्य देता है। देने वाला तो देता है, परंतु पाने के लिए भी पुण्य होना चाहिए। अवसर मिलने पर धर्म लाभ अवश्य लेना चाहिए।कोई आत्म कल्याण के पुरुषार्थ में लगा है तो कोई संसार के जाल में उलझा है। धर्म के प्रति रुचि बढ़नी चाहिए।उन्होंने प्रेरित करते हुए कहा कि प्रातः उठकर णमोकार महामंत्र का जाप और भगवान की आराधना करना पंचम काल में भी तीव्र पुण्य का कारण है। ऐसा पुण्य अर्जित करें कि यह पर्याय छूटे तो साक्षात नंदीश्वर द्वीप में जन्म लेकर आराधना का सौभाग्य प्राप्त हो।धर्मसभा में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से विधान पूजन में सहभागिता कर पुण्य अर्जित किया।

लिखते लिखते…

कल प्रशासन एवं खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने डोडी में जिस नकली सांची घी की फैक्ट्री पकड़ी थी,आज दूसरे दिन भी कार्यवाही जारी रही । आज खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम,जावर तहसीलदार डोडी पहुची ओर पैक व खुले घी के सैम्पल लिये गये है,वही अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नही हुई है

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