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आष्टा । 1925 में एक संकल्प,एक ध्येय को लेकर शुरू हुआ संघ की स्थापना के 100 साल पूर्ण हो गये है । हम राम और कृष्ण की संतान है, श्रीमद् भागवत गीता में लिखा है कि जब जब धर्म की हानि होती है, धर्म घटना है और अधर्म बढ़ता है तब तब इस संसार में इस जगत में,सृष्टि में भगवान का प्रादुर्भाव होता है ।


आप जानते हैं,इतिहास में 18 बार आक्रांता मोहम्मद गौरी ओर पृथ्वीराज चौहान के बीच युध्द हुआ । इसमें से 17 बार पृथ्वीराज चौहान ने मोहम्मद गोरी को हाराया था, क्योंकि वह व्यक्ति अपने राष्ट्र को बचाना चाहता था अपने धर्म को बचाना चाहता था अपने हिन्दू धर्म को बचाने के लिए अपना पूरा राज-पाठ, अपना पूरा जीवन पृथ्वीराज चौहान ने इस राष्ट्र की रक्षा के लिये अवैध दीवार बनाकर के अपना पूरा जीवन लगा दिया। लेकिन आप जानते हैं मोहम्मद गोरी 18 वी बार युध्द पृथ्वीराज चौहान से कैसे जीत गया,वो इसलिए जीत गया क्योंकि हम में से एक जयचंद पैदा हो गया था । उस जयचंद के कारण मोहम्मद गोरी 18 वी बार जीत गया और पृथ्वीराज चौहान को हारना पड़ा ।

उनको बंदी बना लिया गया उनके हाथी को बंदी बना लिया गया उनकी सेना को बंदी बना लिया गया । एक जयचंद के कारण पृथ्वीराज चौहान का वो सपना,जो उन्होंने अपने राष्ट्र के लिये देखा था, जिस राष्ट्र में केवल सनातन और केवल सनातन और केवल सनातन के अलावा दूसरा कोई नहीं आएगा,उस राष्ट्र में केवल मंदिर और मंदिर और केवल मंदिर ही रहेंगे इस राष्ट्र में केवल गंगा गंगा और केवल गंगा की पूजा होगी, इस राष्ट्र में केवल गाय और केवल गौ माता की पूजा होगी इसके अलावा इस राज्य का दूसरा कोई उनका अपना विचार नहीं था उनका सपना टूट गया । उक्त ओजस्वी उदगार हिन्दू सम्मेलन के मुख्य वक्ता पंडित हरिमाधव शास्त्री ने व्यक्त किये ।

पंडित हरिमाधव शास्त्री ने आगे कहा की इसलिये हमेशा अपने आस पास छुपे जयचन्दों से सावधान रहो,ये कई रूप में आपके आस पास रहते है इनको बस पहचानने की जरूरत है । आज हमारे आराध्य,आस्था के केंद्र भगवान श्रीराम को 500 साल के लम्बे संघर्ष के बाद श्रीराम मंदिर में स्थापित किया गया । भगवान का मंदिर जहां हमारी आस्था है, हमारा ध्येय है, हमारा सुमिरन है, हमारा भजन है, हमारी भक्ति है उसके लिये हमें हमारे ही देश मे जयचन्दों के कारण 500 साल तक संघर्ष और इंतजार करना पड़ा ।

में तो कहता हूं कि शायद अगर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नहीं होता तो आज भी हम वहां मंदिर में दर्शन नहीं कर पाते,ना हीं वहा मंदिर बन पाता । इसलिए में सभी हिंदुओ से आज इस हिन्दू सम्मेलन के माध्यम से आव्हान करता हु,कि चाहे किसी स्थिति में साथ देना पड़े, मर जाना पड़े,तो धर्म का ही साथ दीजिए । कभी भी जयचंद बन कर के धोखा मत देना। आज बंगलादेश में हिंदुओं की क्या स्तिथि है,इसको जरा देखो,समझो ओर जागो । हिन्दू हम सब एक है, एक रहिए । बंगलादेश में जिस युवक को जिन्दा जलाया वो इस लिये की वो हिन्दू था ।

इसलिये अब जातियों में बंटने का नही है । हम सब हिन्दू है
इसको लेकर हमें जागृत रहने की परम आवश्यकता है । शास्त्री ने कहा जिसके घर में बहुत सोना होता है, जिसके घर में बहुत चांदी होती है, जिसके घर में बहुत पैसा होता है, उसे घर की सुरक्षा के लिये, उसे घर के सामने गार्ड लगाने पड़ते हैं । उसे घर के स्वामी को जागृत करना पड़ता है और आप जानते हो संपूर्ण विश्व में एकमात्र राष्ट्र भारत ऐसा है जो सर्व संपन्न है, यह ज्ञान संपन्न है ,यह शक्ति संपन्न है, संपदा संपन्न है, यह सब प्रकार से संपन्न देश है और इसमें इस राष्ट्र में बार-बार चोर लुटेरे घुसने के लिए तैयार बैठे रहते हैं । इसलिए हमें सजग,सतर्क,जागते रहना होगा ।
जहां यह केसरिया झंडा दिख जाए वहां कोई जाति नहीं हम सब हिंदू एक है ।

पक्का सनातनी मर जाएगा, चाहे मिट जाएंगे लेकिन कभी सनातन पर आज नहीं आने देंगे ।
रावण ने अंतिम समय मे लक्ष्मण जी को कहा की पहली शिक्षा यह है कि जब भी कोई अच्छा काम करने का मन में आए तो तुरंत कर लेना चाहिए ओर अगर कोई बुरा काम करने का मन मे आये तो उसे टाल देना चाहिए । फिर लक्ष्मण जी ने जिज्ञासा से रावण से प्रश्न किया कि आपके पास सब कुछ था,रामजी के पास कुछ नही था फिर भी आप पराजित हुए तब रावण ने कहा

मेने अधर्म किया दूसरा मेरा अपना भाई मेरे साथ नहीं था और मैंने अपने भाई को त्याग दिया था इसलिए मेरे जिस भाई ने मुझे उत्तम शिक्षा दी थी उसको मैंने त्याग दिया यही मेरी पराजय के कारण है । शास्त्री जी ने कहा हिन्दू सम्मेलन का उद्देश्य यही है कि हम सब लोग आपस में एक है,भाई भाई हैं एक दूसरे के सुख-दुख के साथी है, यदि हम लोग एक दूसरे को गले लगाएंगे तो संसार में हमसे कोई जीतने वाला पैदा नहीं होगा ।

हर बार विजय हमारी ओर हमारे सनातन धर्म की ही होगी, हर बार विजय हिंदू की होगी,हर बार विजय भारत की ही होगी । इस लिये सभी एक रहे ।
हिन्दू सम्मेलन को संबोधित करते हुए भोपाल से आई वक्ता स्मृति मिश्रा ने
संघ शताब्दी वर्ष में पंच परिवर्तन को लेकर हिन्दू सम्मेलन में आई खासकर मातृशक्तियो से चर्चा कर आव्हान किया कि इन पांच परिवर्तन को अपने परिवार में अपना कर हमें समाज को परिवार को सशक्त बनाना है । ये पंच परिवर्तन है
पहला है सामाजिक समरसता: जाति, भाषा और क्षेत्रीय भेदभाव मिटाने के लिए संवाद, समरसता भोज और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में एकता व भाईचारा बढ़ाना।
दूसरा है स्वदेशी : ‘स्व’ (खुद) के बोध के माध्यम से आत्मनिर्भरता और स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा देना।
तीसरा है नागरिक कर्तव्य : नागरिकों को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग करना, कानून का पालन कराना और राष्ट्र को समृद्ध बनाने में योगदान देना।


चौथा है पर्यावरण संरक्षण : सृष्टि का संरक्षण करना, स्वच्छता अभियान, जल संरक्षण और जैविक खेती को बढ़ावा देना।
ओर अंतिम पांचवा है कुटुम्ब प्रबोधन : एकल परिवार की प्रवृत्ति को रोककर भारतीय पारिवारिक परंपरा को मजबूत करना और बच्चों में संस्कार बढ़ाना ।
आयोजित हिन्दू सम्मेलन को मध्य भारत प्रान्त के धुमन्तु जाती प्रमुख लखनलाल विश्वकर्मा ने भी ओजस्वी उद्बोधन दिया । बच्चों में राष्ट्रभक्ति के कार्यक्रम प्रस्तुत किये । राजश्री कॉलेज परिसर में आयोजित उक्त कार्यक्रम के समापन पर समरस भोज का आयोजन किया गया । बजरंग बस्ती के इस हिन्दू सम्मेलन के संयोजक दुलीचन्द कुशवाह ने सभी अतिथियों का स्वागत सम्मान किया ।

“समता युवा संघ ने जीवदया अभियान के तहत मनाया जीवदया पर्व,पक्षियों को डाला दाना”

“थोड़ा सा दाना थोड़ा सा पानी, अपनत्व की भावना हमें है निभानी, मानवता का धर्म निभाएंगे हम, जीवदया को हृदय से अपनाएंगे, बेजुबान है पशु पक्षी बेचारे लेकिन ये है परम मित्र हमारे” के संदेश को लेकर आज समता युवा संघ के द्वारा शुरू किये गये सामाजिक सरोकारों
की श्रृंखला में आज श्री अखिल भारत वर्षीय साधुमार्गी जैन संघ की युवा शाखा समता युवा संघ आष्टा द्वारा

“जीवदया अभियान” के अंतर्गत श्री नेमिनाथ श्वेतांबर जैन मंदिर किले की विशाल छत पर कबुतर आदि पक्षियों के लिये दाना जिसमे ज्वार,मक्का,चावल आदि डाल कर जीव दया के कार्य सम्पन्न किए । इस अवसर पर संघ के सुशील संचेती, रिलेश बोथरा,हेमन्त सुरणा,नवीन देशलहरा,मनोज बोथरा,सुबाहू संचेती, पंकज डूंगरवाल,राज बोथरा आदि उपस्तिथ थे ।

“एसआईआर को लेकर आष्टा नगर मंडल के शक्ति केंद्रों पर पहुचे विधायक गोपालसिंह इंजीनियर,अभी तक हुए कार्यो की समीक्षा कर दिये निर्देश”

मंडल स्तर पर एसआईआर को लेकर समीक्षा बैठकों का दौर संपन्न होने के बाद अब आष्टा विधानसभा क्षेत्र के सभी मंडलों के शक्ति केंद्रों पर समीक्षा बैठकों का दौर शुरू हुआ ।

आज आष्टा विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने नगर मंडल के समस्त शक्ति केदो पर पहुंचकर एसआईआर को लेकर अभी तक किए गए करणीय कार्य की समीक्षा कर आगामी करणीय कार्यों को लेकर निर्देश दिए । इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व जिला अध्यक्ष ललित नागोरी,नपा अध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाडा,जिला उपाध्यक्ष अतुल शर्मा,पूर्व जिला मीडिया प्रभारी सुशील संचेती भी बैठकों में विधायक जी के साथ उपस्थित रहे ।

आज आष्टा नगर मंडल के शक्ति केंद्र क्रमांक एक अलीपुर से प्रातः 11:00 बजे बैठको का दौर शुरू हुआ जो शाम तक शक्ति केंद्र क्रमांक 8 तक चला । संपन्न हुई बैठकों में मंडल अध्यक्ष प्रतिनिधि विशाल चौरसिया, बीएलए वन धनरूपमल जैन,नगर महामंत्री मोहित सोनी सहित सभी शक्ति केंद्रों के अंतर्गत आने वाले बूथो के बूथ अध्यक्ष,बीएलए 2,बूथ के महामंत्री सहित सभी अपेक्षित पदाधिकारी उपस्थित रहे ।

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