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आष्टा । खराब भोजन,अशुध्द पीने के पानी के कारण वीआईटी में पढ़ने एवं हॉस्टल में रहने वाले हजारों विद्यार्थियों द्वारा दो दिन पुर कैम्पस परिसर में जो तांडव किया,तांडव के दौरान विद्यार्थियों ने खुल कर आरोप लगाये की यहा खराब भोजन,अशुद्ध पीने के पानी से कई विद्यार्थियों को जवाइंडिस(पीलिया) हो गया ।

शिकायत पर कोई ध्यान नही दिया तब जो हुआ वो हुआ है । विद्यार्थियों की शिकायत को अपनी आदत ओर हिटलरी व्यवहार के कारण वीआईटी ने शिकवा शिकायतों को हवा में उड़ाना भारी पड़ गया और बाद में अर्द्ध रात्रि में जो तांडव हुआ वो पूरे देश के सामने है ।

कहावत है कि जब लातो के भूत बातों से नही मानते है तो फिर लात घूंसे चलाने पढ़ते है । वीआईटी के विद्यार्थियों ने लात घूंसे तो नही चलाये लेकिन जो किया उसने वीआईटी के हिटलरी प्रबंधन को नानी दादी याद दिला दी और रात्रि में जो

तोड़फोड़,आगजनी की घटना को अंजाम दिया उससे पूरे देश से जो बच्चे इस संस्थान में आने,शिक्षा ग्रहण करने का विचार कर रहे है या करेंगे वे दस बार जरूर सोचेंगे की एडमिशन ले या ना ले.?


शुरू शुरू में तो वीआईटी ने पूरी तरह इंकार जैसा कह दिया था की हमारे विद्यार्थियों में पीलिया के लक्षण ही नही मिले, जांच कराई,कुछ में मिले थे,अब सब ठीक है,घर चले गये, आराम कर रहे है,आदि आदि ।

लेकिन जब पानी सिर से ऊपर हो गया,विद्यार्थियों ने आंदोलन कर सबक सिखाया,सरकार और प्रशासन का डंडा घुमा तब सब स्वीकार करते नजर आये की हमारे विद्यार्थियों की जांच कराई जिसने 24 में पीलिये के लक्षण पाये गये है ।

बाद में ये ही संख्या बढ़ कर 36 हो गई मतलब कुछ तो छुपाने के प्रयास किये गये थे । घटना के बाद जिला एवं स्थानीय प्रशासन ने खाद्य एवं सुरक्षा विभाग एवं पीएचई को दिये गये निर्देश पर पीएचई विभाग आष्टा एवं खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की टीमें वीआईटी पहुची ओर दोनों टीमो ने खाद्य सामग्री एवं पीने के पानी के सेंपल लिये ।

सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार पीएचई विभाग आष्टा की टीम ने कैम्पस में बने बड़े टैंक जिसमे सभी बोरो का पानी स्टोर होता है उसमें से पानी के,जिस टंकी से कैंटीन एवं होस्टल को पानी सप्लाई किया जाता है

उसमें से पानी के,सभी होस्टलों में लगे वाटर कूलरों से,जहां मेस में भोजन बनता है वहा जिस पानी का उपयोग किया जाता है उस पानी का इस तरह कुल 16 स्थानों से पानी के सेंपल ले कर सीहोर स्तिथ जिला लेब को जांच हेतु भेजे गये है ।

इसी तरह विद्यार्थियों की खराब अशुद्ध भोजन की शिकायत पर दो दिन में खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की टीम ने भी वीआईटी में पहुच कर भोजनशाला, कैंटीन आदि से करीब 25 खाद्य सामग्रियों के सेंपल लिये ओर उन सभी को जांच हेतु भोपाल स्टेट लेब को भेजे गये है । पानी और खाद्य सामग्रियों के लिये सेंपल की रिपोर्ट के आने का इंतजार है । वही कल प्रभारी मंत्री श्रीमति कृष्णा गौर के वीआईटी में समीक्षा बैठक में दिये निर्देशो के बाद सभी विद्यार्थियों के स्वास्थ का परीक्षण किये जाने के निर्देश दिये है ।


वीआईटी कोठरी में पूर्व में जो समय समय पर घटनाएं घटी,आंदोलन हुए,दो दिन पूर्व जो तांडव हुआ उस सब से सबक लेते हुए अब शासन,ओर प्रशासन को निरंकुश हो चुके वीआईटी पर सतत निगरानी के साथ निगरानी रखने की बड़ी जरूरत है । देखते है आगे आगे होता है क्या.?
घटना के तीन दिन बाद भी घटी घटना को लेकर वीआईटी की ओर से स्थानीय प्रेस को कोई जानकारी अधिकृत रूप से नही दी गई,जिसका इंतजार है

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