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आष्टा । कुछ माह पूर्व इस ही वीआईटी के परिसर में होस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों ने भीषण गर्मी में पानी के गम्भीर संकट को लेकर अर्द्ध रात्रि में जो आंदोलन,तोड़फोड़ की थी अगर शासन प्रशासन उस समय ही वीआईटी की मनमानी,दादागिरी पूर्ण रवैये पर कठोर कार्यवाही का चाबुक चला देता तो निश्चित व्यवस्थाओं में सुधार हो जाता और रात्रि में एक बार फिर समस्याओं को लेकर जो तांडव करना पड़ा वो नही होता ।

लेकिन कहते है कुछ ऐसे भी होते है कि वो सुधरना ही नही चाहते है और उसमे एक नाम है कोठरी में स्तिथ वीआईटी । आष्टा अनुविभाग के ग्राम कोठरी में स्तिथ वीआईटी भोपाल के परिसर में बने हॉस्टल में रहने वाले हजारों विद्यार्थियों को गुणवत्ता युक्त पानी, भोजन व अन्य सुविधाएं नहीं मिलने तथा

कुछ छात्रों को पीलिया बीमारी होने की जानकारी लगने के बाद रात्रि में जब पीड़ित विद्यार्थियों ने अपनी बात वीआईटी प्रशासन को अवगत कराने,उनसे चर्चा करने जा रहे थे तब उनके साथ जो अभद्रता की गई तब उससे आक्रोशित हुए विद्यार्थियों ने रात्रि में लगभग दो से तीन बजे के बीच जमकर आंदोलन शुरू कर दिया ।

आंदोलन कारी विद्यार्थियों ने वीआईटी कैंपस में रखी गाड़ियां पलट दी, बस एवं कारों में तोड़फोड़ कर दी,भवन में एवं बाहनो में आग लगा दी । जब स्थिति कंट्रोल से बाहर होते दिखाई दी तब वीआईटी प्रशासन की सूचना पर अर्धरात्रि में आष्टा एसडीएम नितिन टाले,एसडीओपी आकाश अमलकर,

टीआई गिरीश दुबे सहित आसपास के सभी थानों का फोर्स वीआईटी पहुंचा तथा जैसे तैसे हजार आंदोलनकारी विद्यार्थियों को शांत कर उनकी पीड़ा को सुना तथा आश्वासन दिया कि आपकी जो भी समस्या है वह सब हमें अवगत करा दें ।

प्रत्येक समस्या का जांच कर कर उसके निदान करने का प्रयास किया जाएगा । पीड़ित विद्यार्थियों से चर्चा करते हुए एसडीएम नितिन टाले ने कहा कि आपने बताया कि वीआईटी परिसर में पानी और भोजन गुणवत्ता युक्त नहीं मिलता है । इसकी सैंपलिंग कर ली जाएगी तथा उसकी जांच कराई जाएगी तथा यह भी आश्वासन देता हूं कि समय-समय पर भी हमेशा पानी और भोजन की गुणवत्ता की जांच करते रहेंगे ।

विद्यार्थियों ने जब कहा कि उनके कई छात्र पीलिया की बीमारी से पीड़ित है ऐसी जानकारी है तब एसडीएम ने कहा कि आप पूरी जानकारी प्राप्त कर ले की हॉस्टल में रहने वाले कौन-कौन छात्र इस बीमारी से पीड़ित है, उनका कहां इलाज चल रहा है,अगर वह इलाज से ठीक हो गए हैं और अगर घर गए हैं तो उन सब के नाम हमें दे इसकी भी पूरी जांच कर ली जाएगी ।


एसडीएम के आश्वाशन के बाद सभी विद्यार्थियों ने अपना आंदोलन खत्म कर हॉस्टल लौट गये । रात्रि में घटना बड़ी हो जाने के बाद सोशल मीडिया,मीडिया में जा पहुची । रात्रि में घटी घटना सरकार तक पहुची तब पूरा शासन,प्रशासन,पुलिस पुनः एक्टिव हुआ । प्रातः एसडीएम एवं एसडीओपी पुनः वीआईटी पहुचे ।


दोपहर बाद वीआईटी ने 25 से 30 नवम्बर तक का अवकाश घोषित कर दिया । छुट्टी घोषित होने की सूचना मिलते ही विद्यार्थियों में अफरातफरी मच गई बच्चे होस्टल से घर जाने के लिये निकल पड़े पूरे गवाखेड़ा मार्ग पर जाम के हालात बन गये । बच्चे परेशान होते रहे जैसे तैसे गवाखेड़ा चोराहे पहुचे लेकिन यहा से बसे नही मिलती है ।

इस कारण बच्चों को जो साधन मिला,जितना किराया मांगा दे कर आष्टा, सीहोर,भोपाल,इंदौर,उज्जैन की ओर रवाना होने लगे ।
घटना के 15 घंटे बीत जाने के बाद भी वीआईटी की ओर से स्थानीय प्रेस को कोई प्रेस नोट अपने मत का नही भेजा गया
रात्रि में जो तांडव हुआ उसके जले,टूटे अवशेष आज पूरे दिन परिसर में देखने के केंद्र बन गये थे ।

“प्रभारी मंत्री ने वीआईटी कॉलेज की घटना पर लिया संज्ञान, प्रशासन को दिये नर्देश
प्रशासन सतर्क है और स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं – मंत्री श्रीमती गौर
छात्रों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के प्रभारी मंत्री ने दिए निर्देश”

सीहोर जिले के आष्टा के पास कोठरी स्थित वीआईटी कॉलेज में दूषित भोजन खाने से विद्यार्थियों का स्वास्थ्य खराब होने की घटना और छात्रों द्वारा प्रदर्शन की जानकारी प्राप्त होने पर संज्ञान लेते हुए पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त, घुमंतु एवं अर्द्ध घुमंतु कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने

सीहोर कलेक्टर श्री बालागुरू के., एसपी श्री दीपक कुमार शुक्ला तथा कॉलेज प्रबंधन से घटना की विस्तृत जानकारी ली। मंत्री श्रीमती गौर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के साथ ही छात्रों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए।

मंत्री श्रीमती गौर ने कॉलेज प्रबंधन को विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए संस्थान में कुछ दिनों का अवकाश घोषित करने को भी कहा, ताकि छात्र आराम कर सकें और स्थिति सामान्य होने के साथ ही वापस लोटने पर सहज महसूस कर सकें। मंत्री श्रीमती गौर ने निर्देश दिए कि कॉलेज की मेस एवं भोजन व्यवस्था का तत्काल परीक्षण कर उसे दुरुस्त किया जाए तथा भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।

सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुधार कर सुचारू किया जाए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि घटना पर प्रशासन सतर्क है और स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। इस घटना के तुरंत बाद ही पुलिस एवं प्रशासन की टीम ने घटना स्थन पहुंच कर स्थिति को नियंत्रित कर लिया था।

“वीआईटी में घटी घटना की हो उच्चस्तरीय जांच-विधायक गोपालसिंह इंजीनियर
प्रशासन-पुलिस,घर जा रहे विद्यार्थियों को कोई परेशानी ना हो, पर रखे नजर,मनमाना किराया बसूल करने वाली बसों पर करे कार्यवाही”

कल रात्रि में कोठरी स्थित वीआईटी परिसर में विद्यार्थियों द्वारा जो आंदोलन किया तथा आंदोलन में आक्रोशित विद्यार्थियों द्वारा जिन कारणों से आक्रोश व्यक्त करते हुए घटना करित की इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग आष्टा विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से की है । विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने रात्रि में घटी घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रात्रि में वीआईटी के अंदर जो कुछ घटना घटी निश्चित वो दुर्भाग्यपूर्ण है ।

लेकिन विद्यार्थियों को उक्त आंदोलन का सहारा क्यों लेना पड़ा उनके कारणों की भी उच्च स्तरीय जांच होना चाहिए ताकि वीआईटी कॉलेज में प्रदेश के ही नहीं, देश के अन्य प्रान्तों से जो विद्यार्थी अपने भविष्य का निर्माण करने, उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए आए हैं उनेह इस तरह के आंदोलन का सहारा क्यो लेना पड़ा,क्या उन्हें वीआईटी परिसर में प्रबंधक द्वारा वह सब सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जो नियम अनुसार है ।

विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर ने स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को भी निर्देशित किया है कि कल की घटना के बाद आज वीआईटी प्रबंधन द्वारा विद्यार्थियों की छुट्टी कर उन्हें घर जाने को कहा है और बड़ी संख्या में कॉलेज परिसर के होस्टल में रह रहे विद्यार्थी अपने घरों की ओर रवाना हो रहै है । इसको लेकर वीआईटी मार्ग एवं कोठरी के गाव खेड़ा चौराहे पर काफी भीड़ है तथा वे बसों का इंतजार विद्यार्थी कर रहे हैं । इसको लेकर निश्चित रूप से पुलिस और प्रशासन सुव्यवस्था करें ताकि घरों को लौट रहे विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो ।

विधायक ने स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को यह भी निर्देश दीये है कि मुझे संज्ञान में आया है कि अचानक विद्यार्थियों के अपने घर लौटने के कारण भीड़ बढ़ गई है और इसका फायदा बस,कार,जीप,रिक्से वाले मनमाना किराया वसूल कर लाभ लिया जा रहा है इस पर तत्काल कार्रवाई की जाए तथा किसी भी बस वाले द्वारा विद्यार्थियों से अनावश्यक रूप से निश्चित से अधिक टिकट की राशि ली जा रही हो तो उन पर कार्यवाही की जाये ।

“पुलिस ने किया मारपीट, बलवा,आगजनी का मामला दर्ज”

दिनांक 26/11/2025 को वीआईटी कॉलेज परिसर में छात्रों द्वारा भोजन एवं पेयजल की गुणवत्ता तथा अन्य प्रबंधन संबंधी समस्याओं को लेकर विरोध दर्ज किया गया। विरोध के दौरान कुछ स्थानों पर तोड़फोड़ की घटना भी हुई थी।
घटना संबंधी सूचना रात लगभग 3:00 बजे प्राप्त हुई, जिसके बाद तत्काल पुलिस बल मौके पर पहुँचकर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में कर ली गई।


सूचना मिलते ही आष्टा, मंडी, को सहित आसपास के 4–5 थानों से पर्याप्त पुलिस बल तुरंत कॉलेज परिसर पहुँचा।
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं पुलिस आष्टा द्वारा मौके पर पहुँचकर स्थिति का नियंत्रण सुनिश्चित किया।
छात्रों की सभी शिकायतें ध्यानपूर्वक सुनी गईं और कॉलेज प्रबंधन के साथ समाधान हेतु तत्काल बैठक आयोजित की गई।

“पीएचई एवं खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा भोजन एवं पेयजल के सैंपल लिए गए”

सैंपल रिपोर्ट आने पर नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
बीएमओ द्वारा मेडिकल टीम लगातार तैनात रखी गई है, जो छात्रों की स्वास्थ्य जांच, प्राथमिक उपचार एवं पुराने रिकॉर्ड का मिलान कर रही है।


घटना के दौरान प्राप्त वीडियो में कुछ वार्डन/ गार्ड द्वारा छात्रों के साथ मारपीट के दृश्य पाए गए।
इस पर प्रशांत कुमार पांडे एवं अन्य के विरुद्ध अपराध क्रमांक 561/25 थाना आष्टा में सुसंगत धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।


कॉलेज प्रबंधन द्वारा परिसर में हुए नुकसान का आवेदन प्राप्त हुआ है , जिसके आधार पर थाना आष्टा में बलवा ,आगजनी तोड़फोड़ एवं अन्य सुसंगत धाराओं में अपराध क्रमांक 562/25 पंजीबद्ध किया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर महोदय एवं पुलिस अधीक्षक महोदय सिहोर द्वारा कॉलेज प्रबंधन से घटना के मूल कारण और घटना की पुनरावृत्ति ना हो इसके कारण जानने के लिए विस्तृत चर्चा की गई।


तथा एसडीएम और एसडीओपी को लिखित में निर्देश दिए गए और भविष्य में किन-किन बिंदुओं पर आवश्यक क्या सुधार किया जा सकते हैं और उन विषयों पर आगामी रूपरेखा तैयार करने हेतु चर्चा की गई।
साथ ही एसडीएम और एसडीओपी द्वारा कॉलेज प्रबंधन को लिखित में निर्देश जारी किए जाएंगे।
कॉलेज परिसर एवं आसपास का क्षेत्र पूर्णतः शांत एवं नियंत्रण में है।


पुलिस की विशेष टीमें स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।

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