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आष्टा । रात्रि में लगभग 8 से 9 बजे के बीच ग्राम चाचरसी निवासी एक बालक अन्नू की तबियत खराब होने पर उसके परिजन उसे ईलाज हेतु सिविल अस्पताल आष्टा ले कर आये।

ड्यूटी महिला डॉक्टर ने उसका परीक्षण किया और उसे बुखार उतरने के लिये सिरप लिखा, बालक के साथ आई अटेंडर जो उसकी नानी एवं मासी की पुत्री थी ने डॉक्टर का पर्चा दवा वितरण काउंटर पर दिया ।

फाइल चित्र

बीमार बालक के परिजनों का आरोप है की दवा काउंटर से नर्स ने जो दवा की शीशी दी उसे ले जा कर बीमार बालक को उक्त सिरप समझ कर दवा पिलाई । परिजनों का आरोप है उक्त दी गई सिरप की शीशी बुखार की ना हो कर किसी ओर बीमारी को दूर करने की दवा की शीशी थी ।

जब बालक को उल्टियां होने लगी तब यह भंडा फूटा । परिजनों ने अपने इंदौर के किसी परिचित को बात की,उसने जब उक्त दवा जो बालक को पिलाई थी की पहचान की तब उसने बताया ये बुखार उतरने का सिरप नही है ये तो किसी अन्य बीमारी को दूर करने का लोशन है ।

जब नर्स से शिकायत की तो अफरा तफरी मच गई । नर्स को अपनी गलती मालूम पड़ गई तब उसने उक्त सिरप के स्थान पर गलती से दी लोशन की सीसी मरीज बालक के परिजनों से ले कर गायब कर दी ये आरोप बालक के परिजनों ने लगाये है । परिजनों ने जब नर्स से उक्त लोशन की शीशी वापस मांगी तो उसने नही दी ।

उसके बाद जम कर हंगामा हुआ । परिजनों का आरोप है कि जो नर्स दवा काउंटर पर एवं वार्ड में जो नर्स ड्यूटी पर थी वे मोबाईल चलाने में व्यस्त,मस्त थी,उक्त गलती के पीछे भी यही कारण बताया जा रहा है । क्या ड्यूटी के दौरान मोबाईल चलाने पर अंकुश लगाया जायेगा ये भी इस गम्भीर लापरवाही के बाद एक बड़े प्रश्न के रूप में उभर कर सामने आया है।

रात्रि में शिकायत के बाद बीएमओ डॉ अमित माथुर,शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ जैन आदि मौके पर पहुचे,बालक का परीक्षण किया और रात्रि में उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया ।

बीएमओ डॉक्टर अमित माथुर ने बताया कि बालक को रात से ही डॉक्टरों की निगरानी में रखा है। अब वो ठीक है। रात्रि में ही रोगी कल्याण समिति के सदस्य उत्थान धारवा को भी जब इस मामले की जानकारी लगी उन्होंने भी इस मामले की जानकारी ली ।

इनका कहना है
कल रात्रि में उक्त बालक अन्नू को ड्यूटी डॉक्टर द्वारा लिखे गये सिरप के स्थान पर दवा वितरण काउंटर पर तैनात नर्स एवं फार्मासिस्ट द्वारा गलत दवा दे दी जिसे पिलाने से उसको उल्टियां होने लगी थी ।

रात्रि में उस बालक को डॉक्टरों की निगरानी में रखा,बालक स्वस्थ है,दवा देने में गलती हुई उसे गम्भीरता से लिया जा कर उक्त दोनों को दवा वितरण काउंटर से हटा दिया है,दोनों को कारण बताओ नोटिश जारी कर जवाब मांगा जा रहा है
डॉ अमित माथुर बीएमओ सिविल अस्पताल आष्टा

वही पीड़ित पक्ष ने सोशल मीडिया पर जो लिखा उनका कहना इस प्रकार है

“सविनय निवेदन है कि मैं सोनू/मासी जी निवासी चाचरसी आपको यह सूचित करना चाहती हूँ कि दिनांक 19/08/2025 को रात्रि लगभग 8 बजे शासकीय अस्पताल आष्टा में मेरे भांजे अन्नू (उम्र 6 वर्ष 6 माह ) को डॉक्टर द्वारा सिरप दवाई लिखी गई थी।

ड्यूटी पर तैनात नर्स ने स्वयं लोशन दिया, जबकि प्रिस्क्रिप्शन में सिरप लिखा हुआ था। मेरी मां और पिता जी अशिक्षित होने के कारण यह अंतर समझ नहीं पाए,और बच्चे को लोशन पीला दिया लेकिन दवा देने से पहले इसकी जाँच करना नर्स की जिम्मेदारी थी।

नोट-सभी चित्र बायरल वीडियो के स्क्रीन शॉट है..

इस लापरवाही के कारण बच्चे को बार-बार उल्टी हो रही है और अत्यधिक नींद आ रही है, जिससे उसकी जान को गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ।
भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही न हो, इसके लिए सख्त दिशा-निर्देश और निगरानी व्यवस्था लागू की जाए।

भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही न हो, इसके लिए सख्त दिशा-निर्देश और निगरानी व्यवस्था लागू की जाए।आपसे विनम्र आग्रह है कि इस पर शीघ्र कार्यवाही करें।”

सोनू मासी
बीमार बालक के
परिजन

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