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जो घुंघरू होते है वो बजते भी है और सुनाई भी देते है,लेकिन हमारे घुंघरू ऐसे है जो बजते तो है पर वो किसी को सुनाई नही देते है,आप पूछेंगे ऐसा क्यों,तो उसका जवाब है जो घुंघरू हमे सुनाई देते है,वो यू तो, सबको भी सुनाई देते है,क्योकि हमाम में सब…है । लेकिन ये जितने भी हमाम वाले है वो कहते भी नही है,ओर बोलते भी नही है..!

अब इन दिनों 15 सो मोतियों की माला की बड़ी खबर चर्चा में है, की अगर आपने किसी भी जमीन से कही से भी अगर बिना परमिशन के कोई सी भी प्रजाति का पेड़ जिसे सतकट लकड़ी कहते है

काटी हो और उसे आप दिन के उजाले में या रात के अंधेरे में ग्राम से,जंगल से किसी भी आरा मशीन तक लाना चाहते है तो आपको कुछ नही करना है,बस 15 सो मोतियों का हार अपनी जेब मे रखना है ।

ये 15 सो मोतियों का हर अगर आपकी जेब मे तो आपको किसी प्रकार की कोई चिंता करने की जरूरत है,सब व्यवस्था जम जायेगी, आप कटी लकड़ी ट्रेक्टर ट्राली में भरे कोई कुछ नही कहेगा,ना ही रास्ते मे आप से कोई कुछ पूछेगा,जो ऐसे मामले में अक्सर पूछते है । आप सीधे रवाना हो और गंतव्य तक पहुचे,ट्राली खाली करे और घर जा कर चेन की नींद सो जाए ।

पहले कुछ दिन झांकी दिखाई गई थी,जागरूकता का ढोग किया था,हम जागरूक है,कही कोई कुछ नही कर सकता है । हमेशा ध्यान रखे जब दिये में तेल कम हो जाता है तो जो लो होती है वो फड़फड़ाती है,जैसे ही दिये में तेल बाती के हिसाब से भर दिया जाता है,बस लो अपने हिसाब से जलती रहती है

ये घुंघरू जो बजते नही है….पर सुनाई देते है……

इस मामले में भी दिये, बाती, लो के इस उदाहरण को गहराई में जा कर समझे आप 15 सो मोतियों की जिस माला का हमने ऊपर जिक्र किया वो ही इस दिये,बाती और लो का सार है । अब प्रश्न ये उठता है आखिर 15 सो मोतियों की माला किसे भेंट करे .?

इसकी चिंता करने की कोई जरूरत नही है एक सिस्टम विकसित हो चुका है,उस विकसित हुए सिस्टम से वो सब लोग सब भली भाती परिचित है,जो इसमें रचे,बसे है ।


किसी को गहराई में जाने की जरूरत भी नही है,आप अपने काम से काम रखे,बस मोतियों की माला इस पूरे सिस्टम में प्रमुख है,उसका ध्यान रखे,सिस्टम को फॉलो करें और मजे लुटे…!

ओर हाँ गहराई में जाने की कोशिश ना करे,नेतागिरी ना लगाये, नही तो आप अपनी ट्रेक्टर ट्राली से लकड़ी सहित हाथ धो सकते है,जो इस सिस्टम का वन मेन सो है,वो है तो नीचे का लेकिन उसे आशीर्वाद प्रमुख का है..!


इस सुविधा का लाभ लेने वाले को पूर्व से सब कुछ अवगत कराना जरूरी है,सभी प्रक्रिया भी पूर्ण करे उसके बाद निश्चिंत रहे ! नही तो ध्यान रखे “सावधानी हटी-दुर्घटना घटी”
इस लिये ही कहते है “ये घुंघरू जो बजते नही…पर सुनाई जरूर देते है….।

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