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सीहोर जिले की सबसे बड़ी ए क्लॉस वर्तमान आष्टा कृषि उपज मंडी को आगामी खरीफ के सीजन तक 100 एकड़ के विशाल क्षेत्रफल में विकसित हो रही नवीन सर्वसुविधायुक्त मंडी में स्थानान्तरित करने के लक्ष्य को सामने रखते हुए आष्टा विधायक गोपालसिंह इंजीनियर सक्रिय हो गये है ।

आष्टा से लेकर भोपाल मंडी बोर्ड तक के सभी जिम्मेदार अधिकारियों से विधायक लगातार संपर्क बनाये हुए है । इस मामले को लेकर वे जल्द ही कृषि मंत्री कंसाना जी से भी मिलने वाले है ।

इसके पूर्व विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने भोपाल निवास पर आष्टा की नवीन कृषि उपज मंडी में चल रहे कार्यो,अन्य प्रस्तावित कार्यो की स्तिथि,मंडी में बिजली कार्य,रोड निर्माण,शेड निर्माण,शॉप कम गोदाम,मंडी में सुरक्षा एवं स्वास्थ व्यवस्था,नवीन मंडी में पहुच मार्ग,निर्गम मार्ग,कृषक विश्राम कक्ष आदि को लेकर मंडी बोर्ड भोपाल के ईई,एई,एसडीओ,
सब- इंजीनियर के साथ एक बड़ी समीक्षा बैठक कर विस्तार से बिंदुवार कार्यो की समीक्षा की ।

विधायक ने इंजीनियर से जानकारी ली कि कौन कौन से कार्य चल रहे है,कब तक वे पूर्ण होंगे,नवीन मंडी में कौन कौन से कार्य प्रस्तावित है,वे कब तक शुरू होंगे आदि की बिंदुबार जानकारी ली और निर्देशित किया । विधायक गोपालसिंह ने बैठक में उपस्तिथ मंडी बोर्ड के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश ओर संदेश दिया कि उनका लक्ष्य है कि आगामी खरीफ के सीजन में पुरानी मंडी को नवीन मंडी में ले जाना चाहते है और इस हिसाब से मंडी में जो कार्य चल रहे है,जो कार्य शुरू होने वाले है उनको जल्द किया जाये । मंडी के व्यापारियों को शॉप कम गोदाम निर्माण हेतु प्लाटों को दिये जाने की कार्य योजना शीघ् बनाई जाये प्लाटों के रेट निर्धारण की क्या पालिसी मंडी बोर्ड की है,उससे अवगत कराये एवं प्लाटो के जो रेट निर्धारण किये जायें वो कम से कम हो ताकि व्यापारियों को कोई परेशानी ना हो ।

विधायक ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिये है की वर्तमान में चल रहे कार्यो में तेजी लाये,कार्यो को तय समय सीमा में पूर्ण करे,नवीन मंडी में सुरक्षा और स्वास्थ की व्यवस्था भी सुनिश्चित हो । विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने बताया की वर्तमान मंडी का परिसर आवक के मान से एवं वर्तमान में लाइसेंसधारी व्यापारियों की बढ़ती संख्या के हिसाब से छोटा है,सीजन में हमारे जिले के साथ साथ आस पास के कई जिलों के किसान अपनी उपज हमारी मंडी की अच्छी छबि ,नगद भुगतान,अधिक मूल्य फसलों का मिलने के कारण आष्टा मंडी में लाते है । सीजन में अधिक आवक के कारण मंडी के बहार रोड पर लंबी लंबी बाहनो की जो कतार लगती है जो रोड जाम के साथ हमारे मंडी के बहार के व्यापारियों के लिये परेशानी का कारण बन जाती है,यातायात भी बाधित होता है ।

इन सब समस्याओं का एक ही हल है नवीन मंडी को शुरू किया जाये हम इसी प्रयास में लगे है की जल्द से जल्द नवीन मंडी में व्यापारियों,किसानों,हम्मालों, तुलावटियों,मंडी प्रशासन के लोगो के लिये सभी सुविधाओं को जुटा कर नई मंडी शुरू हो जाये ।
विधायक ने बताया की वे जल्द ही मंडी बोर्ड के एवं स्थानीय व अन्य सभी अधिकारियों के साथ नवीन मंडी का दौरा कर जमीनी स्तर पर जो कार्य चल रहे है उसकी समीक्षा करेंगे ।

“खरीदी के पूर्व जावर तहसीलदार ने वेयरहाउस का किया निरीक्षण,व्यवस्थाओं को लेकर दिये निर्देश
वेयरहाउस में सीसीटीवी,अग्निशामक यंत्र है कि नही हो जांच”

रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन हेतु व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तहसीलदार जावर ओमप्रकाश चोरमा
द्वारा शाखा प्रबंधक मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कॉरपोरेशन आष्टा के शाखा प्रबंधक पीएल भाभर, नागरिक आपूर्ति निगम के आष्टा क्षेत्र प्रभारी राजनरायन गिरी के दल के साथ तहसील जावर क्षेत्र के मां अंबिका वेयरहाउस ग्वाला, पटेल वेयरहाउस ग्वाला, महाकाल वेयरहाउस भंवरीकला, पटेल वेयरहाउस कान्याखेड़ी, मां सावत्रा वेयरहाउस कजलास का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरा उक्त दल द्वारा बारदान, तौल कांटे, सिलाई मशीन, छन्ने, पंखे की उपलब्धता के साथ साथ किसानों की सुविधाओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। तहसीलदार चोरमा द्वारा संबंधित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के प्रबंधकों को उपार्जन के शुरू होने के पूर्व सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी भी तरह की असुविधा ना हो यह सुनिश्चित किया जावे। वेयरहाउस में सीसीटीवी कैमरे एवं अग्निशामक यंत्र है के नही यह भी सुनिश्चित हो ।

“आज के समय में व्यक्ति को अपनी आत्मा के कल्याण का बोध नहीं है और जिन्हें बोध है वह मुट्ठी भर लोग हैं — आचार्य हर्षतिलक सूरीश्वर महाराज”

अनंत करुणा के महासागर श्रमण भगवान महावीर स्वामी के शासनकाल में अनेक मुनि एवं शास्त्रकारों ने आगम के आधार पर भेंट कर धर्मग्रंथों की रचना की। इन्हीं में महर्षी ने “वैराग्य शतक ग्रंथ ” कर इसका विशेष महत्व बताया है, जिसके श्लोकों के अध्ययन की परंपरा दीक्षा के बाद साधु-साध्वियों को अपनाने की सलाह भी आचार्य भगवंतो द्वारा दी जाती है। आज के समय में व्यक्ति को आत्म जागृति का बोध नहीं है। जिन्हें अपनी आत्मा का बोध है वह मुट्ठी भर लोग हैं। मालव गिरनार आष्टा तीर्थ स्थित श्री नेमिनाथ श्वेताम्बर जैन मंदिर किला के सुधर्मास्वामी प्रवचन हाल में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए श्रीमद विजय राजतिलक सूरीश्वर जी महाराज के शिष्यरत्न आचार्य हर्षतिलक सूरीश्वर महाराज ने कहा कि मनुष्य जीवन अत्यंत दुर्लभ और उत्कृष्ट पुण्य का परिणाम है। इसे केवल भोग-विलास में व्यर्थ न गँवाकर आत्मकल्याण के मार्ग में लगाना चाहिए।


उन्होंने जीवों के आयुष और उनके अस्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पंचेंद्रिय जीवों का आयुष काल अपेक्षाकृत अधिक होता है, जबकि निगोद जैसे सूक्ष्म जीवों का जीवन अत्यंत अल्पकालिक होता है। एक श्वास के भीतर ही उनके कई बार जन्म और मृत्यु हो जाते हैं। ऐसे उदाहरणों के माध्यम से आचार्यश्री ने मानव जीवन की महत्ता समझाते हुए कहा कि इस अवस्था तक पहुँचना अत्यंत कठिन है, इसलिए इसे सार्थक बनाना आवश्यक है। आचार्यश्री ने आत्मजागृति पर बल देते हुए कहा कि केवल आँखों से जागना वास्तविक जागरण नहीं है, बल्कि अंतर्मन से जागना ही सच्चा जागरण है।

जब तक आत्मा का बोध नहीं होता, तब तक मनुष्य का जीवन अधूरा रहता है। उन्होंने कहा कि आज अधिकांश लोग परलोक और आत्मा के चिंतन से दूर हैं, जबकि यही चिंतन जीवन को सही दिशा देता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को स्वयं यह विचार करना चाहिए कि वह जागृत अवस्था में है या अज्ञान में सोया हुआ है। जीवन समाप्त होने के बाद आत्मा किस गति में जाएगी, इसका निर्धारण वर्तमान कर्मों से ही होता है। इसलिए व्यक्ति को अपने कर्मों के प्रति सजग रहना चाहिए।
आचार्य हर्षतिलक सूरीश्वर महाराज ने वर्तमान जीवनशैली पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज का मनुष्य उन वस्तुओं को पाने के लिए दिन-रात परिश्रम कर रहा है,जो वास्तव में आवश्यक नहीं हैं, जबकि आत्मकल्याण के लिए आवश्यक साधना के लिए उसके पास समय नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रकृति का नियम है जिसमें व्यक्ति की रुचि होती है, उसी दिशा में उसकी आगे की उत्पत्ति होती है।


उन्होंने विशेष तिथियों—दूज, पंचमी, ग्यारस, चतुर्दशी, पूर्णिमा एवं अमावस्या का उल्लेख करते हुए कहा कि इन दिनों विशेष आराधना, व्रत एवं संयम का पालन प्रत्येक व्यक्ति को करना चाहिए। जमीकंद एवं अभक्ष्य पदार्थों से दूर रहना चाहिए, क्योंकि इन्हीं तिथियों में आगामी आयुष का बंध होता है।
अंत में आचार्यश्री ने कहा कि व्यक्ति अपने कर्मों के अनुसार ही भविष्य का निर्माण करता है। पाप रूपी रोग से मुक्ति पाने के लिए प्रभु वाणी के अनुसार आचरण करना आवश्यक है। तभी जीवन का वास्तविक उद्देश्य पूर्ण हो सकता है।

“एसडीएम नितिन टाले ने रबी सीजन 2025-26 शुरू होने के पूर्व मंडी व्यापारीयो एवं अन्य कर्मचारियों की ली बैठक”

आज कृषि उपज मंडी के सभागार में एसडीएम एवं भारसाधक अधिकारी नितिन टाले की अध्यक्षता में रबी विपणन मौसम पर खरीदी को देखते हुए बैठक का आयोजन किया गया, ताकि मंडी की नीलामी व्यवस्था, पार्किंग व्यवस्था तथा निकासी की व्यवस्था सुचारू रूप से संपन्न हो सके और आष्टा शहर में जाम की स्थिति निर्मित ना हो। साथ ही किसान अनावश्यक परेशान ना हो। बैठक में व्यापारियों से अपेक्षा की गई की खरीदी के दौरान वे बारदानों की पूर्ण व्यवस्था करके रखें ताकि मंडी से निकासी भी समय पर की जा सके। मंडी सचिव नरेंद्र कुमार मेश्राम ने बताया कि संभवतः मंडी में प्रतिदिन 40 हजार क्विंटल की आवक होगी। ऐसी स्थिति में समय पर तुलाई और भुगतान की व्यवस्था एक चुनौती पूर्ण कार्य है जिसका सुचारू रूप से होना अत्यंत आवश्यक है। इस दृष्टिकोण से सभी व्यापारी अपने-अपने बैंकों से नगद निकासी की व्यवस्था भी कर ले क्योंकि मार्च महीने में लगातार छुट्टियों का दौर रहा है। हर सप्ताह कोई ना कोई त्यौहार या सरकारी छुट्टियां रही है इस दौरान मंडी की विपणन व्यवस्था बाधित हुई है। अतः व्यापारियों से अपेक्षा की जाती है कि अप्रैल माह में जैसे ही नीलामी प्रारंभ होगी मंडी में सभी जिंसों में खास तौर पर गेहूं और चने को लेकर आवक का प्रेशर अधिक रहेगा।

ऐसी स्थिति में पर्याप्त धनराशि होना अति आवश्यक है। हम्माल और तुलावटी किसानो से सामंजस्य बनाकर चले और इस बात का ध्यान रखा जाए कि कृषकों की किसी भी शिकायत का तत्काल निराकरण हो। इस पर भी चर्चा की गई। साथ ही एक लॉट की ट्राली को यदि व्यापारी किसानों की सहमति से बड़े तोल कांटे से तुलाई करते हैं तो मंडी कम समय में खाली हो सकती है। व्यापारियों से अपेक्षा की गई की अवकाश के दिनों में आपसी सामंजस कर मंडी का नीलामी कार्य भी संपन्न करने पर एकजुट होकर विचार करें। आगामी कार्य दिवस में अधिक आवक का दबाव न बने। इसमें व्यापारी संगठन से मनोज जैन, नवनीत संचेती, दिनेश शर्मा, गोपी सेठी, मनोज ललवानी, दिनेश साहू ,अर्पित बोहरा ,जितेंद्र साहू हम्माल संघ से भगवान दास कुशवाह तथा तुलावटी संघ से प्रकाश , राहुल कुशवाह एवं अन्य पदाधिकारी तथा मंडी कर्मचारी व अधिकारी भी उपस्थित रहे।

“मुनिश्री विनंद सागर मुनिराज ने किया केशलोच, त्याग और संयम की दी प्रेरणा”

जैन धर्म में साधु-संतों की कठोर तपस्या और संयम पूर्ण जीवनशैली का विशेष महत्व है।इन्हीं तपों में केशलोच एक अत्यंत कठिन और विरल साधना मानी जाती है, जिसे जैन मुनिगण नियमित अंतराल पर पूर्ण श्रद्धा और आत्मबल के साथ संपन्न करते हैं।
नगर के अरिहंतपुरम अलीपुर स्थित श्री चंद्रप्रभ दिगंबर जैन मंदिर में विराजमान विनंद सागर मुनिराज ने शुक्रवार 3 अप्रैल को सैकड़ों श्रावक-श्राविकाओं की उपस्थिति में अपने हाथों से केशलोच कर त्याग, वैराग्य और आत्मसंयम का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया।


जैन परंपरा के अनुसार केशलोच के अंतर्गत मुनि अपने सिर एवं चेहरे के बालों को स्वयं अपने हाथों से उखाड़ते हैं। यह तप अत्यंत कष्टदायक होते हुए भी आत्मशुद्धि, देह से वैराग्य और कर्म निर्जरा का सशक्त माध्यम माना जाता है। इस दिन मुनिश्री आहार ग्रहण भी नहीं करते, जिससे उनकी तपस्या और अधिक कठोर एवं प्रभावशाली बन जाती है। केशलोच के दौरान मुनिश्री विनंद सागर मुनिराज ने अत्यंत सहजता और प्रसन्नता के साथ इस कठिन साधना को पूर्ण किया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि “हमें इस नश्वर शरीर से कोई मोह नहीं है। जब सब कुछ त्याग दिया है, तो यह शरीर भी हमारे लिए महत्व नहीं रखता। हमारा लक्ष्य केवल आत्मकल्याण और समस्त जीवों के कल्याण की भावना है।”
उनके इस अद्भुत आत्मबल और त्यागमयी साधना को देखकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।

मंदिर परिसर में गूंजते जयकारों और भक्तिमय वातावरण के बीच सभी ने इस तपस्या को आत्मसात करते हुए धर्ममार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
मुनिश्री के इस केशलोच ने यह संदेश दिया कि सच्चा सुख भौतिक साधनों में नहीं, बल्कि त्याग, संयम और आत्मचिंतन में निहित है।

ओर लिखते लिखते…..


नगर के पत्रकार जहूर मंसूरी को एक खबर खबर छापने पर अलीपुर के एक व्यक्ति द्वारा धमकी देने पर आज रात्रि में नगर के सभी पत्रकारों ने आष्टा थाने पहुच कर थाना प्रभारी को लिखित में शिकायत आवेदन पत्र दे कर कार्यवाही की मांग की है….

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