भले ही टीम दिव्यांग सदस्यो की हो,लेकिन जब इरादे बुलंद हो और आसमान को मुठ्ठी में करने का जज्बा हो तो बुलंद हौसला सफलता को आने से कोई नही रोक सकता है,गुजरात के बड़ोदरा में हाल ही में सम्पन्न हुए जीडब्लूपीएल टूर्नामेंट जिसमे 06 राज्यो की दिव्यांग महिला क्रिकेट टीम ने भाग लिया । उसमे मप्र की टीम की सभी दिव्यांग खिलाड़ियों ने बुलंद हौसले के साथ मैदान में उतरकर शानदार खेल का प्रदर्शन किया और फायनल मुकाबला जीता ।

टीम की कप्तान राधा बडगुजर जिन्हें अच्छे प्रदर्शन पर मेन ऑफ दा मैच, मेन ऑफ दा सीरीज,बेस्ट बॉलर का अवार्ड दिया गया । स्मरण रहे मप्र दिव्यांग महिला टीम की कप्तान राधा बडगुजर आष्टा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम छायन कला सिद्दीकगंज की रहने वाली है । टूर्नामेंट सम्पन्न होने के बाद वे आज लौटी । आज विधायक कार्यालय पर बड़ी उपलब्धि हॉसिल करने पर विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने राधा बडगुजर का स्वागत सम्मान कर उनेह एवं उनकी पूरी टीम को बधाई दी ।

इस अवसर पर भाजपा के सुशील संचेती, विशाल चौरसिया,सुनील आर्य,विष्णु परमार,धनरूपमल जैन,बाबूलाल जाटव सहित अन्य कार्यकर्ताओ ने भी बहन बडगुजर का स्वागत सम्मान कर बधाई दी ।
“निर्माणाधीन सांदीपनी विद्यालय का विधायक ने किया निरीक्षण,अधिकारियों की ली बैठक”
मप्र सरकार द्वारा सांदीपनी विद्यालय के रूप में एक बहुत बड़ी सौगात,शिक्षा के क्षेत्र में आष्टा को सांदीपनी विद्यालय के रूप में दी है । निर्माणाधीन उक्त विद्यालय का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है । लोकार्पण के पूर्व आज विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने एसडीएम नितिन टाले के साथ विद्यालय का निरीक्षण कर कार्य प्रगति की निर्माण एजेंसी के अधिकारियों,ठेकेदार कम्पनी के

प्रमुख के साथ बैठक कर कार्य की समीक्षा कर जल्द शेष जो भी कार्य बचे है उसे जल्दी से पूर्ण करने के निर्देश दिये । बैठक एवं निरीक्षण के फौरन प्राचार्य मो सितवत खान,सुमित मेहता सहित अन्य सदस्य उपस्तिथ थे ।
“कांग्रेस नेता घनश्याम जांगड़ा बने कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के जिला अध्यक्ष”
आष्टा नगर के युवा कांग्रेस नेता घनश्याम जांगडा को अखिल भारतीय कांग्रेस अनु. जाति विभाग जिला सिहोर का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है ।

उक्त नियुक्ति की खबर के बाद कांग्रेस में हर्ष व्याप्त है । नियुक्ति पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जांगड़ा को बधाई दी व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र पाल गौतम एवं प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार का आभार व्यक्त किया है ।
“किसानों की समस्याओं,मुद्दों को लेकर
भारतीय किसान संघ आष्टा की मासिक बैठक संपन्न”
भारतीय किसान संघ आष्टा की मासिक बैठक आज कृषि उपज मंडी स्थित कृषक विश्रामगृह में सम्पन्न हुई । बैठक का शुभारंभ तहसील अध्यक्ष द्वारा भगवा ध्वज लगाकर एवं उपस्थित कार्यकर्ताओं द्वारा संगठन के जय घोष के साथ किया गया । बैठक में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर गंभीर चर्चा हुई। जिसमे प्रमुख रूप से समर्थन मूल्य पर गेंहू खरीदी में हो रहे विलंब पर सभी किसान कार्यकर्ताओं ने चिंता व्यक्त की तथा शासन-प्रशासन से शीघ्र उपार्जन कार्य प्रारंभ करने की मांग की। बैठक में अन्य समस्याओं में बिजली विभाग की मनमानी,बसूली के नाम पर दादागिरी करने, मेंटेनेंस की कमी,जगह-जगह झूलते तारों की समस्या,तालाबो,स्टॉप डेम की पॉल टूटना, 10 घंटे घोषित बिजली देने की मांग,किसानों के कृषि कनेक्शन पर अनावश्यक भर वृद्धि करना तथा घोषित 10 घंटे बिजली आपूर्ति न होना,
सहकारिता विभाग में ऋण भुगतान की ड्यू डेट को बढ़ाकर 30 अप्रैल तक या गेहूं के भुगतान होने तक बढ़ाने की मांग,पराली की समस्या को भी किसानों के लिए गंभीर बताया गया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब तक पराली प्रबंधन की उचित व्यवस्था नहीं होती, तब तक किसानों पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। मंडी में आने वाली समस्याओं में फ्लैट कांटे से तुलाई ना कर के किसानों का अधिक समय लगाया जाता है एवं अनावश्यक भीड़ दिखाई जाती है, लहसुन प्याज की मंडी में तुलाई में ग्राम को नहीं जोड़ते हैं जैसे 50 किलो 900 हो, तो इसमें 900 ग्राम वजन नहीं जोड़ते हैं ।

लहसुन प्याज में किसान की उपज का संपूर्ण वजन जुड़ना चाहिए अन्यथा इसके लिए भारतीय किसान संघ को आंदोलन करना पड़ेगा इसके अलावा मुख्यमंत्री सम्मान निधि में हो रहे विलंब तथा राजस्व विभाग में बंटवारा और नामांतरण कार्यों में देरी जैसे विषयों पर भी गंभीर चर्चा की गई और शासन-प्रशासन से इन समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की गई। बैठक में भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष राकेश वर्मा, तहसील अध्यक्ष जितेंद्र आर्य, जिला युवा वाहिनी संयोजक सचिन पटेल, जिला कार्यकारिणी सदस्य मोतीलाल मंडलोई, ईश्वरलाल आर्य, ज्ञान सिंह मकवाना, जिला सह कोषाध्यक्ष ज्ञान सिंह वर्मा, तहसील उपाध्यक्ष शिवनारायण वर्मा, कार्यकारिणी सदस्य विनोद आर्य, महेंद्र डाबरी, आत्माराम मालवीय, अमर सिंह राजपूत, राम सिंह देवथलिया, दिनेश कुमार आर्य, नवीन शर्मा, मांगीलाल परमार, डॉ. माखन सिंह परमार सहित अनेक किसान कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे ।
“ओलीजी की तपस्या आत्मशुद्धि और मोक्ष का मार्ग : आचार्य हर्ष तिलक सूरीश्वर महाराज
आचार्य श्री के सानिध्य में फावड़ा में महावीर स्वामी आदि जिन बिम्बों की अंजनशाला एवं प्रतिष्ठा का दो दिवसीय कार्यक्रम 22 और 23 अप्रैल को”

आष्टा तीर्थ के भव्य नेमिनाथ मंदिर परिसर में चैत्र मास की शाश्वत ओलीजी की आराधना का पाड़ना 3 अप्रैल को श्रीमद राजतिलक सूरीश्वर जी महाराज के शिष्य रत्न परम पूज्य आचार्य हर्ष तिलक सूरीश्वर महाराज के पावन सानिध्य में अत्यंत श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। समाज के करीब 40 महिला पुरुषों ने ओलीजी की कठिन तपस्या 9 दिनों तक की। इस दौरान एक ही समय बिना नमक का भोजन का सेवन करते हैं, धर्म आराधना भी की जाती है।इस अवसर पर आचार्य श्री ने अपने प्रेरणादायी प्रवचनों में ओलीजी की तपस्या के आध्यात्मिक, धार्मिक और आत्मिक महत्व को विस्तारपूर्वक समझाया। देवास जिले के फावड़ा ग्राम में श्री महावीर स्वामी आदि जिनबिंबों की अंजनशाला एवं प्रतिष्ठा का कार्यक्रम आचार्य श्री के सानिध्य में 22 एवं 23 अप्रैल को होगा। आचार्यश्री ने कहा कि ओलीजी मात्र एक तप नहीं,बल्कि आत्मा की शुद्धि का श्रेष्ठ साधन है। यह तपस्या हमें संयम, त्याग और आत्मअनुशासन की ओर अग्रसर करती है।उन्होंने कहा कि प्रत्येक श्रावक और श्राविका को अपने जीवन में कम से कम एक बार अवश्य ओलीजी की आराधना करनी चाहिए, क्योंकि यह आत्मकल्याण और मोक्ष मार्ग की ओर ले जाने वाली साधना है। उन्होंने पौराणिक प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि श्रीपाल और मैना सुंदरी ने इसी ओली तपस्या के माध्यम से असाध्य कुष्ठ रोग को भी समाप्त किया था। यह उदाहरण दर्शाता है कि सच्चे मन,श्रद्धा और नियम पूर्वक की गई आराधना से असंभव भी संभव हो जाता है।आचार्य श्री ने कहा कि धर्म आराधना केवल बाहरी क्रियाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मा के भीतर की शुद्धि का माध्यम है। ओलीजी के दौरान त्याग और संयम का विशेष महत्व होता है। इस अवधि में साधक तेल, घी, दूध, दही, मिठाई जैसे स्वादिष्ट पदार्थों का त्याग कर आयंबिल जैसी कठोर साधना करते हैं। “छोड़ने जैसा त्याग और पाने जैसा मोक्ष” इसी भावना के साथ यह तपस्या की जाती है।

उन्होंने यह भी कहा कि आष्टा की पावन भूमि अत्यंत पुण्यशाली है, जहां भगवान नेमिनाथ प्रभु की दिव्य प्रतिमा विराजमान है और साधु-संतों का सानिध्य निरंतर मिलता रहता है। यह स्थान साधना और धर्म आराधना के लिए विशेष रूप से अनुकूल है।आचार्य भगवंत हर्ष तिलक सूरीश्वर महाराज ने कहा जीवन का कोई भरोसा नहीं है, रात होने पर सुबह तो होगी पर सुबह आपकी हो, मेरी हो ये पक्का नहीं है। हम ओर आप आज तो है पर कल होंगे या नहीं ये पक्का नहीं है,कभी ना कभी तो आपको और मुझे जाना ही है पर कब जाना है ये मालूम नहीं है, पर जाना है ये पक्का है कोई भी इस सच्चाई को ना बदल पाया है और ना बदल पाएगा। बड़े ही पुण्य से ये मनुष्य जीवन मिला है, इसको यूही व्यर्थ नहीं गंवाना है ,अच्छे कार्यों में लगाना चाहिए।मनुष्य जीवन बार- बार मिलने वाला नहीं है। अगले जन्म में क्या बन कर पैदा होंगे ये भी पक्का नहीं है ,इसलिए अच्छे कार्यों से, दिन- दुखियों की सेवा से, जरूरतमंद लोगों को दान देने से और त्याग -तपस्या से प्रभु के बताए मार्ग पर चलकर अपने जीवन को सार्थक करके बार -बार के जन्म- मृत्यु के इस खेल से बाहर निकलकर सद्गति में जाना ही हमारा लक्ष्य होना चाहिए। किला मंदिर जी पर पूज्य गुरुदेव की निश्रा में संपन्न हुई 9 दिवसीय आयंबिल की वर्धमान तप एवं नवपद जी की ओली, जिसमें 40 से अधिक आराधकों ने की कठिन तपस्या। इस दौरान की संपूर्ण 9 दिनों की तपस्या के लाभार्थी बाबूलाल, नंदकिशोर, मनोज जैन वोहरा परिवार रहे। ओलीजी के दौरान प्रतिदिन आचार्य श्री के प्रवचन, स्नात्र पूजा, सामूहिक नवपद की क्रिया, परमात्म भक्ति, माहि जन्म कल्याणक की उजवणी एवं दोपहर में नवपद पूजा जैसे विविध धार्मिक आयोजन संपन्न होते रहे। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ इन कार्यक्रमों में भाग लिया।ज्ञात हो कि 24 मार्च को पूर्व अत्तर वायणा (धारणा) के साथ ओलीजी की तपस्या का शुभारंभ हुआ था। 25 मार्च से प्रारंभ हुई यह आराधना 2 अप्रैल तक उपवास साधना के साथ चली और 3 अप्रैल को पाड़ना के साथ पूर्ण हुई।
इस पुण्य अवसर पर आष्टा तीर्थ निवासी बाबूलाल नन्दकिशोर मनोज कुमार वोहरा परिवार द्वारा लाभ लिया गया। कार्यक्रम के समापन पर आचार्य श्री की मांगलिक के साथ सभी श्रद्धालुओं ने आत्मकल्याण की मंगल कामना की।पूरे आयोजन के दौरान तीर्थ परिसर में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत वातावरण बना रहा।
“बारिश के बीच भी गूंजा हनुमान चालीसा पाठ,भव्य महाआरती हुई सम्पन्न”

श्री राम मंदिर समिति एवं मोहित सोनी मित्र मंडल आष्टा द्वारा स्थानीय प्राचीन श्री राम मंदिर में भगवान हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर भव्य महाआरती एवं संगीतमय 21 श्री हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें स्थानीय विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर, आयोजनकर्ता मोहित सोनी, राम मंदिर समिति अध्यक्ष गोविंद सोनी, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा, नगर मंडल अध्यक्ष प्रतिनिधि विशाल चौरसिया, हिंदू उत्सव समिति अध्यक्ष भूरू मुकाती तथा वरिष्ठ समाजसेवी ललित नागौरी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।प्रसिद्ध संगीतकार राजू जायसवाल द्वारा संगीतमय 21 श्री हनुमान चालीसा का पाठ प्रारंभ किया गया, जिसे उपस्थित श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से दोहराया। पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण निर्मित हो गया। कार्यक्रम के दौरान तेज आंधी के साथ बारिश भी शुरू हुई,

लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई। सभी भक्तगण पूरे श्रद्धाभाव से श्री हनुमान चालीसा के पाठ में लीन रहे।कार्यक्रम के अंत में विशाल महाआरती का आयोजन सम्पन्न हुआ। तत्पश्चात आयोजन समिति के सदस्य सौरभ जैन (शीतल), उत्थान धरवा, आशीष मेहता, महेंद्र विश्वकर्मा, प्रवेश शर्मा, कपिल जैन, अंतिम बनवट, कमलेश विश्वकर्मा, दीपेश राठौर, दीपक सोनी, कृष्ण शर्मा आदि द्वारा प्रसादी का वितरण किया गया।इस संगीतमय श्री हनुमान चालीसा पाठ एवं महाआरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं सहित बड़ी संख्या में मात्र शक्तियों ने भाग लेकर आध्यात्मिक आनंद प्राप्त किया।
























