नेशनल लोक अदालत के दौरान अधिभार में दी जाने वाली छूट को अब विभाग द्वारा 31 मार्च तक लागू कर दिया है। नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने सभी नगरवासियों से अपील करते हुए कहा कि संपत्तिकर, जलकर आदि की बकाया राशि जमा कराकर अधिभार में दी जाने वाली छूट का लाभ उठाएं।

मुख्य नगरपालिका अधिकारी विनोदकुमार प्रजापति ने जानकारी देते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष समाप्ति के अंतिम माह में बकायादारों से बकाया राशि जमा करवाने हेतु लोक अदालत का आयोजन किया गया था, जिसमें नगर के अनेक बकायादारों ने भाग नही लिया था। शेष बकायादारों से निकाय की बकाया राशि जमा कराने एवं लोक अदालत के समान छूट देने के लिए शासन द्वारा 31 मार्च तक यह प्रावधान लागू किया है।

सीएमओ श्री प्रजापति ने नगरवासियों से अपील करते हुए कहा कि संपत्तिकर, जलकर सहित दुकान प्रीमियम की बकाया राशि शीघ्र ही जमा कराएं और शासन द्वारा दी जाने वाली छूट का लाभ उठाएं।
“जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत खेड़ापति तालाब के संरक्षण का कार्य प्रारंभ”
शासन के निर्देशानुसार नगर सहित संपूर्ण प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्य नगरपालिका अधिकारी विनोदकुमार प्रजापति के मार्गदर्शन में नगरपालिका द्वारा इस अभियान को मूर्तरूप दिया जा रहा है। अभियान के तहत खेड़ापति कमल तालाब पर निर्माणाधीन कार्यो के अतिरिक्त बाउंड्रीवाल का सुदृढ़ीकरण, रिटर्निंग वॉल, तालाब का गहरीकरण के साथ-साथ ग्रीन स्पेस विजस कार्य प्रस्तावित है।

सीएमओ प्रजापति ने जानकारी देते हुए बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की नदियां, सरोवर और अन्य जल स्त्रोतों का संरक्षण करना है, यह हमारे जीवन के आधार हैं। इनके संरक्षण, पुनर्जीवन और प्रभावी प्रबंधन के लिए सरकार और समाज दोनों को सजग रहने की जरूरत है। यह अभियान 19 मार्च को पूरे प्रदेश में प्रारंभ हुआ जो 30 जून तक निरंतर जारी रहेगा। अभियान के तहत वर्तमान में खेड़ापति कमल तालाब के जीर्णोद्धार के साथ-साथ बाउंड्रीवाल एवं नाले का निर्माण कार्य जारी है।

मुख्य नगरपालिका अधिकारी विनोदकुमार प्रजापति ने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत नगर में होने वाले कार्यो की जानकारी देते हुए बताया कि पार्वती नदी एवं पपनास नदी के संगम स्थल पर नदी के कटाव के संरक्षण हेतु पिचिंग व

सौंदर्यीकरण कार्य, नगरपालिका द्वारा चयनित एजेंसी के माध्यम से लगभग 550 मकानों में रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए जाएंगे, वहीं इंटेकवेल के समीप स्थित नवाबी शासनकाल में निर्मित बावडी एवं वार्ड 14 में स्थित बावड़ी का जीर्णोद्धार कार्य होना प्रस्तावित है।
“भगवान को मंदिरों तक सीमित न रखें,उनके आदर्शों को घर-घर तक पहुंचाएं– मुनिश्री विनंद सागर
भक्तांबर महामंडल विधान संपन्न”
श्रद्धा ,भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ श्री भक्तांबर महामंडल विधान श्री चंद्र प्रभ दिगंबर जैन मंदिर अरिहंतपुरम अलीपुर में आचार्य विनम्र सागर मुनिराज के परम प्रभावक शिष्य मुनिश्री वात्सल्य रत्नाकर विनंद सागर मुनिराज के सानिध्य में संपन्न हुआ। आयोजन के दौरान मुनिश्री ने भक्तांबर महामंडल के प्रत्येक काव्य की महिमा और महत्व से उपस्थित श्रद्धालुओं को अवगत कराया।
धर्मसभा में मुनिश्री के सान्निध्य में भक्तांबर स्तोत्र की महिमा, भगवान की भक्ति और तप के महत्व पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहां भगवान को केवल मंदिरों तक सीमित न रखकर उनके आदर्शों को घर-घर तक पहुंचाना आज की आवश्यकता है।

धर्मसभा को संबोधित करते हुए आपने कहा कि अधिकांश तीर्थंकरों ने अपने जन्म दिवस पर ही तप को धारण कर आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त किया।इसलिए जीवन में दीक्षा और तप का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि सम्यकत्व भाव से भगवान के चरणों में वंदन करने से व्यक्ति के जीवन के समस्त विघ्न दूर हो जाते हैं। भगवान की स्तुति बिना किसी संकोच के करने से ज्ञान और सिद्धियों की प्राप्ति होती है।उन्होंने भक्तांबर स्तोत्र की महिमा बताते हुए कहा कि इसके प्रत्येक श्लोक में भगवान के अनंत गुणों का वर्णन है। भगवान के गुण समुद्र के समान अपार हैं। यदि मन में सच्ची प्रीति हो, तो ही सफलता और अंततः मुक्ति संभव है।बिना प्रीति के साधना अधूरी है। भक्तांबर की आराधना से जीवन के अनेक संकटों का निवारण संभव है।मुनिश्री ने बताया कि आचार्य मानतुंगाचार्य ने भक्तांबर स्तोत्र का श्रेय प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ को दिया।
उन्होंने कहा कि श्रेय दूसरों को देने से आत्मीयता बढ़ती है और यही सच्चे जीवन का आधार है। संसार में सच्चा स्वामी केवल प्रभु और गुरु ही हैं। जब मन में भगवान के प्रति सच्ची प्रीति उत्पन्न हो जाती है, तब अन्य किसी आकर्षण की आवश्यकता नहीं रहती।धर्मसभा में आगे कहा गया कि भगवान का मन मेरु पर्वत की चोटी की तरह अडिग और स्थिर होता है। समवसरण में भगवान का तेज इतना प्रखर होता है कि सूर्य और चंद्रमा का प्रकाश भी फीका पड़ जाता है। मनुष्य को भी अपने मन को इसी प्रकार दृढ़ और स्थिर बनाना चाहिए।
वर्तमान में भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक महोत्सव का पावन समय निकट है।इस अवसर पर मुनिश्री ने सभी से भगवान की भक्ति करने और उनके सिद्धांतों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केवल भगवान की जय-जयकार करने से नहीं, बल्कि उनके बताए मार्ग पर चलकर ही जिनशासन को आगे बढ़ाया जा सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि भगवान आदिनाथ ने राजा होते हुए भी जीवन जीने व्यापार और खेती करने की श्रेष्ठ कला सिखाई। इसलिए केवल भगवान महावीर ही नहीं,बल्कि आदिनाथ भगवान के जीवन और संदेश को भी जन-जन तक पहुंचाना चाहिए। समाज को संबोधित करते हुए आपने चिंता व्यक्त की कि नई पीढ़ी पाश्चात्य संस्कृति की ओर आकर्षित हो रही है और जैन धर्म के मूल सिद्धांतों से दूर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और अहिंसा के मार्ग को अपनाकर ही समाज और राष्ट्र का उत्थान संभव है।
“27 मार्च को निकलेगी भव्य शौर्य यात्रा,आष्टा बनेगा राममय”
शौर्य समिति, आष्टा द्वारा श्री राम नवमी के पावन अवसर पर 27 मार्च 2026 को भव्य एवं ऐतिहासिक शौर्य यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा प्रातः 9 बजे गायत्री मंदिर, आष्टा से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई सैंधव क्षत्रिय राजपूत समाज छात्रावास पहुँचेगी। संयोजक मानसिंह ठाकुर (इलाही) ने बताया कि यह आयोजन सनातन संस्कृति, मर्यादा, शौर्य और सामाजिक एकता का प्रतीक होगा।
यात्रा में राधा-कृष्ण रास, बाहुबली हनुमानजी, वानर सेना, जामवंत एवं डमरू-मंजीरा वादकों की शिवमय प्रस्तुति विशेष आकर्षण रहेगी।

समापन उपरांत प्रभु श्रीराम की भव्य आरती, प्रतिभा सम्मान समारोह एवं महाप्रसादी का आयोजन किया जाएगा।
समिति अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह ठाकुर (रामपुरा) ने समस्त धर्मप्रेमी एवं सामाजिक बंधुओं से सपरिवार उपस्थित होने की अपील की है।
समिति ने अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता कर आयोजन को भव्य, दिव्य एवं ऐतिहासिक बनाने का आग्रह किया है।

“नाबालिग़ लड़की को आष्टा पुलिस ने राजस्थान से किया बरामद, आरोपी गिरफ्तार”

दिनांक 15.03.2026 को सूचनाकर्ता द्वारा थाना आष्टा में उपस्थित होकर रिपोर्ट किया कि उसकी नाबालिग लड़की को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर ले गया है। उक्त रिपोर्ट पर थाना आष्टा में अपराध क्रमांक 151/2026, धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण में अपहृता की तलाश हेतु पुलिस टीम द्वारा मुखबिर की सूचना एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर क़स्बा गिदानी जिला दूधू (राजस्थान ) से नाबालिग बालिका को बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया गया।

आरोपी को गिरफ्तार कर वैधानिक प्रक्रिया पश्चात आष्टा न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। थाना प्रभारी आष्टा व टीम द्वारा मुखबिर की सूचना एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर करीब 1200 किमी का सफर तय कर नाबालिग बालिका को दस्तयाब कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया । इस मामले में निरीक्षक सुनील मेहर, सउनि जगदीश धुर्वे, प्र आर महेन्द्र मेवाड़ा, आर शुभम मेवाड़ा आर अमन, म आर कृष्णा दाँगी की महत्वपूर्ण भूमिका रही ।

“राजस्व मंत्री ने इछावर सिविल अस्पताल में पीड़ित परिवारजनों से भेंट कर जाना कुशल क्षेम,दिये जांच के निर्देश”
राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा ने इछावर तहसील के ग्राम बावड़िया नोआबाद में गत दिवस एक निजी कार्यक्रम के दौरान भोजन करने से घटित फूड प्वाइजनिंग की घटना के कारण पीड़ित एवं परिवारजनों से इछावर सिविल अस्पताल में भेंट की एवं उनका कुशल क्षेम जाना।

इसके साथ ही राजस्व मंत्री ने चिकित्सकों को सभी आवश्यक उपचार करने तथा संबंधित अधिकारियों को इस घटना के कारणों की जांच करने के निर्देश दिए।
“इछावर से 7 साल की नाबालिक बालिका के अपहरण मामले में न्यायालय ने आज 4 आरोपियों आजीवन कारावास एवं 9 आरोपियों को 12-12 साल का सश्रम कारावास एवं अर्थदण्ड से किया दण्डित”
दिनांक 10.02.2024 को इछावर से एक 7 वर्षीय नाबालिग बालिका का घर के बाहर से एक सफेद कार में बैठे व्यक्तियों द्वारा पानी मांगने के बहाने अपहरण कर लिया गया था । थाना इछावर में परिजनों की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 52/2024 धारा 363 भादवि के तहत मामला दर्ज किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की विशेष टीमों का गठन किया गया ।

अनुसंधान के दौरान मुखबिर सूचना, तकनीकी एवं गैर तकनीकी माध्यमों के आधार पर शिवपुरी जिले से बालिका को 24 घंटे के अन्दर सुरक्षित बरामद किया तथा अपहरण में शामिल कुल 14 आरोपी चिन्हित कर गिरफ्तार किये गये । आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त वाहन, मोबाइल फोन, कपड़े एवं अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जप्त किए गए। अनुसंधान के दौरान मामले में धारा 366(ए), 372, 120-बी, 75 भादवि, 16/17 पॉक्सो एक्ट एवं 3(2)5 एससीएसटी एक्ट का इजाफा कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया ।


प्रकरण की बस्तुस्थिति को देखते हुये इसे जघन्य एंव सनसनीखेज अपराध के रूप में चिह्नित श्रेणी में लिया गया । न्यायालय के प्रकरण क्र 57/24 शासन विरूद्व दयाराम व अन्य में विचारण के दौरान अभियोजन द्वारा साक्षियों एवं दस्तावेजों के माध्यम से अपराध सिद्ध किया गया । विशेष न्यायालय,पॉक्सो एक्ट सीहोर द्वारा समस्त प्रक्रिया उपरान्त दिनांक 24.03.2026 को आरोपी राहुल मालवीय,शाहरूख नायता,अनुज शिवहरे,इकरा बी (इन 04 आरोपियो) को

आजीवन कारावास एवं आरोपी दयाराम कंजर, तिवारी कंजर, सुनील कंजर, मांगीबाई कंजर, धर्मराज कबुतरा,आजाद कबूतरा,किरण बेडिया,वंदना बेडिया,सोम कंजर (9 आरोपियों) को 12-12 वर्ष के सश्रम कारावास तथा कुल 52,000/-रूपये के अर्थदंड से दंडित किया गया ।
प्रकरण का अनुसंधान मुख्य रूप से उनि शिवलाल वर्मा एवं दीपक कपूर तत्का.एसडीओपी भेरूंदा द्वारा संपादित किया गया, तथा शासन की ओर से इस प्रकरण की पैरवी श्रीमती रेखा यादव विशेष लोक अभियोजक सीहोर द्वारा की गई । उत्कृष्ठ विवेचना करने वाले एवं अभियोजन की टीम जिनके द्वारा उत्कृष्ठ कार्य किया है, उन सभी को सक्षम स्तर से पुरस्कृत किया जायेगा ।
























