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सीहोर । केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र इंदौर के केंद्रीय कीटनाशी निरीक्षक एवं वनस्पति संरक्षण अधिकारी द्वारा ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से सीहोर जिले के ग्राम आमला जोड स्थित मेसर्स विकास ट्रेडर्स से ‘फ्लॉवरबूम (नाइट्रोबेंजीन 50%)” नामक कीटनाशक का नमूना लिया गया था। प्रयोगशाला विश्लेषण में यह नमूना अमानक पाया गया है, जिसमें सक्रिय पदार्थ की मात्रा केवल 19.54 प्रतिशत पाई गई है।
कृषि विभाग के उप संचालक अशोक उपाध्याय ने बताया कि कीटनाशक अधिनियम अंतर्गत मेसर्स विकास ट्रेडर्स का कीटनाशक अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। इसके साथ ही इस कीटनाशक की निर्माता कंपनी गुजरात बायो एंड केमीकल्स इंडस्ट्रीज के समस्त कीटनाशी उत्पादों के सीहोर जिले में विक्रय, भंडारण एवं वितरण पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

“अमानक बीज विक्रेताओं के विरुद्ध कार्रवाई”

उप संचालक उपाध्याय ने बताया कि कीटनाशक के साथ ही अमानक बीज बेचने वाले विक्रेताओं पर भी कार्रवाई की गई है। सीहोर, बुधनी और भैरूदा के बीज निरीक्षकों द्वारा बीज विक्रय केंद्रो से लिए गए विभिन्न बीज नमूनों की गुणवत्ता प्रयोगशाला विश्लेषण रिपोर्ट में अमानक स्तर की पाई गई।

इसके आधार पर सीहोर जिले में संचालित कुछ बीज विक्रेताओं के विरूद्ध निलंबन एवं प्रतिबंध की कार्रवाई की गई है। जिन बीज विक्रेताओं के विरूद्ध कार्रवाई की गई है, उनमें मेसर्स बरखेड़ा भोज ऑर्गेनिक फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड सीहोर, मेसर्स जीवन ट्रेडिंग कंपनी मंडी सीहोर, मेसर्स सोनल पेस्टीसाइड्स रेहटी, मेसर्स शिवशक्ति इरिगेशन भैरूंदा, मेसर्स जीत कृषि सेवा केन्द्र भैरूंदा शामिल हैं।

“अमानक उत्पाद बनाने वाली कंपनियों के विरूद्ध कार्रवाई”

इसी प्रकार कुछ बीज उत्पादक कंपनियों के उत्पादों के विक्रय पर जिले में प्रतिबंध लगाया गया है। इनमें महालक्ष्मी सीड्स मंदसौर, के.डी.एम सीड्स, शनसीड्स कार्पो तेलंगाना, एम.एम.के. एग्री सीड्स सरदुल्लगढ मानसा पंजाब, ग्रीन एग्रीवोलुशन प्राइवेट लिमि गुरुग्राम हरियाणा, कार्नटेक सीड्स प्रायवेट प्लाट सिंकदराबाद तेलंगाना, अंकुर सीड्स प्राइवेट लिमि नागपुर, शीना बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड तेलंगाना शामिल हैं।

“कृषि विभाग ने की किसानों से अपील”

कृषि विभाग द्वारा जिले के सभी किसानों किसानों से अपील की गई है कि वे केवल लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही प्रमाणित बीज एवं कीटनाशक खरीदें। इसके साथ ही किसी भी संदेहास्पद एवं अमानक कृषि सामग्री की जानकारी तत्काल कृषि विभाग अथवा कीटनाशी निरीक्षक को दें। अमानक एवं नकली कृषि आदानों के विरुद्ध जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा सतत कठोर कार्यवाही की जाएगी।

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