आष्टा । बापचा दोनिया ग्राम के पठार पर खुदी मुरम की खदान के पानी मे दो बच्चों की मौत का मामला अभी ठंडा भी नही पड़ा था कि आज फिर मंडली के पठार पर गिट्टी-मुरम की खुदी पुरानी खदान में भरे बारिश के पानी से तलाई का रूप ले चुके घटना स्थल की उक्त खदान में आज फिर एक 8 साल के मासूम की डूबने से मौत हो गई ।

घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम महेंद्र प्रताप सिंह किरार,टीआई गिरीश दुबे घटना स्थल पर पहुचे ओर स्थानीय गोताखोरों को लगा कर खदान में से डूबे बालक को निकाला गया । टीआई गिरीश दुबे ने जानकारी देते हुए बताया की आज चार बच्चों ने चद्दर की जुगाड़ वाली नाव बना कर उक्त खदान में भरे पानी मे मछली पकड़ रहे थे तभी जुगाड़ की नाव पलट कई । घटना के बाद नाव पर सवार 3 बच्चे तो बहार आ गये ओर एक कि डूबने से मौत हो गई उसे भी खोज लिया है और पीएम के लिये सिविल अस्पताल आष्टा भेजा गया है । मृतक बालक का नाम दीपू पिता मुकेश जाती कोरकू है । बालक के पिता पास में ही स्तिथ वेयरहाउस में काम करते है । आष्टा पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की है । आज घटी घटना ने एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा कर दिया है की क्षेत्र में खदानों के मालिकों द्वारा जो ये गिट्टी मुरम निकाल कर बड़े बड़े खदानों के गड्ढे छोड़ देते है,जिसमे वर्षा में बारिश का पानी भराने के बाद ये खदानों के गड्ढे जानलेवा सिध्द हो रहे है,आखिर इन घटनाओं का जिम्मेदार क्या खदानों के मालिकों को नही माना जाना चाहिये.?

खोदी गई खदानों के आस पास क्या सूचना बोर्ड नही लगे होना चाहिये ताकी घटनाएं रुक सके । क्या जिला एवं स्थानीय प्रशासन,जिला खनिज विभाग को खदानों के गड्डो में हो रही मासूमो की मौत की घटनाओं को क्या संज्ञान में नही लेना चाहिये ये आज एक बड़ा प्रश्न है.? स्मरण रहे आज सहित अभी इस मौसम में तीन मासूमो की खदानों के गड्डो में डूबने से मौत हो चुकी है ।





















