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मप्र शासन का इन जनकल्याण शिविरों को लगाने का प्रमुख उद्देश्य यह है की मप्र में शासन की जितनी भी जनकल्याणकारी हितग्राहीमूलक योजनाएं चल रही है,उन योजनाओं के लाभ से कोई पात्र हितग्राही वंचित तो नही है,अगर वो वंचित है तो उसे उस योजना का लाभ इन शिविरों के माध्यम से दिया जाये उक्त उदगार आष्टा विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने आज जनपद पंचायत में तीन दिवसीय लगे जनकल्याकारी शिविर के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किये ।

विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर ने बताया कि शासन के 23 विभागों की 110 योजनाओं से नागरिकों को पात्रतानुसार सहयोग करने एवं लाभ दिलाने हेतु विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है । कोई भी पात्र व्यक्ति किसी भी योजना से वंचित नहीं रहे,विधायक ने कहा कि हमारी सरकार हर जरूरतमंद को आवश्यक मदद एवं अंतिम पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति को सहयोग प्रदान करने लिए दृढ़ संकल्पित है,उन्होंने बताया कि बच्चे के जन्म से ले कर उसके पालन-पोषण,स्वच्छता ,स्वास्थ्य,शिक्षा,रोजगार,आजीविका एवं सामाजिक सुरक्षा हेतु विभिन्न पेंशन योजनाओं का क्रियान्वयन शासन द्वारा पात्र हितग्राहियों के लिए किया जा रहा है ।


कार्यक्रम को नपा अध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाडा,पूर्व मीडिया प्रभारी सुशील संचेती, जनपद उपाध्यक्ष गजराजसिंह मेवाडा आदि ने भी संबोधित कर देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के 12 साल की उपलब्धियों,विकास कार्यो एवं मप्र शासन की योजनाओं से सभी को अवगत कराया गया । स्मरण रहे मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक विकासखण्ड और नगरीय निकायों में 03 दिवसीय जनकल्याण शिविरो का आयोजन किया गया है । उक्त अभियान का प्रमुख उद्देश्य पात्र लेकिन वंचित हितग्राहियों को सहायता एवं लाभ दिलाना है,आष्टा विकासखण्ड में 03 दिवसीय विकासखण्ड स्तरीय जनकल्याण शिविर का आयोजन दिनांक 12,15 एवं 16 जून को किया गया ।

शिविर के दौरान आयोजित कार्यक्रम में जनपद पंचायत के मुख्या कार्यपालन अधिकारी अमित कुमार व्यास द्वारा अभियान के उद्देश्य के बारे में अपने संबोधन में मंचासीन पदाधिकारियों एवं उपस्थित नागरिकों को जानकारी दी गई । मुख्य कार्यपालन अधिकारी अमित कुमार व्यास द्वारा बताय गया कि अभी तक शिविर के दौरान लगभग 2987आवेदन प्राप्त हुए हैं,जिसमें से लगभग 2480 आवेदनों का निराकरण भी संबंधित विभागों द्वारा किया जा चुका है ।

आयोजित शिविर में हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं जैसे -पेंशन स्वीकृति आदेश ,ई-संबल कार्ड वितरण ,स्वच्छ भारत मिशन (ग्रा.) अंतर्गत प्रोत्साहन राशि का वितरण ,उद्धानिकी विभाग से मसाला यूनिट की स्थापना हेतु हितग्राही को लाभ वितरण ,संबल योजना अंतर्गत हितग्राहियों को अनुग्रह सहायता राशि भुगतान का स्वीकृति पत्र ,आजीविका मिशन अंतर्गत लखपति दीदियों को लाभ वितरण ,विवाह प्रमाण पत्र ,लाड़ली लक्ष्मी योजना के लाभार्थी आदि का हितलाभ वितरण जनपद एवं नगर पालिका आष्टा द्वारा मंचासीन सभी अतिथियों के हाथों वितरित किया गया ।


कार्यक्रम में एसडीएम नितिन टाले, तहसीलदार रामलाल पगारे,जनपद पंचायत उपाध्यक्ष गजराज सिंह पटेल ,नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि राय सिंह मेवाड़ा,सुशील संचेती,मैना मंडल अध्यक्ष सुनील आर्य,वीरेन्द्र सिंह ठाकुर जसमत,पार्षद रवि शर्मा,विष्णु परमार,रोहित महांकाल,मेहमूद अंसारी ,जनपद सदस्य प्रतिनिधि छोटेलाल पहलवान, महेश चौधरी सहित बड़ी संख्या में हितग्राही मातृशक्ति उपस्तिथ रहे । कार्यक्रम का संचालन एवं आभार जनपद पंचायत -आष्टा के ब्लॉक समन्वयक (एसबीएम-ग्रा.) गौरव राठौर द्वारा व्यक्त किया

“योगी आदित्यनाथ ने आष्टा के युवा प्रफुल्ल श्रीमोड़ का किया सम्मान”

नगर के युवा प्रफुल्ल श्रीमोड़ ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए आष्टा एवं समाज का गौरव बढ़ाया है। उन्हें लखनऊ में आयोजित “त्रिवेणी डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग” के तृतीय संस्करण में सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में देशभर के चुनिंदा डिजिटल क्रिएटर्स, इन्फ्लुएंसर्स और युवा विचारकों को आमंत्रित किया गया था।


उत्तर प्रदेश सरकार एवं विभिन्न नीति विशेषज्ञों के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य डिजिटल माध्यमों के जरिए सुशासन, विकास, संस्कृति और लोकतंत्र से जुड़े विषयों पर सार्थक संवाद स्थापित करना था। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न पैनल चर्चाएं, इंटरैक्टिव सत्र तथा वरिष्ठ अधिकारियों एवं विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श आयोजित किए गए।
प्रतिभागियों को उत्तर प्रदेश के विकास कार्यों और सांस्कृतिक विरासत को निकट से जानने का अवसर भी मिला। इसी क्रम में अयोध्या एवं श्रीराम मंदिर का भ्रमण कराया गया।
कार्यक्रम के समापन सत्र में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

उन्होंने डिजिटल युग में सकारात्मक संवाद तथा राष्ट्र निर्माण में युवाओं और कंटेंट क्रिएटर्स की महत्वपूर्ण भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रफुल्ल श्रीमोड़ सहित चयनित प्रतिभागियों को सम्मानित किया।
प्रफुल्ल श्रीमोड़, समाजसेवी नरेन्द्र-संगीता श्रीमोड़ ‘उमंग’ के सुपुत्र हैं। नरेन्द्र श्रीमोड़ ने बताया कि 15 जून 2026 को आयोजित इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में देशभर से आए युवाओं एवं कंटेंट क्रिएटर्स ने राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका और जिम्मेदारियों पर विचार साझा किए।समापन समारोह में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला एवं प्रसिद्ध चिंतक डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे भी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
प्रफुल्ल श्रीमोड़ की इस उपलब्धि पर समाज के प्रबुद्धजनों, जनप्रतिनिधियों एवं शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
नरेन्द्र श्रीमोड़ ने कहा कि प्रफुल्ल भविष्य में भी इसी प्रकार परिवार, समाज और नगर का नाम रोशन करते रहें, यही उनकी शुभकामना है।

“दिनेश सुराणा को मिली चातुर्मास समिति अध्यक्ष की जिम्मेदारी, ऐतिहासिक और सुव्यवस्थित होगा किला मंदिर का चातुर्मास,3 जुलाई को साधु- साध्वी भगवंतों का होगा नगर प्रवेश”

नगर के श्री मालव गिरनार तीर्थ किला मंदिर आष्टा पर साधु भगवंत गणिवर्य विरतीन्द्र विजय जी,
कीतिन्द्र विजय जी आदि ठाणा 5 एवं साध्वी वैराग्यश्रेया श्रीजी ठाणा 2 का
वर्ष 2026 के पावन चातुर्मास को लेकर तैयारियां प्रारंभ हो गई हैं। चातुर्मास समिति अध्यक्ष मनोनीत होने पर दिनेश सुराणा का समाज के वरिष्ठों ने सम्मान किया। उनके अध्यक्ष बनने से समाज में हर्ष,धर्म, सेवा और संगठन का संगम बनेगा किला मंदिर का चातुर्मास।


चातुर्मास हेतु देवास तरफ से मंगल विहार करके 3 जुलाई को नगर प्रवेश धूमधाम से होगा।
इसी क्रम में किला मंदिर के उपाश्रय में समाजजनों की बैठक संपन्न हुई ,जिसमें
श्रीसंघ के कर्मठ, समर्पित एवं सेवाभावी श्रावक दिनेश सुराणा को चातुर्मास समिति का अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। उनकी नियुक्ति पर समाजजनों एवं धर्मप्रेमियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
समाजजनों ने विश्वास व्यक्त किया है कि दिनेश सुराणा के कुशल नेतृत्व, संगठन क्षमता एवं धर्म के प्रति समर्पण से किला मंदिर में आयोजित होने वाला चातुर्मास सुव्यवस्थित, अनुशासित एवं ऐतिहासिक बनेगा। उनके मार्गदर्शन में धर्म, साधना, सेवा, संस्कार एवं सामाजिक समरसता से जुड़े विविध आयोजन प्रभावी रूप से संपन्न होंगे।


उल्लेखनीय है कि श्री मालव गिरनार तीर्थ किला आष्टा में 3 जुलाई 2026 से पूज्य गणिवर्य एवं साध्वी मंडल के सान्निध्य में चातुर्मास प्रवेश महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। यह चातुर्मास क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक उन्नति, धर्म आराधना एवं आत्मकल्याण का महत्वपूर्ण अवसर रहेगा।
समाज के वरिष्ठजनों रवींद्र रांका, निर्मल रांका, नवनीत संचेती एवं शेखर सुराणा ने कहा कि चातुर्मास केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह समाज में संस्कार, अनुशासन, सेवा और सद्भावना के प्रसार का भी माध्यम बनता है।

ऐसे में दिनेश सुराणा के नेतृत्व में आयोजित होने वाला यह चातुर्मास निश्चित रूप से नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। सभी समाजजनों ने मंगलकामना व्यक्त करते हुए कहा कि प्रभु कृपा से यह चातुर्मास अभूतपूर्व सफलता प्राप्त करे, धर्म प्रभावना का नया अध्याय रचे तथा आष्टा के इतिहास में एक सुव्यवस्थित एवं प्रेरणादायी चातुर्मास के रूप में याद किया जाए।

“सिविल अस्पताल आष्टा के दो चर्चित एवं विवादित रहे चिकित्सकों का स्थानांतरण”

मध्य प्रदेश शासन द्वारा स्थानांतरण नीति के तहत जारी की गई चिकित्सकों की स्थानांतरण सूची में सिविल अस्पताल आष्टा में पदस्थ दो चिकित्सकों का भी तबादला किया गया है। इनमें महिला चिकित्सक डॉ. सिंधु आर्य तथा नेत्र चिकित्सक डॉ. अरुप विश्वास शामिल हैं।


दोनों चिकित्सक लंबे समय से सिविल अस्पताल आष्टा में पदस्थ थे तथा विभिन्न कारणों से समय-समय पर चर्चा में रहे। इनके संबंध में नागरिकों एवं विभिन्न पक्षों द्वारा स्थानीय स्तर से लेकर जिला एवं राज्य स्तर तक शिकायतें किए जाने की बातें भी सामने आती रही हैं। नेत्र चिकित्सक डॉक्टर अरुप विश्वास ने कई लोगों की आंखें खराब कर दी थीं जिसकी काफी शिकायतें भी हुई थीं। उल्लेखनीय है कि कुछ समय पूर्व एक मामले में डॉ. सिंधु आर्य पर प्रसूति सेवाओं के दौरान धनराशि मांगने के आरोप लगाए गए थे। शिकायत के बाद संबंधित मामले में विभागीय स्तर पर नोटिस जारी किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। वहीं नेत्र चिकित्सक डॉ. अरुप विश्वास के विरुद्ध भी मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ किये गये व्यवहार को लेकर समय-समय पर शिकायतें दर्ज कराई गई थीं।


हालांकि इन मामलों में विभागीय जांच एवं अंतिम निष्कर्ष की जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है, लेकिन दोनों चिकित्सकों को लेकर नागरिकों के बीच लगातार चर्चाएं बनी हुई थीं। स्थानांतरण सूची जारी होने के बाद नगर में इस निर्णय को लेकर विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।


मध्य प्रदेश शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार डॉ. सिंधु आर्य एवं डॉ. अरुप विश्वास का स्थानांतरण आष्टा से अन्य स्थानों पर कर दिया गया है। अब सिविल अस्पताल में उनके स्थान पर नए चिकित्सकों की पदस्थापना को लेकर भी लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं।

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