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माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 10वीं की अंग्रेजी परीक्षा के दौरान नगर के शासकीय सांदीपनि विद्यालय में नकल का मामला सामने आने से परीक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। संभागीय जांच दल ने मौके पर दबिश देकर दो विद्यार्थियों को नकल करते हुए पकड़ा। दोनों के विरुद्ध नकल प्रकरण बनाकर रिपोर्ट बोर्ड कार्यालय भेज दी गई है। मुख्य विषय अंग्रेजी के दूसरे पेपर के दौरान जैसे ही संभागीय दल विद्यालय पहुंचा, निरीक्षण के दौरान एक परीक्षार्थी की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। जांच में पाया गया कि छात्र अपने प्रवेश पत्र पर ही सूक्ष्म अक्षरों में नकल लिखकर लाया था।

उसके पीछे खड़ा दूसरा छात्र अचानक घबरा गया और तलाशी लेने पर उसकी जेब से नकल की पर्ची बरामद हुई।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब परीक्षा कक्ष में प्रवेश से पूर्व सघन जांच, फोटो मिलान और तलाशी की प्रक्रिया होती है, तो फिर प्रवेश पत्र पर लिखी नकल और जेब में रखी पर्ची कैसे भीतर पहुंच गई ? क्या यह मात्र चूक है या फिर लापरवाही और मिलीभगत की कहानी ? संभागीय दल का नेतृत्व उप संचालक कनक प्रसाद कर रही थीं। बताया जा रहा है कि इस वर्ष आष्टा में बोर्ड परीक्षा के दौरान पहली बार नकल का प्रकरण दर्ज हुआ है। पिछले तीन वर्षों में एक भी मामला सामने नहीं आया था। मंगलवार को आयोजित परीक्षा में 83 विद्यार्थी अनुपस्थित भी रहे।


“उड़नदस्तों की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह”
स्थानीय उड़नदस्ता दल की चेकिंग व्यवस्था अब सवालों के घेरे में है। परीक्षा केंद्र पर प्रवेश पत्र से फोटो मिलान की प्रक्रिया अनिवार्य है, फिर भी प्रवेश पत्र पर लिखी नकल किसी की नजर में नहीं आई। दोनों छात्र परीक्षा कक्ष तक पहुंच गए।यह तथ्य स्वयं व्यवस्था की पोल खोलने के लिए पर्याप्त है।
नकल के दाग से उबरने की चुनौती
आष्टा क्षेत्र कभी बोर्ड परीक्षाओं में नकल माफियाओं के गढ़ के रूप में बदनाम रहा है। ग्रामीण परीक्षा केंद्रों पर हजारों बाहरी विद्यार्थियों के पहुंचने, पेपर लीक की घटनाओं और यहां तक कि केंद्राध्यक्षों पर हमले जैसी गंभीर घटनाएं पूर्व में हो चुकी हैं। ऐसे इतिहास के बाद जब व्यवस्था सुधार के दावे किए जा रहे थे, तब यह ताजा मामला फिर से पुराने घाव कुरेद रहा है।
अब देखना यह है कि जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।सिर्फ दो विद्यार्थियों पर प्रकरण बनाकर औपचारिकता निभाई जाएगी या परीक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने वालों तक भी जांच की आंच पहुंचेगी?


प्राइवेट एवं शासकीय स्कूलों के केंद्र अलग- अलग बनाए
इस बार परीक्षा केन्द्रों पर भी प्रश्नचिन्ह उठ रहा है। सांदीपनि विद्यालय में जहां प्राइवेट स्कूलों के विद्यार्थियों को परीक्षा देने के लिए निर्धारित किया गया है तो दूसरी ओर सांदीपनि विद्यालय के परीक्षार्थियों को मॉडल स्कूल में एवं शासकीय कन्या विद्यालय की छात्राओं का एक प्राइवेट स्कूल में परीक्षा केंद्र बनाया गया है,जो चर्चा का केंद्र बना है। विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी सलोनी शर्मा ने नकल के दो प्रकरण बनने की पुष्टि की है

“बजट पर विधायक गोपालसिंह इंजीनियर की प्रतिक्रिया…
मप्र के बजट में गरीब, युवा, किसान और महिलाओं के सशक्तिकरण के समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ने का मिलेगा अवसर-गोपालसिंह इंजीनियर विधायक
शानदार बजट के लिये मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जी का अभिनन्दन”

आज मप्र की विधानसभा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा प्रस्तुत 4,38,317 करोड़ रुपये का शानदार बजट प्रस्तुत किया गया । बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आष्टा विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने कहा यह बजट ऐतिहासिक है और अब तक का सबसे बड़ा बजट है । जो प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में एक मिल का पत्थर साबित होगा
विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने कहा पिछले दो वर्ष की तुलना में प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय ₹1,41,000 से बढ़कर ₹1,69,000 हो गई है । यह 19.25 प्रतिशत की वृद्धि सरकार की प्रभावी आर्थिक नीतियों का परिणाम है। विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने कहा आज प्रस्तुत किया गया यह बजट गरीब, युवा, किसान और महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष फोकस करता है,जिससे समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। बजट में गौशालाओं के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं तथा 1 लाख सोलर पंप किसानों को देने की तैयारी की गई है। बजट में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र का लक्ष्य रखा गया है और फसल बीमा के लिए ₹1,300 करोड़ का प्रावधान किया गया है। महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ‘लाड़ली बहना योजना’ के लिए 23,000 हजार करोड़ से अधिक की राशि निर्धारित की गई है। साथ ही कामकाजी महिलाओं के लिए 5,700 महिला हॉस्टल के निर्माण तथा उनकी सुरक्षा और पेंशन पर विशेष जोर दिया गया है।


युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ₹25,000 करोड़ के ऋण प्रावधान किए गए हैं तथा खेलों के विकास के लिए ₹815 करोड़ की राशि निर्धारित की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास हेतु मजरे-टोले की सड़कों के लिए ₹21,000 करोड़ से अधिक की राशि दी गई है। शिक्षा के क्षेत्र में 294 नए विद्यालय स्थापित करने की तैयारी है, जिससे प्रदेश में शैक्षणिक ढांचे को सुदृढ़ किया जाएगा। वीबीजी रामजी योजना के लिए ₹10,000 करोड़ से अधिक की राशि का प्रावधान किया गया है। अब गांवों को खुद निर्णय का अधिकार केन्द्र और राज्य सरकार दे रही है। विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने कहा बजट में पहली बार बच्चों को ट्रेटा दूध दिया जाएगा। उसके लिए बजट में प्रावधान किया गया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए लगभग ₹23,000 करोड़ का प्रावधान कर चिकित्सा सुविधाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। इसके साथ ही 472 नई ई-बस सेवाओं की शुरुआत कर शहरी परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा। ₹1,00,000 करोड़ से अधिक का पूंजीगत व्यय प्रदेश में अधोसंरचना और विकास कार्यों को नई गति देगा। आज प्रस्तुत किया गया मप्र का यह बजट वर्ष 2047 तक विकसित प्रदेश के विजन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है और यह हर वर्ग को सशक्त बनाने वाला संतुलित, समावेशी एवं विकासोन्मुख बजट है।

“आष्टा के सफाई कर्मचारियों ने नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर किया प्रदर्शन समय पर वेतन मिले नहीं तो कल से हड़ताल

बुधवार को आष्टा नगर पालिका कार्यालय में शहर के सफाई कर्मचारी पहुंचे और अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जमकर प्रदर्शन किया । कर्मचारियों का कहना है कि हमें समय पर वेतन नहीं मिल रहा है , हमारा पीएफ सहित अन्य कई मांगे हैं जो कि अभी तक पूरी नहीं की गई। बता दे की बुधवार को भारतीय मजदूर संघ राज्य सफाई कर्मचारी मोर्चा के भोपाल संभाग अध्यक्ष राहुल वाल्मीकि के नेतृत्व में सभी सफाई कर्मचारी दोपहर में नगर पालिका कार्यालय पहुंचे जहां पर सीएमओ नहीं मिले तो जमकर हंगामा किया और गेट पर ज्ञापन चिपकाए। सफाई कर्मचारियों का कहना था कि समय पर हमें हर महा वेतन नहीं मिल रहा है ऐसी कई मांगे शामिल है। भारतीय मजदूर संघ राज्य सफाई कर्मचारी मोर्चा के भोपाल संभाग अध्यक्ष राहुल वाल्मीकि ने कहा कि कई बार हम नगर पालिका के अध्यक्ष और सीएमओ को ज्ञापन सौंप कर अवगत करा चुके लेकिन आज तक सफाई कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिला आज भी पिछले माह का बुधवार तक वेतन नहीं मिला आखिर हम कैसे परिवार का भरण पोषण करें बैंकों से हमें किस्त समय पर नहीं भरने कारण नोटिस मिल रहे हैं। परिवार चलाना मुश्किल हो गया है पीएफ भी हमारा अभी तक नहीं मिला साथ हमारे कई कर्मचारियों को बिना सूचना के हटा दिया गया है उन्हें रखा जाए ऐसी कई मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों ने अंतिम चेतावनी दी कि अगर उन्होंने हमारे समस्त मांगों को पूरा नहीं किया तो 19 फरवरी गुरुवार से हम हड़ताल करेंगे।


सफाई कर्मचारियों ने आज जो ज्ञापन सोपा उसमें प्रमुख मांग है, बिना किसी सूचना के बंद आउटसोर्सिंग से सफाई कर्मचारियों को फिर से रखा जाय, समस्त सफाई कर्मचारियों को पीएफ ,जीपीएफ ना मिलने के संबंध में, समय पर वेतन दिया जाए ,कचरा गाड़ी कर्मचारियों को कलेक्टर रेट वेतन दिया जाए, बिना कार्य में लापरवाही के कर्मचारियों को कार्य में अदला बदली ना की जाए सहित अनेक मांगे शामिल है।
ज्ञापन सौंपने वालों में भारतीय मजदूर संघ राज्य कई कर्मचारी मोर्चा के भोपाल संभाग अध्यक्ष राहुल वाल्मीकि, सोनू भाई, दीपक सिंह, रेखा बाई ,आशा बाई सहित बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी शामिल हुए।

वेतन दिया जा रहा है

इस मामले में सीएमओ विनोद प्रजापति ने कहा है कि सफाई कर्मचारियों का वेतन दिया जा रहा है जल्दी उनके खाते में राशि पहुंचेगी अन्य मांगों को भी हल किया जाएगा आउटसोर्स का टेंडर भी निकल रहा है।

“भाव शुद्ध रखेंगे तो ही जीवन धन्य होगा – मुनिश्री संस्कार सागर
आचार्य विद्यासागर जी महाराज का द्वितीय समाधि दिवस श्रद्धाभाव से मनाया गया”

नगर के श्री चंद्रप्रभ दिगंबर जैन मंदिर, अरिहंतपुरम अलीपुर में विराजमान पूज्य वात्सल्य रत्नाकर, भारत गौरव, विद्या वाचस्पति श्रमण मुनिश्री संस्कार सागर मुनिराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य को उसके भाग्य में लिखा हुआ ही प्राप्त होता है। जो भाग्य में नहीं है, वह प्राप्त होकर भी चला जाता है। इसलिए धन-संपत्ति के मोह में संबंधों को कलुषित करना उचित नहीं।मुनिश्री ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम और भरत के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि माता कैकेयी ने वनवास नहीं दिया, बल्कि परिस्थितियों के अनुरूप श्रीराम स्वयं वन को गए। बड़े भाई का धर्म पिता तुल्य होता है। श्रीराम ने छोटे भाई भरत को राजगद्दी पर प्रतिष्ठित करने के लिए वनवास स्वीकार किया। आज स्थिति यह है कि थोड़ी-सी धन -संपत्ति के लिए भाई-भाई का शत्रु बन जाता है।उन्होंने कहा कि सच्चा धर्मात्मा वही है जिसका कोई शत्रु नहीं होता। जो व्यक्ति स्वार्थ में लिप्त रहता है, उसी के विरोधी पैदा होते हैं। पाप और पुण्य का सिद्धांत समझना आवश्यक है। पुण्य का उदय होता है तो व्यक्ति को सुख-सुविधाएं सहज मिलती हैं, जबकि पाप का उदय होने पर रोटी के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है।मंदिर आने का उद्देश्य परिणामों की शुद्धि है, न कि गृहस्थी की चर्चाएं करना या दूसरों की निंदा-आलोचना करना। देव, शास्त्र और गुरु के समक्ष सदैव पवित्र भाव रखने चाहिए। साधु-संतों की निंदा से घोर कर्मबंध होता है, जिसका फल अवश्य भोगना पड़ता है। प्रतिक्रमण का अर्थ है स्वयं के दोषों को देखना, न कि दूसरों की आलोचना करना।मुनिश्री ने कहा कि बुद्धि से ही पाप होते हैं और बुद्धि से ही धुलते भी हैं। जिस प्रकार अग्नि रोटी को सेकती भी है और जला भी देती है, उसी प्रकार बुद्धि का सदुपयोग उत्थान का कारण बनता है और दुरुपयोग पतन का। अतः अपने परिणाम शुद्ध और संयमित रखें।
आचार्य विद्यासागर जी महाराज का द्वितीय समाधि दिवस मनाया


इस अवसर पर नगर के सभी दिगंबर जैन मंदिरों में वात्सल्य रत्नाकर,संत शिरोमणि, समाधि सम्राट आचार्य विद्यासागर जी महाराज का द्वितीय समाधि दिवस श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया गया। मंदिरों में आचार्य श्री का चित्र विराजित कर भगवान का अभिषेक, शांतिधारा एवं अर्घ्य समर्पित किए गए। भक्तों ने सामूहिक रूप से आरती कर उनके तप, त्याग और राष्ट्रधर्म के प्रति समर्पित जीवन का स्मरण किया।
श्रद्धालुओं ने आचार्य श्री के आदर्शों—संयम, साधना, राष्ट्रभक्ति और संस्कार निर्माण को आत्मसात करने का संकल्प लिया। सभा में वक्ताओं ने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने अपने तपोबल, त्यागमय जीवन और शास्त्रज्ञान से समाज को नई दिशा दी। उनका जीवन आज भी साधना और चरित्र निर्माण की प्रेरणा देता है।कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

“आष्टा मंडी में 9452 रुपये प्रति कुंटल के भाव मे बिका सोयाबीन,ये
प्रदेश में सबसे उच्चतम भाव माना जा रहा है”

आज बुधवार 18 फरवरी को आष्टा मंडी में इस सीजन के सबसे अधिक भाव पर सोयाबीन की बोली लगी। आष्टा मंडी में किसानो के आकर्षण का प्रमुख कारण खुली नीलामी में अधिक भाव है। बुधवार को किसान मुकेश, निवासी बगड़ावदा, तहसील आष्टा जिला सीहोर द्वारा 10 क्विंटल सोयाबीन बिक्री हेतु लाया था। जो इस सीजन का सबसे उच्चतम भाव था। किसान को अपनी फसल का 9452/- रुपए प्रति क्विंटल भाव मिला। जिसे फर्म संतोष ट्रेडर्स द्वारा खरीदा की गया। किसान के द्वारा फसल सोयाबीन के बारे में बताया गया कि यह किस्म जेएस 2506 है। यह सोयाबीन की एक उन्नत और नई किस्म है, जो विशेष रूप से मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में लोकप्रिय है। यह किस्म अपनी अधिक उत्पादकता और जल्दी पकने की क्षमता के लिए जानी जाती है। जो आज किसानों के बीच एक बेहतर विकल्प बन रही है। इस बीज की मुख्य विशेषताएं है:- उच्च उत्पादकता वाली किस्म, यह मध्यम अवधि की फसल है जो लगभग 90 से 100 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है, इसमें गुच्छों में फलिया लगती है जिससे की मशीन से कटाई के लिए भी अच्छी होती है, किसान की जानकारी अनुसार बुवाई में इस बीजे को 30 से 40 किलोग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से जमीन में डाला जाता हे। जेएस 2506 सोयाबीन एक उन्नत, मध्यम अवधि (95-100 दिन) की किस्म है,

जिसे जेएनकेवीवी, जबलपुर (JNKVV) द्वारा विकसित किया गया है। यह किस्म मजबूत तने, मध्यम ऊंचाई और गुच्छों में फलियों के लिए जानी जाती है, जो इसे हार्वेस्टर से कटाई के लिए उपयुक्त बनाती है। पौधे की संरचना मध्यम ऊंचाई और मजबूत तना होने से फसल गिरती नहीं है। इसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी देखी गई है और यह 2025 में किसानों के बीच एक लोकप्रिय विकल्प रही है। यह किस्म अच्छी कृषि पद्धतियों के साथ उच्च उत्पादन क्षमता के लिए जानी जाती है, जो मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में रबी फसलों की समय पर बुवाई के लिए भी अनुकूल है। उक्त जानकारी मंडी प्रशासन आष्टा ने दी

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