आष्टा । एक समय था जब नगर में सटोरियों ओर जुआरियों पर पुलिस का ख़ौफ़ नजर आता था । लेकिन आज आष्टा नगर में यत्र तत्र सर्वत्र सटोरियों का बोल बाला नजर आ रहा है,खबर है अभी तक तो आष्टा नगर की ऐ क्लॉस की मंडी, जो जुआरियों की फड़ चलने,जुआ खेलने को लेकर तो चर्चित रहती ही है,अब तक सटोरियों के हाथ पांव इस ऐ क्लॉस की मंडी के अंदर तक फैल चुके है ।

आष्टा नगर में जो छोटे मोटे सटोरिये सट्टा लीड पेन पर्ची पर कम मोबाईल के माध्यम से ज्यादा लिखते है वे नगर के तीन चार बड़े खाईवालों के प्यादे है । इन बड़े खाईवालों के नगर में एरिये फिक्स है । किस खाईवाल का प्यादा किस एरिये में सट्टा लिखने के लिये तैनात रहेगा ये तय है पूर्व में एक दूसरे के क्षेत्र में हस्तक्षेप करने के कारण इनमें वाद विवाद शिकवा शिकायते भी हो चुकी है ।

आखिर नगर में चारो ओर सटोरियों की खुले आम सक्रियता कैसे,क्यो ओर किसके संरक्षण में चल रही है । आष्टा नगर के दोनों थाना क्षेत्रों आष्टा थाना एवं पार्वती थाना क्षेत्र के अलीपुर चौराहा,इंदौर नाला,पुरानी नई शब्जी मंडी,कसाईपुरा चौराहा,पुराना दशहरा मैदान,शब्जी मंडी,कन्नौद रोड,मंडी गेट,बस स्टैंड,भोपाल नाका,धोबीपुरा,

सहित नगर के कई चौक चौराहों पर खाईवालों के प्यादों को सट्टा कार्य मे संलग्न देखा जा सकता है । बड़ा आश्चर्य का विषय है पार्वती ओर आष्टा थाना पुलिस को ये सटोरिये नजर नही आते है अब ये अलग बात है की या तो देखते नही है या दिखते नही है.?
























