महाशिवरात्रि के अवसर पर प्राचीन शंकर मंदिर में नगर के श्रद्धालुओं को दर्शनार्थ आवागमन में परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े इसी को दृष्टिगत रखते हुए महाशिवरात्रि पर्व के 1 दिन पूर्व शंकर मंदिर जाने वाले क्षतिग्रस्त मार्ग पर नगर पालिका द्वारा डामरीकरण कार्य प्रारंभ कराया गया ।

उक्त कार्य का शुभारंभ उपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा द्वारा सीएमओ विनोदकुमार प्रजापति,पार्षद डॉ सलीम खान, कमलेश जैन,रवि शर्मा,अरशद अली,महेन्द्र सिंह गुणवान, उपयंत्री अनिल धुर्वे, सतीश मेवाड़ा की उपस्थिति में किया गया । अध्यक्ष प्रतिनिधि मेवाडा ने बताया कि महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर प्राचीन शंकर मंदिर में बड़ी संख्या में नगर के श्रद्धालु जन पूजा अर्चना करने के लिए पहुंचेंगे,

नागरिकों को आवागमन में सुविधा न हो इसके चलते परिषद में उक्त क्षतिग्रस्त मार्ग पर डामरीकरण कार्य करने का निर्णय लिया जो महाशिवरात्रि पर्व के पूर्व ही पूर्ण होकर नागरिकों को यह मार्ग आवागमन में सुगमता प्रदान करेगा । लगभग 4 लाख की लागत से 100 मीटर लंबे क्षतिग्रस्त मार्ग पर डामरीकरण का कार्य पूर्ण होगा ।

“गुरु समागम पुण्य से मिलता है, मंदिर जाएं तो स्व-कल्याण का भाव रखें – मुनिश्री संस्कार सागर मुनिराज
मुनिसुव्रतनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक महोत्सव श्रद्धाभाव से मनाया गया”
नगर के श्री चंद्रप्रभ दिगंबर जैन मंदिर अरिहंतपुरम में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री संस्कार सागर मुनिराज ने कहा कि गुरुओं का समागम प्रतिदिन नहीं होता, यह पुण्य के उदय से ही प्राप्त होता है। जब सानिध्य मिले तो उसका पूरा लाभ लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि चक्रवर्ती छः खंड का स्वामी होता है, अपार वैभव का अधिकारी होता है, आज लोग थोड़े लालच में भगवान के दर्शन करने जाना छोड़ देते हैं, पहली प्राथमिकता उनकी धन होती है।किंतु सम्यकदृष्टि जीव अपने कर्तव्य से विमुख नहीं होता। वह सर्वप्रथम देव, शास्त्र और गुरु की आराधना करता है।

मुनिश्री ने कहा कि जिस कार्य में व्यक्ति की श्रद्धा और रुचि होती है, वह उसे पूर्ण भक्ति भाव से करता है। सम्यकदृष्टि जीव यदि अपने नित्य धर्मकार्य नहीं कर पाता तो उसके मन में कमी का भाव आता है कि आज मेरा आवश्यक कार्य रह गया। जैन दर्शन भावप्रधान है।भाव पूर्वक, श्रद्धा और रुचि के साथ भगवान की पूजा करने से महान पुण्य की प्राप्ति होती है।उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि ट्रेन पकड़ने के लिए व्यक्ति समय से पहले रेलवे स्टेशन पहुंच जाता है, लेकिन मंदिर और धर्मसभा के प्रति वैसी तत्परता नहीं दिखाता। जिनेन्द्र भगवान के दर्शन से अनंत पापों का क्षय होता है। जैसे कालिया नाग के समान कर्म शिथिल हो जाते हैं, वैसे ही भगवान के सच्चे दर्शन से अंतःकरण निर्मल होता है।

देव,शास्त्र और गुरु के दर्शन करते समय औपचारिकता नहीं, अपितु एकाग्र भाव से प्रभु को निहारना चाहिए। मुनिश्री ने कहा कि आज व्यक्ति दूसरों की चिंता में अधिक रहता है, स्वयं के कल्याण पर ध्यान नहीं देता। संतों का धर्मोपदेश भी अपने आत्मकल्याण के लिए होता है। मंदिर जाएं तो ‘स्व’ का प्रयोजन रखें, पर का नहीं। घर से निकलते समय ही भगवान के दर्शन, पूजा और अभिषेक का स्पष्ट भाव बना लें। मात्र मंदिर जाने का भाव बनाने से ही लाख गुना पुण्य का बंध होता है। मुनिश्री संस्कार सागर मुनिराज ने आगे कहा कि जैसे किसी अंधे और निर्धन व्यक्ति को नेत्र और निधि दोनों मिल जाएं तो उसकी प्रसन्नता का ठिकाना नहीं रहता, वैसे ही भगवान के दर्शन करते समय वही आंतरिक आनंद और कृतज्ञता का अनुभव होना चाहिए। ज्ञान ऐसा धन है जिसे कोई चुरा नहीं सकता,बल्कि जितना बांटेंगे उतना बढ़ेगा। आज व्यक्ति धन संचय में लगा है, पुण्य संचय में नहीं।मुनिश्री ने प्रसंग सुनाते हुए कहा कि त्रियंच पर्याय में बैल के जीव ने भावपूर्वक जिनवाणी श्रवण किया तो अगले जन्म में सुग्रीव बना और श्रीराम का मित्र बना।

मोबाइल जैसे साधन मनुष्य को असत्य बोलना अधिक सिखा रहे हैं, इसलिए मंदिर में निर्विकल्प भाव से जाएं।धनंजय सेठ के पुत्र का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने बताया कि सर्पदंश के बाद भी सेठ ने भगवान की आराधना नहीं छोड़ी। संकल्प अडिग रखा। उनकी पत्नी बालक को लेकर मंदिर पहुंची और प्रभु चरणों में समर्पित किया। सेठ के पुण्य उदय से बालक की रक्षा हुई। उन्होंने कहा कि सारा खेल पुण्य और पाप का है। किसी भी क्रिया को करने से पहले उसके फल को समझें। मात्र एक मुट्ठी चावल चढ़ा देने से जैन नहीं बनते, अपितु समझ और भावपूर्वक की गई क्रिया ही फलदायी होती है।

धर्मसभा में आर्यिकारत्न सुदृष्टि माताजी ने भी श्रद्धालुओं को संबोधित कर धर्माराधना के महत्व पर प्रकाश डाला।
मुनिसुव्रतनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक महोत्सव मनाया
नगर के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन दिव्योदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र किला मंदिर, श्री चंद्रप्रभ दिगंबर जैन मंदिर अरिहंतपुरम, गंज, श्री नेमिनाथ मंदिर नेमि नगर तथा शान्तिनगर स्थित चैत्यालय में बीसवें तीर्थंकर श्री मुनिसुव्रतनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक महामहोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया।

इस अवसर पर भगवान का अभिषेक, शांतिधारा एवं निर्वाण लाडू चढ़ाकर,आरती कर भक्तों ने मोक्ष कल्याणक की वंदना की। मंदिरों में मंगलाष्टक, स्तवन एवं भक्तिभावपूर्ण वातावरण में श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ प्राप्त किया। आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे और मोक्ष कल्याणक की महिमा का श्रवण कर आत्मकल्याण का संकल्प लिया।
“महाशिवरात्रि को लेकर हिन्दू उत्सव समिति ने प्रशासन के साथ व्यवस्थाओं का लिया जायजा”
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आज नगर के प्राचीनतम पार्वती नदी किनारे स्तिथ प्राचीन शंकर मंदिर में श्रद्धालुओं का सेलाब उमड़ेगा। इस हेतु श्रद्धालुओं को मंदिर पहुचने में उनके आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े,इस हेतु शंकर मंदिर मार्ग के किनारे व मार्ग पर खड़े हुए वाहनों आदि को पुलिस और प्रशासन ने हटवाकर मार्ग व्यवस्थित करवाया । मौके पर एसडीएम नितिन कुमार टाले, नगर निरीक्षक गिरीश दुबे एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी विनोद प्रजापति,सहायक यंत्री,अनिल धुर्वे ने व्यवस्थाओं को देखा एवं निर्देश दिये ।

हिन्दू उत्सव समिति के अध्यक्ष नारायण भुरु मुकाती,वरिष्ठ पत्रकार नरेन्द्र गंगवाल, संजय सोनी बंटू,शंकर मंदिर पुजारी हेमंत गिरि, बीएस वर्मा एडवोकेट,कुशलपाल लाला, शिव मामा, प्रदीप राठौर
पटवारी विजेन्द्र सिंह ठाकुर,दरोगा विनोद सांगते ने वहां की व्यवस्थाओं को देखा एवं शिवरात्रि मेले में व्यवस्थित दुकानें लगवाने एवं श्रद्धालुओं के वाहनों को सुव्यवस्थित लगवाने का आग्रह किया । मुख्य नगरपालिका अधिकारी ने अधीनस्थ कर्मचारियों को व्यवस्था के निर्देश दिए।
“नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का आष्टा पहुचने पर विधायक गोपालसिंह इंजीनियर के नेतृत्व में किया भव्य स्वागत सम्मान”

मध्य प्रदेश शासन के नगरीय विकास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय का आज आष्टा विधानसभा क्षेत्र के बापचाधाम में चल रही साथ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा एवं शिव शक्ति महायज्ञ में शामिल होने भोपाल से बापचाधाम जाते वक्त आष्टा पहुंचने पर मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय का कॉलोनी चौराहे पर विधायक गोपालसिंह इंजीनियर के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी के

सुशील संचेती,अतुल शर्मा, राजेंद्र केशव जावर,विशाल चौरसिया, मोहित सोनी, कुलदीप सिंह ठाकुर धुराडा, सौरभ जैन शीतल, बिट्टू शर्मा,राजेश घेंघट,सुनील यादव
तेजसिंह ठाकुर,देवेन्द्र ठाकुर,अजय गब्बर,शैलेन्द्र सिंह,सहित बड़ी संख्या में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एवं साथ आये भाजपा जिला अध्यक्ष नरेश मेवाडा का भव्य स्वागत और सम्मान किया ।
“घरेलू गैस सिलेंडर के व्यावसायिक उपयोग को रोकने के लिए निरंतर की जा रही है छापामार कार्रवाई
आज जब्त किए गए 16 घरेलू गैस सिलेंडर”

कलेक्टर श्री बालागुरू के. के निर्देशानुसार घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग को रोकने के लिए खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा जिले के विभिन्न व्यावसायिक संस्थानों, होटलों एवं प्रतिष्ठानों पर छापामार कार्रवाई की जा रही है।

कार्रवाई में घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यवसाय के लिए उपयोग करने वाली दुकानों एवं संस्थानों की जांच कर उपयोग किए जा रहे घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए जा रहे हैं एवं कार्रवाई की जा रही है। कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी आकाश चंदेल ने बताया कि जांच के दौरान कुबेरेश्वर धाम स्थित 13 दुकानों एवं प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण कर कार्रवाई करते हुए 16 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए।

यह कार्रवाई कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी आकाश चंदेल एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा की गई।
“मुख्यमंत्री डॉ यादव ने लाड़ली बहनों के खातों में अंतरित की राशि
सीहोर जिले की 2,40,293 बहनों के खाते में 35 करोड़ से अधिक की राशि अंतरित”

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खंडवा जिले के पंधाना में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में लाड़ली बहना योजना अंतर्गत प्रदेश की लगभग 01.25 करोड़ से अधिक पात्र बहनों के खातों में 1836 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने प्रदेश के साथ ही सीहोर जिले की 2,40,293 बहनों के खातों में 35 करोड़ 40 लाख 21 हजार रूपये की राशि अंतरित की
























