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“11 दिनों से रजिस्ट्री कराने के लिए लोग हो रहे परेशान,उप पंजीयक मेडम अवकाश पर, इछावर के उप पंजीयक एक दिन छोड़कर आष्टा आते,सलाट बुक करने के पश्चात भी महिलाओं को अधिक परेशानी ,न बैठने की व्यवस्था और न ही पीने को पानी”

आष्टा। करीब 11 दिनों से रजिस्ट्री कराने के लिए लोग परेशान हो रहे हैं,उप पंजीयक मेडम भारती गोहद अवकाश पर हैं और उनके स्थान पर इछावर के उप पंजीयक रामगोपाल शर्मा एक दिन छोड़कर आष्टा आते हैं। नित्य 70 सलाट बुक होते हैं। एक दिन बाद रजिस्ट्री करने से 70 ही सलाट बुक रहते हैं। जिसके कारण महिलाओं को अधिक परेशानी हो रही है। शुक्रवार 7 जून को सुबह से ही रजिस्ट्री कराने के लिए काफी संख्या में महिलाएं व पुरुष उप पंजीयक कार्यालय परिसर में पहुंचे।

वहां जगह कम पड़ने पर बाहर बैठकर परेशान होते हुए लोगों को देखा गया। लोगों के बैठने तक की यहां पर व्यवस्था नहीं है और न ही पीने के लिए पानी। उप पंजीयक कार्यालय आष्टा में ग्यारह दिनों से एक दिन बाद मकान, भूमि की रजिस्ट्री होने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों एवं बाहर से आने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है।शुक्रवार 7 जून को हमारे प्रतिनिधि ने उप पंजीयक कार्यालय परिसर में पहुंचकर देखा कि काफी संख्या में महिलाएं, पुरुष जमीन पर बैठे हुए हैं। वहां पर लोगों को बैठाने के लिए न तो कुर्सी है और न ही छाया। यहां तक की पीने के लिए पानी भी उपलब्ध नहीं है।सुबह से परेशान हो रहे ग्राम चामसी निवासी पार्वती बाई पति बाबूलाल वर्मा, प्रेम बाई पति नरबत गेहरवाल आदि ने बताया कि हम सुबह से यहां पर रजिस्ट्री कराने के लिए आई है,लेकिन शाम होने को आई अभी तक हमारा नंबर नहीं आया है। सूत्रों के अनुसार उप पंजीयक भारती गोहद एक सप्ताह के अवकाश पर बीते माह की 28 तारीख से गई थी, उन्होंने अपनी छुट्टी ओर बढ़वा ली है।

जो विभाग करोड़ो का राजस्व देता है, जिनसे लिया जाता है उन्हें ऐसे बैठना पड़ता है…कम से कम कुर्सी तो लगवा दो.

उप पंजीयक मेडम के अवकाश पर जाने के कारण इछावर के उप पंजीयक रामगोपाल शर्मा को आष्टा भेजा है और वह एक दिन छोड़कर आष्टा आ रहे हैं। जिसके कारण रजिस्ट्री के लिए काफी सलाट बुक हो जाते हैं, लोग रोज परेशान हो रहे हैं। इस परिस्थिति में जिनके सलाट बुक हुए हैं ,उन सभी की रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है ।कलेक्टर श्री प्रवीण सिंह, एसडीएम श्रीमती स्वाति उपाध्याय मिश्रा इस समस्या पर ध्यान देवें।

“विधायक गोपालसिंह इंजीनियर हुए अंतिम संस्कार में शामिल”

इछावर तहसील के ग्राम बाबड़िया गोसाई में विवाह समारोह में शामिल हो कर रात्रि में वापस अपने घर किल्लोद पंचायत के ग्राम धनखेड़ी के ग्रामीण जन ट्रेक्टर ट्राली में सवार हो कर लौट रहे थे कि रात्रि में करीब 2 से 3 बजे के मध्य ग्रामीणों से भरी उक्त ट्राली ग्राम भवरा में चेनपुरा के मोड़ के पास पलटी खा गई।

जिसमें करीब 30 ग्रामीण घायल हो गये एवं उक्त ट्राली में सवार आष्टा विधायक श्री गोपालसिंह इंजीनियर की चचेरी बहन श्रीमति जसरथ बाई पत्नि श्री कैलाश मालवीय उम्र करीब 50 साल की ट्राली में दबने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। सूचना के बाद विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ग्राम धनखेड़ी किल्लोद पहुचे एवं चचेरी बहन के अंतिम संस्कार में शामिल हो कर सजल नेत्रों से बहन को अंतिम बिदा दी।

अंतिम संस्कार में आष्टा विधायक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण जन कार्यकर्ता आदि शामिल हुए एवं श्रद्धांजलि अर्पित की।

“सेक्टर पदमसी के आंगनबाड़ी केंद्र पर पुरुषोत्तम बाहेती एवं कविता कावडे को बिदाई दी”

कई दशकों तक महिला एवं बाल विकास विभाग में अपनी सराहनीय सेवाएं देने वाले श्री पुरूषोत्तम बाहेती के सेवानिवृत्त होने पर शुक्रवार 7 जून को सेक्टर पदमसी में विदाई समारोह का आयोजन किया गया एवं श्रीमती कविता कावड़े मैडम को भी बिदाई दी गई ।पदमसी की कार्यकर्ता माधुरी नारोलिया को भी सेवानिवृत्त की बिदाई दी गई।श्री बाहेती, श्रीमती कावडे एवं नारोलिया के इस विदाई कार्यक्रम में परियोजना के ब्लॉक समन्वयक श्री राजेश पंवार एवं सेक्टर सुपरवाइजर श्रीमती अनीता नागौरी एवं सेक्टर की समस्त कार्यकर्ता उपस्थित रही ।आज सेक्टर पदमसी की सुपरवाइजर श्रीमती अनीता नागौरी एवं सेक्टर की समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा महिला बाल विकास आष्टा में पदस्थ पुरुषोत्तम बाहेती के सेवानिवृत होने के उपलक्ष्य में विदाई समारोह का आयोजन ग्राम पदमसी में किया गया ।

इस अवसर पर श्री बाहेती ने अपने संबोधन में कहा कि मैं आप लोगों के बीच 34 वर्षों से कार्य कर रहा था ।आप सभी का भरपूर सहयोग मुझे मिला, जिसके कारण आष्टा वन परियोजना आज नंबर वन पर है ।आप सभी कार्यकर्ताओं की कठिन मेहनत के कारण ही महिला बाल विकास की एक अलग पहचान बनी हुई है। श्री बाहेती ने कहा कि अपने विभाग के अलावा चाहे स्वास्थ्य विभाग का कार्य हो, सर्वे का कार्य हो, चुनाव का कार्य हो हर कार्य में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती है और शासन की सभी योजनाओं में अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करती है। सेक्टर पर्यवेक्षक श्रीमती अनीता नागौरी ने श्री बाहेती का साफा तथा शाल श्रीफल देकर सम्मान किया ।

इस अवसर पर जून में सेवानिवृत होने वाली सुपरवाइजर कविता कावडे का भी सम्मान किया गया तथा माधुरी नारोलिया आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की सेवानिवृत्ति पर भी उनका सम्मान किया गया।कार्यक्रम का संचालन श्रीमती अनीता नागौरी के द्वारा किया गया।इस अवसर पर काफी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका आदि उपस्थित थीं।

“प्रचार प्रसार के अभाव में तीन दिवसीय पुस्तक मेले का पहला दिन रहा फ्लॉप शो ,दिनभर में एक भी अभिभावक नही पहुंचा मेले में, पुस्तक विक्रेता बैठे रहें फुर्सत में
पुस्तक मेला बना रसमदायगी,जब प्रचार प्रसार ही नही हुआ तो आयेगा कौन, पुस्तक विक्रेता भी यही चाहते है,उनकी भी मंसा हो रही है पूरी”

निजी स्कूलों एवं पुस्तक विक्रेताओं की मनमानी को रोकने के लिए शासन की मंशा अनुसार ज़िला प्रशासन के निर्देश पर आष्टा में पुस्तक मेला अयोजित किया गया! लेकिन अब यह पुस्तक मेला ही सवालों के घेरे में आ गया है और पुस्तक मेले के नाम पर महज़ रस्म अदायगी देखने को मिल रही है लिहाज़ा तीन दिवसीय पुस्तक मेले का पहला दिन फ्लॉप शो बनकर रह गया । जिसका एक बडा कारण प्रायवेट स्कूलों पर स्थानीय शिक्षा विभाग की कोई लगाम नही दिखाई देना भी नजर आ रहा है ।


गौरतलब है की डॉक्टर मोहन यादव सरकार मध्य प्रदेश में प्रायवेट स्कूलों की मनमानी और लूट पर लगाम लगाने के उद्देश से प्रदेश के हर जिले में पुस्तक मेले का आयोजन कर रही है और उक्त पुस्तक मेले के अंतर्गत स्कूली बच्चों के अभिभावकों को किताब, कॉपी यूनिफार्म स्कूल बैग सहित अन्य उपयोगी सामग्री न्यूनतम दामों पर उपलब्ध कराना है । इसी को लेकर शिक्षा विभाग ने आष्टा के उत्कृष्ट स्कूल में तीन दिवसीय पुस्तक मेले का आयोजन किया है । लेकिन जीस तरह बिना प्रचार प्रसार के यह पुस्तक मेला अयोजित हो रहा है वह अब सिर्फ़ रस्म अदायगी और खानापूर्ति ही दिखाई दे रहा है । जिससे हर बार की तरह इस बार भी स्कूली बच्चों के अभिभावक अपने आप को ठगा हुआ महसूस करेंगे । ओर पुस्तक बिक्रेताओं की लूट के शिकार होंगे.?

“ऐसे कैसे लगेगी प्रायवेट स्कूलों की लूट और मनमानी पर लगाम, शिक्षा विभाग भी बेबस हुआ”

सरकार की मंशा पर प्रदेश के हर ज़िले में पुस्तक मेला अयोजित किया जा रहा है वही मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से सटे सिहोर ज़िले की आष्टा तहसील में भी ज़िला प्रशासन के निर्देश पर शिक्षा विभाग द्वारा कन्नोद रोड़ स्थित उत्कृष्ट स्कूल में तीन दिवसीय पुस्तक मैला अयोजित किया गया है ।
लेकिन जीस तरह से छोटे से कमरे में गुपचुप तरीके से प्रचार प्रसार के अभाव में यह पुस्तक मैला अयोजित किया जा रहा है उससे अब यह पुस्तक मैला सवालों के घेरे में आ गया है और महज खानापूर्ति ही दिखाई दे रही है ।
क्योकि पुस्तक मेले के पहले दीन महज चार से पांच पुस्तक विक्रेता ही इस मेले में पहुंचे और इनके पास सिर्फ़ कुछ स्कूलों की महत्त्वपूर्ण किताबे (कोर्स) ही उपलब्ध था ! ऐसे में इस पुस्तक मेले में कई प्राइवेट स्कूलों की किताबे उपल्ब्ध नही थीं! जिससे ऐसे प्राइवेट स्कूलों की पोल उजागर हुईं जिन्होंने शिक्षा के नाम पर खुली लूट मचा रखी है और शिक्षा के इन ठेकेदारों की लूट को रोकने में स्थानीय शिक्षा विभाग के अधिकारी भी बेबस नजर आते है ।

“यह कैसा पुस्तक मैला,ना यूनिफार्म, ना स्कूल बैग, ना नामी गिरामी प्रायवेट स्कूलों की किताबे”

शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित हो रहे इन पुस्तक मेलो में तमाम प्राइवेट स्कूलों की महत्त्वपूर्ण किताबो सहित, यूनिफार्म, स्कुल बैग सहित अन्य जरूरी सामग्री को कम दामों में उपल्ब्ध कराना था लेकिन आष्टा का पुस्तक मेला एक तो खुले मैदान की जगह छोटे से कमरे में गुपचुप तरीके से आयोजित किया जा रहा है
जिसका कोई प्रचार प्रसार भी नही किया गया, ना उक्त पुस्तक मेले में शहर सहित ग्रामीण इलाकों के कई नामी गिरामी प्राइवेट स्कूलों की किताबे, यूनिफार्म तक उपलब्ध नहीं है और तो शहर के कई ऐसे पुस्तक विक्रेताओं ने भी इस मेले से दूरी बनाई हुईं है जिनके पास कई वर्षो से शहर के प्राइवेट स्कूल वाले अपनी किताबे रखकर स्कूली बच्चों से मोटी कमाई करते आए है और ऐसे पुस्तक विक्रेताओं और प्राइवेट स्कूल वालों पर अब लोग कार्यवाही की मांग कर रहे हैं । वही ऐसे स्कूलों की जानकारी भी अधिकारियो से मांगी गई है जिनकी किताबे पुस्तक मेले में उपलब्ध नही थीं । इस पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने ऐसे स्कूलों पर नोटिस जारी कर कार्यवाही की बात कही है ।

“बीना प्रचार प्रसार के खुले मैदान की जगह गुपचुप तरीके से आयोजित हो रहा है पुस्तक मेला”

जीस पुस्तक मेले के अंतर्गत शहर सहित ग्रामीण इलाकों के लोगों को न्यूनतम दामों में स्कूली किताबे यूनिफार्म, स्कूल बैग मिलना था वह पुस्तक मेला जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते फ्लॉप शो बन रहा है और इसका सबसे बड़ा कारण उक्त मेले का उचित प्रचार प्रसार नही होना है जिसके चलते ग्रामीण इलाकों के स्कूली बच्चों के अभिभावको को तो छोड़िए शहर के स्कूली बच्चों के अभिभावकों तक इस महत्त्वपूर्ण मेले की जानकारी नही है!
अब बडा सवाल खड़ा होता है की क्या वाकई में शासन की मंशा है की प्राइवेट स्कूलों की मनमानी और लूट पर लगाम लगाई जाए…?
या फीर इन प्राइवेट स्कूलों के सामने स्थानीय शिक्षा विभाग बोना नजर आ रहा है जो इनकी मनमानी और लूट को रोकने में असफल साबित हो रहा है ।

इनका कहना
इस मामले पर बीईओ अजब सिंह राजपुत ने कहा की जिन स्कूलों की किताबे मेले उपल्ब्ध नही हो रही है उन्हे नोटिस जारी कर उचित कार्रवाई करेंगे। वही बीआरसी तरुण बैरागी ने भी कहा मेले की जानकारी सभी को भेजी गईं है और जो प्रायवेट स्कूलों की किताबे यह उपलब्ध नहीं है उनकी किताबे उपल्ब्ध कराने का प्रयास करेंगे नही तो स्कुलो और पुस्तक विक्रेताओ पर कार्यवाही करेगें ।

“ओर चलते चलते की बड़ी खबर”

जिला पंचायत सीहोर सीईओ ने कुछ दिनों पूर्व आष्टा जनपद पंचायत की एक ग्राम पंचायत खड़ी हॉट के एक पूर्व सरपंच एवं सचिव को एक कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया था। जिसने शासन को 1 करोड़ 54 लाख रुपये न्यायालय के आदेश पर कुछ लोगो को भुगतान करना पड़ा था,जिसको लेकर एक जांच दल गठित किया गया था,उसने जो प्रतिवेदन दिया उसमे शासन को जो 1 करोड़ 54 लाख का भुगतान करना पड़ा उसमे उस वक्त के सरपंच एवं सचिव को जिम्मेदार ठहराया गया। सूचना पत्र में कहा गया कि शासन को जो उक्त राशि के रूप में आर्थिक क्षति हुई उसकी बसूली क्यो ना आप से की जाये। उक्त सूचना पत्र 25/4/2024 को जारी किया था तथा एक सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा था। लेकिन समय सीमा के बाद भी करीब 30 दिन हो गये जवाब पेश नही किया। इस बारे में जिला पंचायत के सीईओ से जब चर्चा की तो उन्होंने बताया की चुनाव कार्य मे लगे होने के कारण जानकारी नही है,जानकारी ले कर बताता हूं कि जवाब आया कि नही।

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