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आष्टा। राज्य में जल स्रोतों के संवर्धन और संरक्षण को ध्यान में रखकर विश्व पर्यावरण दिवस पर जल गंगा संवर्धन अभियान 5 जून से प्रारंभ होकर संपूर्ण प्रदेश सहित नगर में चलाया जा रहा है, जो निरंतर 16 जून तक चलेगा। इसका समापन गंगा दशहरा पर संपन्न होगा।


इस आशय की जानकारी जल-गंगा संवर्धन व संरक्षण अभियान के तहत नगर की धरोहर कमल तालाब पर चलाए गए साफ-सफाई अभियान के दौरान नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने दी। नपाध्यक्ष प्रतिनिधि श्री मेवाड़ा ने कहा कि जल, पृथ्वी, पर्वत, नदी, पेड़-पौधों में जीवंतता है और वे हमारे लिए पूज्यनीय हैं।

जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत सभी लोग एकजुट होकर जितना हो सके जल का संरक्षण एवं संवर्धन अवश्य करंे और अपनी भावी पीढ़ी को विशेष उपहार दें, जिससे उन्हें जल संकट का सामना न करना पड़ें। उन्होंने कहा कि पेड़ और मनुष्य एक-दूसरे के पूरक हैं।

पेड़ों के बिना मनुष्य का जीवन संभव नहीं है। पेड़ हमें ऑक्सीजन देते हैं तथा बदले में हम उन्हें कार्बनडाई ऑक्साइड गैस देते हैं, जो पेड़-पौधे गृहण करते हैं। हम सभी के जीवन में पेड़-पौधों का भी विशेष महत्व है। जल है तो ही हमारा जीवन है। जल का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि नागरिकों के सहयोग के बिना यह अभियान संभव नहीं है। सबको आगे आकर जल संवर्धन एवं संरक्षण हेतु प्रयास करना होगा।


श्री मेवाड़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि जल संवर्धन एवं संरक्षण अभियान के तहत नगरपालिका द्वारा संपूर्ण नगर के जलस्त्रोतों की व्यवस्थित साफ-सफाई की जा रही है, वहीं पार्वती नदी, काला तालाब, कमल तालाब की पालों पर पौधा रोपण भी किया जा रहा है। साथ ही नगर के संपूर्ण नाला-नालियों की उचित साफ-सफाई की जा रही है। यह अभियान निरंतर 16 जून तक जारी रहेगा जो गंगा दशमी के अवसर पर पूर्ण होकर समाप्त होगा।

अभियान के तहत आज नगर के काला तालाब पर गहरीकरण कार्य किया गया, वहीं कमल तालाब पर साफ-सफाई की गई। इस अवसर पर पार्षद कालू भट्ट, रवि शर्मा, सुभाष नामदेव, उपयंत्री पी.के. साहू, दरोगा अमरदीप सांगते, पप्पू खरे, प्रहलाद वर्मा, कैलाश बागवान, आशीष बैरागी, विजय मेवाड़ा, फूलसिंह मालवीय, गबू जेसीबी, मनीष किल्लौदिया आदि मौजूद थे।

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